Aldehydes, Ketones and Carboxylic Acids (OC) - 04...
लाइट क्यों बंद कर रही है?
देखो हम लोग मेथड ऑफ प्रिपरेशन पढ़ रहे थे
और मेथड ऑफ प्रिपरेशन में हम लोग
एल्डिहाइड और कीटोन का प्रिपरेशन सुनो
पहले एल्डिहाइड कीटोन का प्रिपरेशन पढ़
रहे थे फ्रॉम ग्रग्नार्ड रजेंट से।
ग्रग्नार्ड रिएजेंट की मदद से हम कैसे
बनाते हैं? ठीक है?
तो इसके लिए हम लोग क्या किए थे कि हम लोग
लिए थे एक ग्र्रेग्नड रिएजेंट की मदद से
हम लोग कैसे बनाते हैं? सुनो पहले। हम लोग
लिए एक साइनाइड।
साइनाइड को हम लोग क्या बोलते हैं?
नाइट्राइल भी बोलते हैं। यह जो साइनाइड है
ना इसी साइनाइड को हम लोग नाइट्राइल भी
बोलते हैं। और इसके ऊपर हम लोग डालते हैं
ग्रग्नाड रिएजेंट। तो ग्रग्नड रएजेंट
हमारा दो तरह का हो सकता है। आर एमgx और
पीएच एमgx ऐसे।
ठीक है? तो यह ग्रग्नाड रिएजेंट है। और इस
ग्रग्नाड रिएजेंट के साथ हम लोग लेते हैं
वाटर।
ऐसे
कभी भी अगर ग्रग्नाड रजेंट का रिएक्शन
किसी के साथ करना हो तो पहले क्या करते
हैं हम लोग? कार्बन और मैग्नीशियम के बीच
का बॉन्ड तोड़ते हैं। और जब बॉन्ड
तोड़ेंगे तब बॉन्ड टूटने के बाद क्या होता
है? मैग्नीशियम बनाता है प्लस और कार्बन
बनाएगा माइनस।
यहां से निकलेगा फिनाइल आयन।
यह निकला फिनाइल आयन। यह जो फिनाइल आयन है
ना यह है न्यूक्लियोफाइल।
अब इसको रिएक्शन करना है साइनाइड के साथ।
तो न्यूक्लियोफाइल किसके साथ रिएक्शन करता
है? तो न्यूक्लियोफाइल हमेशा रिएक्शन करता
है इलेक्ट्रोफाइल के साथ। अब इस पूरे
साइनाइड में इलेक्ट्रोफाइल देखो कौन है।
इलेक्ट्रोाइल का मतलब है कि जिस कार्बन के
ऊपर पॉजिटिव चार्ज हो उसी को इलेक्ट्रोाइल
कहेंगे। तो नाइट्रोजन का एन ज्यादा होता
है। तो नाइट्रोजन के ऊपर माइनस और इस
कार्बन के ऊपर प्लस चार्ज है। लेकिन
दिक्कत क्या है ना कि ये कार्बन तो चार
बॉन्ड बना के बैठा हुआ है। तीन इधर और एक
इधर। अब ये तो न्यूक्लियोफाइल के साथ
बॉन्ड नहीं बना पाएगा।
तो जैसे ही न्यूक्लियोफाइल इसकी तरफ
अप्रोच करता है ना बॉन्ड बनाने के लिए
कार्बन क्या करता है? अपना एक पाई बॉन्ड
का इलेक्ट्रॉन नाइट्रोजन को दे देता है
इधर और दे के और ये क्या करता है इसके साथ
बना लेता है बॉन्ड अब CH हो गया डबल ब्ड
सॉरी यहां हो गया C इसके साथ ये एक बॉन्ड
बन गया रिंग का डबल ब्ड और यहां हो गया N
माइनस
जब भी कार्बन और नाइट्रोजन के बीच में डबल
ब्ड आ जाए तो हम लोग इस को बोलते हैं
इमीन।
ये जो कंपाउंड है ना इसको हम लोग बोलते
हैं इमीन। कार्बन नाइट्रोजन डबल बॉन्ड दिख
जाए ऑर्गेनिक में इमीन इसको बोलते हैं। और
इमीन का इस दुनिया में एक सबसे बड़ा
दुश्मन है और वो है वाटर।
तुम वहां से उठ जाओ तो तुम ही को बोलते
हैं। तुम ही को बोल तुम ही को बोल। अरे
तुम ही को बोल ना इधर।
जी आइए इधर कॉपी लेकर के
कॉपी लेकर के आओ ना इधर आ जाओ इधर
आओ जल्दी आओ
अरे कुछ नहीं हम कुछ कहां कुछ कह रहे हैं
तुम इधर आओ इधर आओ
तुम आओ ना इधर अरे आओ ना मेरे सामने बैठो
ना ज्यादा अच्छा लगता है
तुम मेरे सामने रहते हो ना हमको ज्यादा
अच्छा लगता है आओ इधर
अगर हम गर्दन देख लिए ना तो सीधा यहां से
बाहर भगा देंगे। अगर इधर उधर घूमते हुए
देख लिए गर्दन को या तो यहां बैठो और नहीं
तो वहां सीधा यहां देख ना तो दाहिने ना तो
बाएं।
ठीक है?
अब यहां देखो अब ये बना इमीन। अब इमीन कभी
भी इमीन का सबसे बड़ा दुश्मन वाटर होता
है। जैसे ही इमीन बनता है ना वाटर क्या
करता है? इस कार्बन नाइट्रोजन के बीच का
बॉन्ड जो है ना इसको यहां से ब्रेक कर
देता है।
तो जैसे ही हम किसी बॉन्ड को तोड़ते हैं
तो इलेक्ट्रॉन हमेशा मोर इलेक्ट्रोनेगेटिव
एटम की तरफ जाता है। तो यहां पे जैसे ही
बॉन्ड तोड़ेंगे ना ये जो कार्बन का जो
इलेक्ट्रॉन है यह चला जाएगा किधर?
नाइट्रोजन की तरफ।
वो था वो है तुम ही था ना फिर हां
वो वो था वो था वो तुम तुम भी कॉपी लेकर
के इधर आ जाओ ना तुम्हारा वो हम करवा रहे
हैं इधर आ जाओ तुम ही थे तुम ही थे आओ
मेरे हां जी आ जाओ बैठो यहां पे
यहां पे बैठो यहीं पे बैठ य पे बैठो और था
दो लोग और था एक उधर इधर था एक इधर था
ये तो था हम जानते हैं ये तो था इसको तो
हम ही देखे हैं अच्छा ये बताओ सुनो इधर ये
बताओ ये वो वाला आत्मा रात कहां से होया
हम तो तुमको शरीफ समझते थे तुम अच्छे
बच्चे हो और ये शरीफों
शरीफों के भेष में यह सब गंदा गंदा काम
क्यों कर रहे हो
तुम भी था ना
था
इधर से भी था एक हां उधर से था हमको मालूम
है इधर से था
एक वहां से एक ये एक यहां से था
हम देख रहे हैं अरे हम देख रहे हैं सब ठीक
है। वो नहीं कह रहा है। कह रहा है कि यह ओ
वो वाला जो ट्रेनिंग है कहां से लाया है?
रात में कुछ गड़बड़ नहीं है। जी
मतलब ऐसा हरकत कर रहा है ना कि जी
म्यूटेशन हो जाएगा ना। समझ रहे हो ना? आने
वाला ओ ही करेगा।
देखो इधर ठीक है ठीक है
चले जाओ अपनी जगह पे बैठ जाओ
तुम्हारा मन नहीं लगेगा अभी तक चले जाओ
चले जाओ कोई दिक्कत नहीं अरे मेरे तरफ से
कोई दिक्कत नहीं
बस दोबारा ओ मत करना
देखो इधर
ठीक है कोई बात नहीं कोई बात नहीं देखो
यार जब भी बंड टूटेगा ना तो यह जो ब्ड का
जो कार्बन का जो दोनों इलेक्ट्रॉन है ना
ये भागेगा नाइट्रोजन की तरफ तो नाइट्रोजन
के ऊपर एक माइनस पहले से था दो इलेक्ट्रॉन
आ गया तो कितना माइनस दो और हो जाएगा और
इधर कितना प्लस हो जाएगा दो प्लस बन गया
वाटर की जिम्मेवारी होती है कि जब भी वो
बॉन्ड तोड़ता है तो प्लस माइनस जो चार्ज
बन रहा है ना उसको खत्म करना है तो प्लस
को खत्म करने के लिए वाटर क्या करता है?
उतना OH- भेज देता है और उतना ही इधर H
प्लस भेज देता है।
अब देखो इधर कितना तीन H नाइट्रोजन के साथ
मिला तो यह क्या बन गया? अमोनिया। यह तो
गैस बना निकल गया। इसकी कहानी खत्म। यहां
देखो CH3 है और C यह रिंग हो गया और इस
कार्बन के ऊपर
दो OH आ गया और एक कार्बन के ऊपर एक से
ज्यादा OH क्या बनाता है? अनस्टेबल और खुद
को स्टेबल बनाने के लिए वाटर बनाएगा ना।
तो वाटर के लिए यहां से ऐसे यहां माइनस और
यहां प्लस। तो जब O माइनस निकलेगा तो
कार्बन पर प्लस हो जाएगा।
कहां से त्रिपाठी जी इतना हां जाइए जाइए
और यहां ऑक्सीजन पे माइनस और ये रेजोनेंस
करके डबल ब्ड तो देखो CH3 है कार्बन
ऑक्सीजन के बीच में डबल ब्ड और एक रिंग को
यहां से
क्या बन गया कीटोन
इस तरीके से हम लोग बनाते हैं।
हो गया।
एक दूसरा एग्जांपल देते हैं।
बंद कर लेना मोबाइल अच्छी बात नहीं है।
एक तो हम भी आते हैं तो साइलेंट करके रख
देते हैं।
हो गया।
अब देखो एक रिएक्शन है। दूसरा हम लोग कैसे
बनाते हैं? हमको साइनाइड से बनाना है
एल्डिहाइड। तो सेकंड बनाते हैं बाय
स्टीन्स रिडक्शन।
स्टीफ्स रिडक्शन
स्टीफनस रिडक्शन में हम लोग क्या करते
हैं? देखो स्टीफेंस रिडक्शन में हम लोग
लेते हैं अल्काइल्स। कोई भी साइनाइड ले
लेंगे। कैसा भी साइनाइड ले सकते हैं। और
इस साइनाइड के ऊपर हम लोग क्या करते हैं?
डाल देते हैं SnCl2
और साथ में लेते हैं HCL। इसी को बोलते
हैं स्टीफेंस रिडक्शन। तो स्टीफनेस
रिडक्शन रिडक्शन है नाम है रिडक्शन। तो
रिडक्शन का मतलब क्या होता है? रिडक्शन का
मतलब होता है एडिशन करना है हमको। क्या?
एडिशन ऑफ हाइड्रोजन। अच्छा रिडक्शन का
मतलब होता है रिमूवल ऑफ ऑक्सीजन। यहां
ऑक्सीजन है क्या? तो हमको क्या करना होगा?
हाइड्रोजन। अब हाइड्रोजन यहां कहीं दिख
रहा है? H के पास। लेकिन H के पास H+ है।
H+ को कैसे ऐड करेंगे? वहां तो इलेक्ट्रॉन
ही नहीं है। तो देखो होता क्या है?
अब आप बताइए Sn किस ग्रुप का एलिमेंट है?
PT के किस ग्रुप का एलिमेंट है?
15 का
नहीं जी जान लगा के पढ़ो।
किस ग्रुप का एलिमेंट है? 14 का। और इस
ग्रुप का जो भी एलिमेंट होगा उसका
मैक्सिमम ऑक्सीडेशन स्टेट कितना होगा? यही
जो लास्ट वाला है यही मैक्सिमम ऑक्सीडेशन
स्टेट है। तो इस कंपाउंड के अंदर आप
ऑक्सीडेशन नंबर निकालोगे तो मिलेगा +2। और
Sn के पास पॉसिबिलिटी है। Sn को जब डालोगे
ना एसिडिक मीडियम में तो वो अपना मैक्सिमम
ऑक्सीडेशन स्टेट बनाता है। है +2 HCL के
साथ ले रहे हैं ना जैसे ही HCL में इसको
डालेंगे ना यह +2 से कन्वर्ट कहां हो
जाएगा +4 में
अब +4 बनाएगा तो कितना इलेक्ट्रॉन लॉस
करेगा दो इलेक्ट्रॉन एसिड में दो
इलेक्ट्रॉन छोड़ दिया अब जैसे ही दो
इलेक्ट्रॉन छोड़ेगा ना HCL क्या करेगा दो
H+ छोड़ देगा क्योंकि इलेक्ट्रॉन कौन
एक्सेप्ट करेगा H+
अब ये देखो H+ दो इलेक्ट्रॉन मिल मिलकर के
क्या बना लिया? दो हाइड्रोजन और दो
हाइड्रोजन मिलकर के क्या बना लिया? H2 बन
गया H2। अब H2 का क्या करेंगे? एडिशन।
कहां एडिशन करते हैं? पाई बॉन्ड पे। एडिशन
कहां करेंगे? पाई बॉन्ड पे ना। अब पाई
बॉन्ड तो कार्बन नाइट्रोजन के बीच में है
ना। दो पाई बॉन्ड पे। हमको कितना H2 मिला?
एक। एक H2 को क्या करेंगे? कार्बन
नाइट्रोजन के ऊपर ऐड कर देंगे।
एक हाइड्रोजन यहां ऐड कर देंगे। एक यहां
ऐड कर देंगे।
और यह जैसे ही ऐड करेंगे यह कंपाउंड फिर
से देखो कन्वर्ट हो गया। किस में? इसको
पहचानते हैं ना? क्या बना ये इमीन। और
इमीन का आप जानते ही हैं। इसकी दुश्मनी का
हम लोग फायदा उठाते हैं। डाल देते हैं
वहां पे। जैसे ही आप वाटर डालोगे, वाटर
आएगा दोनों ब्ड ब्रेक कर देगा। जैसे ही
ब्ड तोड़ेगा कार्बन का इलेक्ट्रॉन भाग के
चला गया नाइट्रोजन की तरफ। अब वाटर की ये
रिस्पांसिबिलिटी है
कि इधर दो OH भेज दे। इधर दो H+ भेज दे।
ये देखो दो H+ और एक H तीन हो गया। तो इधर
तो अमोनिया बन गया। इधर देखो R के ऊपर
क्या आ गया? दो OH आ गया ना?
तो R के ऊपर जब दो OH आ जाए तो खुद को
स्टेबल बनाने के लिए वाटर बना लेगा। वाटर
बनाने के लिए OH- निकलेगा तो कार्बन पे
क्या बन जाएगा? प्लस और H प्लस निकलेगा
दूसरे OH से तो ऑक्सीजन पे माइनस माइनस
प्लस रेजोनेंस करके डबल बन गया।
ओम
सर जल्दी
तुम लोग नहीं ना प्रोटेस्ट में
पीडब्ल्यू के टीशर्ट की टीशर्ट दिख रहा है
क्या
ये सब काम मत कीजिए
ठीक है।
अननोन लोगों पे एफआईआर है। सारे डिटेल्स
है।
बेवजह का क्यों आप अपना करियर पे लगा रहे
हैं?
करेगा कोई और
सर पे आएगा क्योंकि टीशर्ट जो है ना वह
इतना हाईलाइटेड है ना।
कहीं भी खुराफात हो रहा है
और गांधी मैदान गेट के पास तो आप लोग
विख्यात दोनों हैं।
इसलिए इन सब चीजों से थोड़ा सा बच के
रहिए। एक दाग लग गया ना पूरा जिंदगी नहीं
मिट पाएगा करियर को। करियर बनाते रह
जाइएगा कुछ नहीं होगा।
क्या हुआ जी?
क्या हुआ? अरे
क्या हुआ त्रिपाठी जी?
तुमको हम क्या बोले?
हां। देख बस वही दिखना चाहिए। नीचे ना
ऊपर।
लिखो जल्दी लिखो ना
हटाए इसको।
अच्छा जिनका हो गया है जरा इसको बनाइए तो
इस क्वेश्चन को।
Sn2
साथ में HCL बनाइए ना इसको।
हो गया सर
देखिए इसको बताते हैं। फिर से एक बार कभी
भी अगर हमको स्टिकेंस रिडक्शन मिले तो
स्टिकेंस रिडक्शन के लिए हमेशा साइनाइड के
ऊपर SnCl2 मिलेगा। साथ में HCl मिलेगा।
अगर यह मिला तो पहले तो साइनाइड के ऊपर
जैसे ही Sn मिलेगा Sn यहां +2 में है और
Sn दो इलेक्ट्रॉन लॉस करेगा और बनाएगा
Sn+4
Sn का काम था इलेक्ट्रॉन देना। दे दिया और
इस इलेक्ट्रॉन के लिए दो इलेक्ट्रॉन के
लिए HCL दो H+ देगा। दोनों मिलकर के बना
लेंगे फिर से H2 हम लोग साइनाइड में क्या
करते हैं? पाई ब्ड तोड़ करके और दोनों एटम
के बीच में एक-एक हाइड्रोजन जोड़ देते
हैं। और एडिशन ऑफ हाइड्रोजन ही कहलाता है
रिडक्शन।
तो यहां पे यह हो जाएगा रिडक्शन। रिडक्शन
होगा तो यह कंपाउंड बन जाएगा इमीन में और
इमीन का हम दुश्मनी का फायदा उठाते हैं और
इसके ऊपर डाल देते हैं वाटर। वाटर क्या
करता है? इमीन में कार्बन नाइट्रोजन का
दोनों ब्ड ब्रेक कर देगा। इलेक्ट्रॉन
पहुंचा देगा नाइट्रोजन को और कार्बन पे
बना देगा दो प्लस। प्लस बनने के बाद वाटर
क्या करता है? जिधर प्लस चार्ज है उधर
उतना OH-
और जिधर माइनस चार्ज है उधर उतना H प्लस
दे देता है।
तो नाइट्रोजन तो अमोनिया में कन्वर्ट हो
गया लेकिन इधर जो बेंजीन का रिंग है इस
रिंग में CH के ऊपर दो OH आ गया और एक
ऑर्गेनिक कंपाउंड में एक कार्बन के ऊपर एक
से ज्यादा OH हो अनस्टेबल होता है। खुद को
स्टेबल बनाने के लिए वाटर बनाता है। वाटर
बनाने के लिए हमको OH- लेना पड़ेगा और एच
प्लस लेना पड़ेगा। तो जब माइनस लेंगे तो
कार्बन पे प्लस बन जाएगा और जब एच प्लस
हटाएंगे तो ऑक्सीजन पे माइनस बन जाएगा और
माइनस और प्लस रेजोनेंस कर जाएगा और
रेजोनेंस करके यहां बनाएगा डबल
ठीक है।
इसके बाद लिखिए नेक्स्ट
रिडक्शन बाय डबल एच।
देखिए नेक्स्ट
रिडक्शन बाय
रिडक्शन बाय डबल एच अच्छा इसको लिखा ऐसे
ही जाता है डबल एच
डबल एच जो है ना?
इसका पूरा नाम तो आप जानते होंगे। इसका
पूरा नाम होता है डाई आइसो ब्यूटाइल
एलुमिनियम
एलुमिनियम हाइड्राइड
इसका नाम है डबल का। अच्छा इसके नाम में
भी देखो यह वर्ड आपको दिख गया। हाइड्राइड।
हाइड्राइड को ऐसे ही यही रिपजेंट करते हैं
यहां पर हम लोग।
और इसका स्ट्रक्चर कुछ ऐसे मिलेगा।
आइसोब्यूटाइल का स्ट्रक्चर तो ऐसा ही
होगा।
इसी को बोलते हैं आइसोब्यूटाइल
और यही हो गया एलुमिनियम हाइड्राइड। ऐसे
ये किसी भी तरीके से या तो ऐसे लिख के
मिले या तो ऐसे लिख के मिले या तो ऐसे
मिले। तीनों ही है। तीनों ही तरीका है डबल
एच लिखने का।
डबल एच जो होता है ना यह हाइड्राइड डोनर
होता है। कभी भी आप डबल एच का रिएक्शन
करेंगे किसी के साथ हमेशा ये H- डोनर
होगा। H- डोनर पहले इतना लिख लीजिए।
देखिए
अब देखो अब डबल एच से हम लोग एल्डिहाइड या
कीटोन कैसे बनाते हैं? जनरली डबल एच से
एल्डिहाइड बनाया जाता है। दो ऐसे कंपाउंड
है जिनका हम रिडक्शन करते हैं डबल एच से
और बनाते हैं एल्डिहाइड। और कौन-कौन सा है
देखते हैं।
देखिए
नाम में क्या है? हाइड्राइड है ना? जिसके
भी नाम में हाइड्राइड है वह क्या डोनेट
करता है? H-
अब देखिए यहां पर
नोट करके लिखिएगा
डबल H डायबल H
रिड्यूसेस
रिड्यूसेस
साइनाइड
साइनाइड एंड ईस्टर
ईस्टर इनू
एल्डिहाइड
टाइप एच जो है ना साइनाइड और ईस्टर को
एल्डिहाइड में कन्वर्ट करता है। ठीक है?
और दूसरा याद रखिए एंड इट डज नॉट
इट डज नॉट रिड्यूसेस
रिड्यूसेस
एनी
कार्बन कार्बन डबल बॉन्ड और कार्बन कार्बन
ट्रिपल बॉन्ड।
तो डबल एच में है ना डबल एच सिर्फ और
सिर्फ साइनाइड और ईस्टर को ही एल्डिहाइड
बना सकता है। अगर मॉलिक्यूल के अंदर डबल
या ट्रिपल बंड है तो डबल एच उसको रिड्यूस
नहीं कर सकता है। तो डबल एच को हम लोग यूज
करते हैं साइनाइड के ऊपर। कैसे? जैसे मान
लो हम एक साइनाइड ले लिए मिथाइल साइनाइड
या इसी का आईयूपीएसी नेम हो जाएगा इथेन
नाइट्राइल। साइनाइड को ही नाइट्राइल कहते
हैं।
इसके ऊपर आपको लिख के दिया जाएगा ऐसे ही
डबल एच
जब कभी भी डबल एच दिया जाता है तो हमेशा
वाटर के प्रेजेंस में लिया जाता है। तो
वाटर कभी आपको लिख के दिया जाएगा कभी नहीं
लिख के दिया जाएगा। तो वाटर आप समझिएगा कि
बिना वाटर का इसको यूज़ नहीं करते हैं। यह
है रिड्यूसिंग एजेंट और हमको साइनाइड का
रिडक्शन करना है। तो रिडक्शन हम दो ही
तरीके से कर सकते हैं। हाइड्रोजन जोड़
करके ऑक्सीजन हटा करके हमको करना है इसका
रिडक्शन। तो क्या करेंगे? हाइड्रोजन ऐड
करेंगे। क्योंकि ऑक्सीजन तो है नहीं कि
ऑक्सीजन को हटा दे। तो इसीलिए अब
हाइड्रोजन तो कहीं ना कहीं से चाहिए हमको।
तो यहां पे होता है हाइड्राइड। तो डबल एच
एच माइनस रिलीज कर देता है। छोड़ देता है।
और H- जैसे ही छोड़ता है इसको पेयर करने
के लिए वाटर एच प्लस छोड़ देता है। और यह
H+ H- फिर क्या बन गया? H2
और इस H2 को हम लोग क्या करते हैं?
साइनाइड में एक पाई ब्ड ब्रेक करके और एक
हाइड्रोजन कार्बन के ऊपर एक हाइड्रोजन
नाइट्रोजन के ऊपर लगा देते हैं। जैसे ही
आप लगाएंगे देखो ये कंपाउंड फिर से ऐमीन
में कन्वर्ट हो गया। फिर बन गया इमीन। और
वाटर ऑलरेडी मीडियम में है। हमको अलग से
लेने की जरूरत नहीं है। वाटर क्या करता है
कि इमीन को आ के ब्रेक कर देता है। ब्रेक
करेगा तो कार्बन के दोनों इलेक्ट्रॉन
नाइट्रोजन के तरफ जाएंगे तो कार्बन पे
प्लस बनेगा। वाटर का काम है जिधर प्लस
चार्ज है उधर उतना OH-
जिधर माइनस चार्ज है उधर उतना H प्लस। एक
हिस्सा इधर अमोनिया बन गया और एक हिस्सा
इधर देखो
CH3 CH और इसके ऊपर आ गया दोh
ऐसे
और ये दो OH है तो ये फिर से खुद को
स्टेबल बनाने के लिए वाटर बना लेगा। जब
वाटर बनाता है तो OH माइनस निकलेगा तो
कार्बन पर प्लस बन जाएगा और H प्लस
निकलेगा तो ऑक्सीजन पर माइनस बनेगा। माइनस
प्लस रेजोनेंस कर जाएगा और इस तरह से डबल
एच जो होता है वो साइनाइड को एल्डिहाइड
में कन्वर्ट कर
इससे कीटोन नहीं बना सकते।
अब देखो सारे रिएक्शन एक ही तरीके से हो
रहा है।
तो आप
हां सही बात है।
हो गया लेकिन
तो ईस्टर को कैसे करते हैं? ईस्टर से हम
लोग बना लेते हैं एक बार।
साइनाइड से बस कोई भी साइनाइड मिले
एरोमेटिक एिफटिक ऐसे ही बनेगा। साइनाइड से
पहले इमीन बनाएंगे। इमीन के ऊपर वाटर डाल
देंगे। वैसे ही बन जाएगा।
चेंज करें स्लाइड।
देखो अबस्टर से अगर हमको बनाना हो तो कैसे
बनाएं? मान लो हमारे पास एक्टर है।
यह हो गया एक पिस्टर।
ये पिस्टल है और इसके ऊपर डबल एच
वाटर
डाल दिया। क्या बनेगा?
देखिए सबसे पहले पहले ईस्टर के बारे में
आते हैं।
आपको पता है कि एक फैमिली है कंपाउंड का
एक फैमिली है जिसको हम लोग बोलते हैं एसिड
एंड
डेरिवेटिव। बोलते हैं ना?
इस एसिड और डेरिवेटिव में मेंबर कौन-कौन
सा होता है? इसको बोलते हैं कि यह एसिड का
फैमिली है। इसमें एक मेंबर होता है जिसका
नाम है ईस्टर।
यही ईस्टर है। इस फैमिली का दूसरा मेंबर
है जिसका नाम है एमाइड।
इस फैमिली का तीसरा मेंबर है जिसका नाम है
एसिड हैलाइड।
और इसका कार्बोक्सिलिक एसिड का तो यह
परिवार ही है। एसिड तो है ही। उसके अलावा
डेरिवेटिव में कौन-कौन है? और एक है
एनहाइड्राइड।
यही है। यह जितने भी आपको मॉलिक्यूल दिख
रहे हैं ना इनको बोलते हैं डेरिवेटिव ऑफ
एसिड। यह एसिड के फैमिली के मेंबर है। और
डेरिवेटिव ऑफ एसिड में यह जो CO है ना
इसके साथ जो भी ग्रुप लगा होता है ना जो
भी यह सब के सब होते हैं लिविंग ग्रुप।
ठीक है?
ईस्टर तो उसी फैमिली का मेंबर है और हमको
पता है कि डबल एच करेगा रिडक्शन तो यह
रिलीज कर देगा क्या? H-
और वाटर देगा H प्लस। दोनों मिलके बनाया
H2O। जब भी हम रिडक्शन करते हैं तो
रिडक्शन करना होगा तो सबसे पहला काम करते
हैं कि लिविंग ग्रुप अगर कंपाउंड में है
तो पहले उसको हटाते हैं। तो एसिड
डेरिवेटिव में क्या है? लिविंग ग्रुप है।
क्योंकि लिविंग रिएक्शन यहीं से शुरू ही
होगा कि पहले लिविंग ग्रुप हटेगा। तो हमको
हाइड्रोजन ऐड करके लिविंग ग्रुप हटाना है।
यह रिडक्शन आप पहले भी पढ़ लिए हैं। तो
लिविंग ग्रुप तो इसमें यही है। अब इसको
हटाने के लिए H2 क्या करते हैं? एक CO के
ऊपर हाइड्रोजन जोड़ते हैं। एक ऑक्सीजन के
ऊपर बॉन्ड यहां से ब्रेक कर देते हैं।
यहां पे कार्बन कार्बन के बीच में है डबल
बॉन्ड। और डबल एच डबल और ट्रिपल बॉन्ड को
कभी भी रिड्यूस नहीं करेगा। नॉट रिड्यूस।
अब देखो यह ऑक्सीजन H लेकर के किस में
कन्वर्ट हो गया? इथाइल अल्कोहल में। और
इधर वाला जो पूरा हिस्सा है वो देखो किस
में कन्वर्ट हो गया? एल्डिहाइड।
इस तरह से ईस्टर को हम लोग एल्डिहाइड में
कन्वर्ट करते।
हो गया हटा दे
नेक्स्ट
हेडिंग दीजिए रोट मंड प्रोडक्शन
प्रिपरेशन करना है हमको
नेक्स्ट प्रिपरेशन बाय
रोशन
म्स प्रोडक्शन
देखो सबसे पहले रोस मंड रिडक्शन जो है ना
यह तो एक नेम रिएक्शन है और इसमें हम लोग
एक कैटालिस्ट यूज करते हैं जिसको हम लोग
बोलते हैं
रोसेंट मंड कैटालिस्ट
इसको बोलते हैं रोस मंड कैटालिस्ट। अब यह
रोस मंड कैटालिस्ट में क्या-क्या होता है?
तो इसमें होता है प्लेडियम और साथ में
होता है बेरियम सल्फेट।
इसी को बोलते हैं रोशन मंड कैटालिस्ट। यह
जो प्लेडियम होता है ना यह होता है यहां
कैटालिस्ट।
और यह जो बेरियम सल्फेट होता है ना इसको
हम लोग बोलते हैं कैटालाइटिक पोइजन।
पोइजन कैटाइटिक पोइजन इसी को यूज़ करते हैं
हम लोग। तो इसका काम क्या है? कि प्लेडियम
एक बार रिडक्शन करेगा और उसका कैटेलेटिक
प्रॉपर्टी खत्म हो जाएगा। अगर हम बेरियम
सल्फेट नहीं दें तो प्लेडियम कंटिन्यू
रिडक्शन करता रह जाएगा। जब तक कंपाउंड
पूरी तरह से रिड्यूस ना हो जाए। अगर हम
बेरियम सल्फेट डाल दें सिर्फ एक रिडक्शन
कर सकता है। उसके बाद यह खत्म हो जाएगा।
इसीलिए हम लोग इसको कैटेलेटिक पोइजन कहते
हैं। क्योंकि प्लेडियम के कैटा प्रॉपर्टी
को खत्म कर देता है। ये अब कैसे खत्म करता
है? तो हम लोग क्या करते हैं? रोेंट मंड
रिडक्शन का यूज़ कब करते हैं? हम लोग
कंपाउंड लेते हैं एसिड हैलाइड।
एसिड क्लोराइड इसमें सबसे फेमस है। इसी को
हम लोग एसाइल क्लोराइड भी कहते हैं।
इसको हम लोग कहते हैं एसाइल क्लोराइड। और
इस एसाइल क्लोराइड के ऊपर हम लोग डाल देते
हैं प्लेडियम
बेरियम सल्फेट और साथ में लेते हैं
रिडक्शन के लिए H2।
इसी को बोलते हैं। देखो तो यह एसिड हैलाइड
एसिड डेरिवेटिव का मेंबर है और एसिड
डेरिवेटिव का मेंबर है। तो यहां पे Cl
क्या होगा? लिविंग ग्रुप होगा। जब भी हम
कोई भी रिएक्शन करें तो सबसे पहला काम
होता है लिविंग ग्रुप को हटाना। अब लिविंग
ग्रुप को हम तो रिडक्शन कर रहे हैं ना। तो
लिविंग ग्रुप को हटाएंगे कैसे? हाइड्रोजन
की मदद से। इस हाइड्रोजन को कौन लेकर आता
है? प्लम। प्लेडियम क्या करता है?
हाइड्रोजन को अपने सरफेस पर अब्सॉर्ब कर
लेता है। और यह प्लेडियम पकड़ के लाएगा
हाइड्रोजन को और क्या करता है यहां कि
हाइड्रोजन को ऐड कर देता है कार्बन और
क्लोरीन के बीच में। बॉन्ड यहां से ब्रेक
कर देगा। यहां से HCL निकल गया और यह
हिस्साहाइड में कन्वर्ट हो गया। तो यहां
बन गया RCOH
और एक तरफ बन गया HCL। इस तरह से यह बन
गया एल्डिहाइड।
तो आप इसको भी बनाइए।
यह भी तो एसिड हैलाइड है और यहां दे दिए
प्लेडियम
बेरियम सल्फेट
साथ में H2O बनाइए।
ये तो सबसे बन गया होगा ना।
देखो H2 है ना यहां पे और इसी H2 को तो
क्या करना है? यहां ला के ऐड करना है। कौन
पकड़ के लाएगा? रेडियल।
ब्ड तोड़ेगा। HCL बाहर कर दिया।
एक रिएक्शन दे रहे हैं। देखते हैं कौन
बनाता है। जो बना देगा समझो हम मान
हटा दिया इसको। क्या हुआ?
H2
कहां से लाए? दिया हुआ है।
हां जी। रिएजेंट के साथ रिडक्शन करोगे
कहां? ये तो कैटलिस्ट है। रजेंट कौन है?
हाइड्रोजन है।
आइए।
प्लेडियम बेरियम सल्फेट तो कैटलिस्ट हो
गया। कैटलिस्ट एक जहर है। रिएजेंट कहां
है? तो रिएजेंट H2O है।
रिएक्शन
देखनी है आपने
जो बनाएगा ना हमको दिखाना
COCL
बनाओ
प्रोसेस बंड रिडक्शन में है ना देखो
कैटलिस्ट का वही यूज़ है
अरे बनाओ ना
बना लिए
बन गया ना
सबका बन गया गुड
गुड
तो सबका आंसर
नहीं भाई
यही है नहीं है सर
ये नहीं है क्या है देख जरा
कैसे
देखो कभी-कभी ना ज्यादा दिमाग नहीं लगाना
चाहिए ये रोशन मंड कैटालिस्ट है ना और
प्लेडियम है तो प्लेडियम का एक ही काम है
हाइड्रोजन को लाकर करके ऐड करना।
हाइड्रोजन ऐड करेगा तो यही बनेगा। सभी
लोगों का बना।
सबसे पहले ना यह कौन सा एल्डिहाइड है? एक
कार्बन के एल्डिहाइड को क्या बोलते हैं?
इसको बोलते हैं फॉर्मल डिहाइड।
देखो रोस मंड कैटालिस्ट से दुनिया के सारे
एल्डिहाइड बन सकते हैं। इसको छोड़कर यह
कभी भी इस रिडक्शन से नहीं बनेगा। क्यों
नहीं बनेगा? क्योंकि यह जो कंपाउंड है ना,
यही अनस्टेबल होता है।
यह आपको जैसे दिख रहा है ना वैसे रहेगा ही
नहीं। यह खुद CO और HCL में टूट जाएगा। तो
फिर वो बनेगा कहां से?
इसीलिए इस मेथड से कभी भी फॉर्मेल्डिहाइड
नहीं बना सकते हैं। बाकी कोई भी एल्डिहाइड
बन जाएगा। फॉर्मेल्डिहाइड नहीं बनेगा
क्योंकि फॉर्मेल्डिहाइड बनने के लिए हमको
यह लेना पड़ेगा और जैसे ही आप इसको लोगे
यह खुद टूट जाएगा। कौन बनाएगा? तो लिखिए
इसके नीचे एक नोट
लिखिए बाय रोशन मंड रिडक्शन
बाय रोशन मंड रिडक्शन
बाय रोशन मंड रिडक्शन फिर से उधर घुमा
बाय रोसन मंड रिडक्शन
फॉर्मल्डिहाइड
कैन नॉट बी बी प्रिपयर्ड
बाय रोशन बंड रिडक्शन फॉर्मेल्डिहाइड कैन
नॉट बी प्रिपयर्ड
बिकॉज
यह जो कंपाउंड है इसका नाम बताओ
फॉर्माइल क्लोराइड या फिर इसको बोल सकते
हैं मिथेनॉइल क्लोराइड
बिकॉज
क्लोराइड इज अनस्टेबल
बिकॉज मिथेन क्लोराइड इज अनस्टेबल
बिकॉजल
क्लोराइड इज अनस्टेबल
हो गया।
नेक्स्ट लिखो।
नेक्स्ट देखो अब अगला प्रिपरेशन है बाय
हाइड्रोलाइसिस
बाय हाइड्रोलाइसिस ऑफ जेमिनल डाईहलाइड
जेमिनल
डाई हैलाइड
जेमिनल डाईहैलाइड का मतलब क्या होता है एक
ही कार्बन पर दो हैलोजन देखो एक जेमिनल
डाईहलाइड ले लेते हैं। कोई भी ले लेते
हैं। सबसे फेमस हम लोग का जेमिनल डाईहलाइड
यह है। ऐसे और इसके ऊपर डाल देते हैं
एक्वस KOH
ऐसे।
ठीक है? देखो ये जेमिनल डाईहैलाइड है। अगर
जेमिनल डाईहलाइड के ऊपर आप रिएजेंट डाल
देते हैं। कोई भी रिएजेंट जिसके पास वाटर
है तो वाटर क्या करता है? हाइड्रोलाइसिस
करता है। कैसे हाइड्रोलाइसिस करेगा? देखो,
यह वाटर है।
वाटर क्या करता है कि यहां जो कार्बन
क्लोरीन का जो बॉन्ड है ना इस बॉन्ड को
ब्रेक करता है। अब कार्बन क्लोरीन बॉन्ड
देखो। कार्बन क्लोरीन की
इलेक्ट्रोनेगेटिविटी ज्यादा होगी। तो यहां
पे हो जाएगा प्लस। इधर माइनस यहां भी
प्लस।
दो बॉन्ड है। वाटर क्या करेगा? दोनों
बॉन्ड को ब्रेक कर देगा। यहां पे जब यह
दोनों बॉन्ड ब्रेक करता है वाटर
वाटर जब दोनों बॉन्ड ब्रेक करेगा तो अब आप
बताओ इधर कार्बन के ऊपर नेट प्लस चार्ज
कितना बनेगा? दो
तो ये क्या करेगा? इस साइड में दो ओH देगा
और Cl के ऊपर नेट दो Cl है ना? तो इधर
कितना H दे देगा? 2 H और यहां से इस दोनों
ब्ड को यह कर देगा ब्रेक।
इसी को बोलते हैं हाइड्रोलाइसिस।
जैसे ही बॉन्ड ब्रेक होगा देखो फिर से
वैसे ही CH और एक कार्बन के ऊपर दो OH
फिर अनस्टेबल होगा। यहां से वाटर निकल
जाएगा। वाटर निकलेगा तो OH- निकलेगा। H
प्लस निकलेगा। तो कार्बन पर प्लस ऑक्सीजन
पर माइनस माइनस प्लस रेजोनेंस करेगा
और यहां बन जाएगा।
तो जरा एक आप इसको बना के दिखाइए।
यहां बताइए डाइल्यूट NaOH
बनाइए तो इसको
नहीं से अलकोहलिक एलिमिनेशन करता है।
यह बन गया।
देखिए इसमें भी वही करेंगे ना।
देखो डाइल्यूट है और यहां पर क्या करेगा?
ये हाइड्रोलाइसिस।
हाइड्रोलाइसिस में दो बॉन्ड टूटेगा ना।
देखो एक बॉन्ड ये टूटेगा तो ब्रोमीन के
ऊपर तो माइनस चार्ज होगा। कार्बन के ऊपर
यहां प्लस होगा। एक बॉन्ड ये टूटेगा। इधर
भी ब्रोमीन के ऊपर माइनस होगा। कार्बन के
ऊपर प्लस होगा। वाटर एक ब्ड इसको तोड़ा
इधर। वाटर एक बंड इसको तोड़ा।
ठीक है?
यहां से देखो जब ब्ड टूटेगा तो ये वाटर
क्या करेगा? इधर भेज देगा OH-
और इधर भेज देगा H प्लस।
देखिए ऐसा हरकत नहीं कीजिए कि हमको अगले
दिन से सबको रूटीन के अंदर तोड़ना पड़े।
ठीक है? थोड़ा सा हंसी मजाक होना चाहिए।
इतना नहीं होना चाहिए कि हमको डिस्टर्ब।
ठीक है? फिर यहां से देखिए फिर ये टूटेगा
तो एच प्लस इधर जाएगा।
OH-
इधर जाएगा। फिर क्या होगा? कार्बन के ऊपर
देखो दो OH आ गया ना। क्योंकि वाटर एक बंड
तोड़ा तो इधर OH इधर H फिर इस बंड को
तोड़ेगा इधर H इधर OH
यहां देखो अब इस कार्बन के ऊपर आ गया दो
OH
और यहां आ गया CH3
फिर देखो अब फिर एक कार्बन पे दो OH यहां
से क्या निकल जाएगा OH-
और यहां से क्या निकल निकल जाएगा H प्लस
तो यहां से OH- निकालेंगे तो कार्बन पे
प्लस H प्लस निकालेंगे ऑक्सीजन पे माइनस
माइनस प्लस रेजोनेंस कर लेगा।
कल तो हम लोग का ये प्रिपरेशन खत्म हो
जाएगा पूरा।
तो इससे हम एल्डिहाइड भी बना सकते हैं,
कीटोन भी बना सकते हैं।
क्या हुआ?
अरे नहीं मेरे
एक्वस है ना डाइल्यूट है ना दोनों जगह पर
क्या है वाटर ही है ना यहां भी डाइल्यूट
है ना तो यहां भी तो वाटर ही है यहां भी
हाइड्रोलिसिस कौन करेगा वाटर यहां भी कौन
करेगा वाटर कहीं भी रजेंट में एक्वस और
डाइल्यूट आ जाए तो यह डोमिनेंट होता है ना
वाटर तो रजेंट हमारा कौन हो जाएगा वाटर और
वाटर ब्ड ब्रेक करता है इसलिए तो उसको
बोलते हैं हाइड्रोलाइसिस
वाटर का तो काम ही जब भी वाटर आएगा ब्ड
तोड़ेगा और जब वाटर ब्ड तोड़ता है उसको
हाइड्रोलिसिस बोलते हैं।
यहां सब शरीफों के भेश में की तरफ बैठे
हैं।
हो गया
तो डाईहलाइड से तो हो गया। अब हम लोग आते
हैं कार्बोक्सिलिक एसिड से कैसे बनाते
हैं?
हटाएं इसको।
अच्छा कल प्रिपरेशन करना एल्डिहाइड कीटोन
का डीपीपी बना कर।
ठीक है। चलो हम लोग देखते हैं
देखिए नेक्स्ट आइए। देखो ना अब अगला हम
लोग कर रहे हैं बाय
प्रिपरेशन है बाय कैल्शियम सॉल्ट ऑफ
कार्बोक्सिलिक एसिड।
कैल्शियम
सॉल्ट ऑफ कार्बोक्सिलिक एसिड।
कार्बोक्सिलिक एसिड।
इससे हम लोग को बनाना है एल्डिहाइड और
कीटोन।
देखिए सर सुन लीजिए। कैल्शियम के दो साल्ट
बहुत फेमस है। एक साल्ट का नाम है
कैल्शियम एसीटेट।
देखो यह इसको एसीटेट बोलते हैं।
यह एसीटेट हो गया। ऐसे
Ca और C इसका नाम है कैल्शियम एसीटेट।
कैल्शियम एसीटेट।
कल बना कर आइएगा। कल हम बुलाएंगे सबको
बोर्ड पे।
ठीक है? और इसको क्या करते हैं हम लोग?
हाई टेंपरेचर पे गर्म करते हैं। बहुत हाई
टेंपरेचर पे। तो जब हम लोग इसको हाई
टेंपरेचर पर गर्म करते हैं ना तो इस
प्रोसेस को बोलते हैं ड्राई डिस्टिलेशन।
इसको बोलते हैं ड्राई डिस्टिलेशन।
ठीक है? अब इसमें क्या होता है कि जब भी
आप कैल्शियम के किसी कंपाउंड को गर्म
करेंगे तो उसके अंदर से कैल्शियम
कार्बोनेट निकलता है। अगर कैल्शियम
कार्बोनेट उसके अंदर बन सकता है तो
कैल्शियम कार्बोनेट निकल जाएगा। अब इस
कंपाउंड में देखो कैल्शियम कार्बोनेट का
फार्मूला होता है CaCO3
एक कैल्शियम तीन ऑक्सीजन और एक कार्बन
चाहिए क्या अवेलेबल है इसके अंदर है या
नहीं
अब यहां से क्या होगा ना कैल्शियम
कार्बोनेट निकल गया यही है कैल्शियम
कार्बोनेट यह निकल जाएगा जैसे ही कैल्शियम
कार्बोनेट निकलेगा यह मॉलिक्यूल दो
हिस्सों में टूटेगा एक हिस्सा देखिए यह बच
गया और एक हिस्सा ऊपर मिथाइल बच गया और
जैसे ही कैल्शियम कार्बोनेट निकलेगा ना यह
मिथाइल क्या करेगा इलेक्ट्रॉन आ के इसके
साथ पेयर कर लेगा
और ये ये सब इंटरनल प्रोसेस होता है और ये
बन जाएगा कीटोन
और कीटोन में भी इसको हम लोग बोलते हैं
एसीट एक साल्ट ये मिलेगा दूसरा साल्ट
इसमें में मिलेगा। देखो कौन सा दूसरा
मिलेगा फॉर्मेट आयन यानी कैल्शियम
फॉर्मेट।
देखो ये है कैल्शियम फॉर्मेट।
इसको बोलते हैं कैल्शियम फॉर्मेट।
कैल्शियम।
यह दो बहुत फेमस है और इनको हीट कर देते
हैं। बनाइए।
देखिए इसके अंदर बात तो वही है ना यहां से
निकल जाएगा कैल्शियम कार्बोनेट
कैल्शियम कार्बोनेट के लिए यह निकल गया।
अब देखिए यहां पे H बच गया। यह हाइड्रोजन
अपना इलेक्ट्रॉन कार्बन को शेयर कर देंगे।
और यहां बन गया फॉर्मल।
इसको लिखने के बाद नेक्स्ट लिखिए।
नेक्स्ट लिखिए इसको लिखने के बाद
इसमें दो ही साल्ट मिलता है। कैल्शियम
एस्फेट कैल्शियम परमेट
ओम
कार्बोक्सिलिक एसिड
कैल्शियम साल्ट ऑफ कार्बोक्सिलिक एसिड
साल्ट नहीं है। साल्ट तुम साइलेंट करके
पढ़ रहे हो।
हटाए इसको।
नेक्स्ट लिखो। बाय डींपजीशन ऑफ
कार्बोक्सिलिक एसिड।
नेक्स्ट क्वेश्चन है बाय
डींपोजशन
ऑफ कार्बोक्सिलिक एसिड
देखो डीकंपोजीशन एक कार्बोक्सिलिक एसिड
कोई भी ले लेते हैं। जैसे हम एसिटिक एसिड
ले लेते हैं।
ठीक है? और इस कार्बोक्सिलिक एसिड को
मैंगनीज ऑक्साइड डाल देते हैं। और इसके
साथ हाई टेंपरेचर पे इसको गर्म करते हैं।
तो जब कार्बोक्सिलिक एसिड को मैंगनीज
ऑक्साइड के साथ हाई टेंपरेचर पे जब गर्म
कीजिएगा तो कार्बोक्सिलिक एसिड का होगा
डीकंपोजशन। डीकंपोजीशन का मतलब एसिड ब्रेक
होगा। टूटेगा। तो एसिड जब टूटता है ना कोई
भी एसिड को जब आप गर्म करके तोड़ना शुरू
कीजिएगा तो एसिड के अंदर से दो गैस
निकलेगा। एक गैस का नाम है कार्बन
डाइऑक्साइड और एक निकलेगा वाटर का वेपर।
ये दोनों। किसी भी एसिड को जब आप गर्म
करना शुरू कीजिएगा तो ये निकलेगा।
तो इसको भी हम गर्म करेंगे तो ये निकलेगा।
अब आप बताओ क्या यह दोनों गैस एक
मॉलिक्यूल से निकालना पॉसिबल है? निकलेगा
कभी? या तो कार्बन डाइऑक्साइड निकलेगा या
तो वाटर निकलेगा।
दूसरा दोनों एक साथ तो एक मॉलिक्यूल में
एक्सिस्ट नहीं करेगा। तो इसके लिए हम लोग
क्या करते हैं? जब कभी भी हमको डीकंपोजीशन
करना हो तो पहचानते कैसे हैं? मैंगनीज
ऑक्साइड से।
तो जो एसिड दिया है ना इसी का एक
मॉलिक्यूल और ले लेते हैं।
अब यह हो गया दो मॉलिक्यूल।
अब हमको क्या करना है? यही दो गैस
निकलेगा। पहले निकाल देते हैं वाटर।
निकल गया। जैसे ही वाटर निकला कार्बन
डाइऑक्साइड रेडी रहता है। यह निकल गया।
फिर देखो दो हिस्सा बच गया। ऊपर यह और
नीचे यह इसको जाके
इलेक्ट्रॉन शेयर कर दिया तो यहां बन गया
एसीटोन।
इसी तरह से अगर हमको मिले फॉर्मिक एसिड
इसके ऊपर
मैगनीज ऑक्साइड और हीट बनाइए।
फॉर्मिक एसिड का बन गया। कौन सा बनेगा?
इसी का दो मॉलिक्यूल ले लेंगे
क्योंकि एक मॉलिक्यूल से कभी भी दोनों गैस
नहीं आएगा
तो इसका दो मॉलिक्यूल ले लो पहले तो वाटर
वेपर निकाल दो निकल गया जैसे ही वाटर
निकलेगा कार्बन डाइऑक्साइड निकल जाएगा बच
गया हाइड्रोजन अकेला CO के साथ चला जाएगा
यहां बन जाएगा
अब आते हैं हम लोग आज के लास्ट रिएक्शन
पे।
इसके बाद बस एक रिएक्शन बच जाएगा। अगले
क्लास में खत्म। फिर हम लोग प्रॉपर्टी
शुरू करेंगे।
क्या इतना लेक्चर लगेगा?
एल्डिहाइड कीटोन अगर पढ़ाना शुरू करें तो
अभी से 15 लेक्चर लगेंगे।
अभी से लगेगा 15 लेक्चर लेकिन ऐसे चार
लेक्चर में खत्म हो जाएगा।
एल्डिहाइड और कीट
पढ़ाना मतलब पूरी बाउंड्री
मतलब अगर जे के हिसाब से पढ़ाया जाए तो
अभी से 15 लेक्चर
अभी से चार लेक्चर
क्या हुआ?
आप निश्चिंत रहिए
और इसमें कार्बोक्सिलिक एसिड भी तो है।
कार्बोक्सिलिक एसिड का दो लेक्चर अलग है।
हां, यह हीट साइन ही हाई टेंपरेचर है। हीट
साइन ही हाई टेंपरेचर के लिए लेते हैं।
नेक्स्ट लिखिए।
वेटर प्रोसेस।
अब देखो क्यों कह रहे हैं यह सब यह सब
जितने भी रिएक्शन है ना यह सब कोई रिएक्शन
हमारे सिलेबस में नहीं है।
हमारे सिलेबस यानी कि नीट सिलेबस में नहीं
है। ठीक है? यह भी नहीं है। इसके पहले जो
पढ़े थे वह भी नहीं है। उसके पहले जो पढ़े
थे वह भी नहीं है।
तो फिर यह आएगा कहां?
तो यह आएगा पीडब्ल्यू का जब आप एक टेस्ट
दीजिएगा तो आएगा। एआईटीएस दीजिएगा आएगा।
क्यों आएगा? इसलिए आएगा क्योंकि आईटी जेई
के सिलेबस में है। तो क्या है? हम लोग को
थोड़ा सा स्टैंडर्ड को लिफ्ट करके पढ़ना
है कि अगर इन केस फ्यूचर में कभी वैसा
पेपर बन जाए तो हमारे लिए सारे बाउंड्री
के अंदर हो।
नहीं वो सब नहीं बताएंगे। थोड़ा सा पढ़िए
वेकर प्रोसेस
देखो वेकर प्रोसेस में क्या है ना इसमें
दो ही कंपाउंड का पढ़ना है हमारे एक है
हमारा इथीन
इथीन दो कार्बन का अल्केन इसका नाम क्या
है इथीन
और यह सब जो है ना फालतू रिएक्शन है इसका
हम लोग रिएक्शन करते हैं PDCl2 के
इसका रिएक्शन करते हैं PDCl2 प्लेडियम डाई
क्लोराइड और थोड़ा सा डाल देते हैं वाटर
और इस रिएक्शन के लिए कैटेलिस्ट लेते हैं
क्यूपरिक क्लोराइड सीl2 कॉपर यहां प्लस टू
ऑक्सीडेशन स्टेट में और इसके ऊपर डाल देते
हैं हवा का झोंका यानी कि एयर ओ नहीं
फिर शुरू हो गया
तो होता क्या है ना कि यह इसको ना
ऑक्सीडाइज कर देता है।
यह जो रिएजेंट है ना यह जो रिएजेंट है ना
यह इस एल्कीन को ऑक्सीडाइज करता है। कैसे
करता है किसी को नहीं पता है।
और एल्कीन का जब इस इथीन का जब ऑक्सीडेशन
करता है ना तो इसको कन्वर्ट कर देता है
एल्डिहाइड में।
अब याद रखो कि वेकर प्रोसेस यह कंसर्टेड
प्रोसेस है। कंसर्टेड प्रोसेस का मतलब
जिसका पाथवे पता नहीं है कि कैसे हुआ। तो
जब हम PDCl2 को वाटर में डालते हैं ना हवा
डालते हैं तो देखते हैं कि ये इथीन जो है
ना दो कार्बन के एल्डिहाइड में कन्वर्ट हो
गया। यह दो कार्बन का है और जब ऑक्सीडेशन
होगा तो दो कार्बन का एल्डिहाइड एक ही
एल्डिहाइड इस दुनिया में है। एसडीहाइड दो
कार्बन का अब इसको छोड़ के कोई भी दूसरा
एल्कीन ले लो कोई भी तो वो क्या करेगा?
जितने कार्बन का एल्कीन लोगे उतने कार्बन
का कीटोन बना देंगे। अब कैसे बनाए यह भी
किसी को पता नहीं। अब यहां देखो जैसे मान
लो अगर हमको मिल गया प्रोपीन।
यह हो गया प्रोपीन।
तीन कार्बन का है। इसके ऊपर PDCl2 डाल दो।
साथ में H2O
और साथ में यहां
क्यूप्रिक क्लोराइड एयर।
तो जैसे ही डालोगे ना अब ये इथीन नहीं है।
तीन कार्बन है तो तीन कार्बन का कीटोन बना
दो। और तीन कार्बन का कीटोन दुनिया में एक
ही है। एसीटोन।
कंसर्टेड प्रोसेस जिसका कोई एग्जैक्ट
पाथवे पता ना हो।
यह है प्रोपीन।
तो यहां से एक नोट लिख लो। इसमें
इन वेटर प्रोसेस
इन मेकर प्रोसेस
ओनली
इथीन
फॉर्म
एल्डिहाइड
एल्डिहाइड
एंड
ऑल
अदर
अल्केन
फॉर्म
कीटोन
ऑफ सेम कार्बन
सेम कार्बन
एज अ एल्कीन
जितने कार्बन का एल्कीन है उतने कार्बन का
कीटोन बना देगा। ठीक है? आज के लिए हम लोग
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