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Mool Tattva - Why energies and shaktis dont work...

1:12:03EnglishBy Insomniac RohanTranscribed Jul 21, 2026
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आज हम एक टॉपिक को डिस्कस करेंगे जो बड़ा

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इंटरेस्टिंग है और बहुत कॉमनली अब आ रहा

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है। कुछ प्रॉब्लम्स आ रही हैं लोगों को तो

0:12

उस टॉपिक के बारे में हम थोड़ा डिस्कशन कर

0:14

लेते हैं और उसको समझने की कोशिश करेंगे।

0:19

होता अक्सर यह है यह उन लोगों के साथ होता

0:22

है जो भक्ति कर रहे हैं। जो भक्ति कर रहे

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हैं, राम का जाप कर रहे हैं। जय सिया राम

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का जप कर रहे हैं। नियमित रूप से यहां की

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साधनाएं कर रहे हैं। शक्ति शक्ति को जागृत

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किया हुआ है उन्होंने। पर कुछ टाइम बाद

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में होता क्या है कि उनका कार्य रुकने

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लगता है या फिर उनका कार्य एकदम से बंद हो

0:43

जाता है। एकदम से उनकी दृष्टि बंद हो जाती

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है। एकदम से ऐसा कुछ हो जाता है।

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और फिर उसके बाद उनको असर कम हो जाता है।

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तो जब हम इन इन्होंने हमने जब इन सबकी

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इकट्ठी केस स्टडी की

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जब हमने इन सबकी इकट्ठी केस स्टडी की

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क्योंकि हमने ना नाम सिलेलेक्ट कर लिया और

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फिर हमने धीरे-धीरे करके उन सबकी बाबा से

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पूछकर हमने केस स्टडी करना शुरू किया।

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तो वहां हर जगह एक चीज कॉमन मिली। हर जगह

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एक ही चीज कॉमन मिली।

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उसी को डिस्कस करेंगे।

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और क्यों वो तत्व इतना इंपॉर्टेंट है।

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उसको भी समझने की कोशिश करेंगे।

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ताकि आपको समझ आ जाए कि आपको क्या नहीं

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करना है।

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हर व्यक्ति सिखाता है आपको क्या करना है।

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पर आपको अगर पता पड़ जाए कि क्या नहीं

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करना है तो आप बहुत कुछ सीख जाओगे।

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ऐसे लोगों में कुछ चीजें बहुत कॉमन थी। तो

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शुरू करें तब नींद तो नहीं आ रही किसी को?

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नहीं भैया बिल्कुल नहीं। नहीं किया। ठीक

1:59

है

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बोलिए भैया

2:02

तो सारा बोलो जय सियाराम

2:04

जय सियाराम

2:05

जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम

2:08

जय सियाराम

2:10

जय सियाराम भैया

2:11

सियाराम भैया

2:12

सियाराम

2:13

जय सियाराम भैया

2:15

जय सियाराम जय सियाराम

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तो

2:20

अब

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ऐसे लोगों में कुछ पॉइंट्स कॉमन थे जैसे

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कि

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जिनका पहले बहुत अच्छा काम शुरू हुआ। बहुत

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अच्छा सब सही चल रहा था। फिर एकदम से

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बिगड़ गया। एकदम से काम करना बंद हो गई।

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शक्तियां काम करनी बंद हो गई। दृष्टियां

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बंद हो गई।

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तो इन सब की हमने लिस्ट बनाई। धीरे-धीरे

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हमने देखा समझा।

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तो उनके कुछ पॉइंट्स कॉमन आए। फिर हमने

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हां बिल्कुल हमने ऐसा नहीं है कि उनको ठीक

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नहीं किया। उन सबको वापस

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ठीक किया। बिल्कुल सब सब कुछ किया। उनकी

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वापस अब दृष्टियां खुल गई है। सब कुछ ठीक

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हो गया है। पर हम चाहते हैं कि ऐसा आपके

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साथ भी ना हो। इसलिए हम कुछ पॉइंट्स बताना

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चाहते हैं।

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ऐसे लोगों को क्या होता है? मन में एक

3:12

करुणा होती है। ऐसे लोगों के पास एक बहुत

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ज्यादा मन में करुणा होती है। वो हर एक

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व्यक्ति को

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दया की भाव से देखते हैं।

3:21

अरे बेचारा रवि इतना दर्द में है।

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इसको तो आशय के बारे में पता ही नहीं

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होगा। इसको तो जय सियाराम के बारे में पता

3:33

ही नहीं होगा। क्यों ना मैं इसको जय

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सियाराम का नाम दे दूं। भैया कोई यह

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साक्षी मानकर जप कर लेगा तो क्या पता इस

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पर भी आशय की शक्तियों की और हनुमान जी

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महाराज की कृपा हो जाए।

3:50

बेचारी रजनी हाय इसको तो इसको तो भगवान की

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भक्ति पता ही नहीं है। चलो एक काम करते

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हैं। इसको भी दे देते हैं। रजनी बहन अगर

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तुम्हें कोई समस्या हो तो तुम एक काम करना

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ऐसे साक्षी मानना दीपक जलाना तुम्हारा हो

4:07

जाएगा।

4:13

धवल भैया

4:15

आपको भी बता दे थोड़ा बहुत।

4:18

ऐसे लोग बहुत ज्यादा करुणामई होते हैं।

4:23

इनका काम बंद हो जाता है कुछ समय बाद में।

4:27

हालांकि इन्होंने जिसको कहा है जैसे

4:33

मैंने रवि को कह दिया या रजनी को कुछ बता

4:36

दिया।

4:38

तो रजनी को जो मैंने बताया हालांकि वह

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पूर्ण हो जाएगा। इसको फर्क पड़ जाएगा। पर

4:43

मेरा बंद हो जाएगा। मेरे मेरे ऊपर कृपा

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हानि बंद हो जाएगी।

4:52

समझ आ रहा है मैं आपके किस बारे में बात

4:54

कर रहा हूं?

4:55

जी भैया

4:57

जी भैया

4:59

जी भैया।

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भैया उन लोगों को एम्पथी पीपल बोलते हैं।

5:06

एम्पैथेटिक पीपल।

5:09

वे एमथ्स होते हैं वो लोग।

5:11

हां। एमथेटिक पीपल होते हैं। वह क्या करते

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हैं? वह सोचते हैं कि यार इसके पास इतने

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पैसे तो नहीं है कि आशा यह ज्वाइन कर ले।

5:21

इसके पास ऐसा भी नहीं है कि यह जॉइ भी कर

5:25

लेगा तो मीटिंग में बैठेगा कैसे? तो क्यों

5:27

ना इसको एक छोटा सा हम रेमेडी बता दें।

5:32

अगर आपने किसी को रेमेडी बता दी।

5:36

अगर आपने अपना मंत्र बता दिया। अगर आपने

5:42

अपने घर के नियम बता दिए। अगर आपने

5:46

किसी दूसरे की पीड़ा को देखकर

5:51

अपना तत्व उसे दिया कि बोलो ऐसा बोलकर

5:54

प्रार्थना कर देना काम हो जाएगा।

6:02

तो वहां से आप धड़ाम गिरोगे।

6:06

वहां से अपने ओदे से आप धड़ाम गिर जाओगे।

6:08

ऐसा क्यों है? इसके बारे में भी हम

6:10

साइंटिफिकली डिस्कस करेंगे।

6:14

इसके पीछे हम साइंटिफिकली डिस्कस करेंगे।

6:18

दूसरे लोग

6:22

दूसरे लोग वो लोग

6:25

सेकंड कैटेगरी मतलब सेकंड कैटेगरी ऑफ़ पीपल

6:27

वो लोग हैं जिनको भगवान से बड़ा प्यार है।

6:35

भगवान से बड़ा प्यार है।

6:41

रास्ते में जा रहे थे। भगवान का मंदिर

6:45

मिला। वहीं लेट गए।

6:52

रास्ते में जा रहे थे। एक बड़ा सुंदर शिव

6:55

मंदिर दिखा।

6:57

या शनि मंदिर दिखा।

6:59

वही प्रणाम करके और वही एकदम

7:06

सर वह भी धड़ाम से गिरेंगे।

7:10

उनके भी काम होने बंद हो जाएंगे।

7:13

अब ये क्यों होंगे? इसको भी हम लेंगे। ठीक

7:16

है? एक-एक करके आप मेरे को याद दिलाते

7:17

रहना। हम इनके बारे में डिस्कस करेंगे।

7:22

जी भैया।

7:24

तीसरे वह लोग

7:27

जिनको हर भगवान की पूजा करने का शौक है।

7:30

हर तरीके की साधना करने का शौक है।

7:35

जिनको हर तरीके के मंत्र चाहिए।

7:40

हर तरीके की विद्या सीखने का शौक है। हर

7:43

तरीके का विद्या सीखनी है उसको।

7:48

मेरे को लक्ष्मी मंत्र भी आना चाहिए। मेरे

7:51

को भैरव कवच चाहिए। हनुमान जी महाराज का

7:55

जो है हनुमान जी महाराज का अस्त्र मिल

7:57

जाए। माता की कृपा मिल जाए।

8:02

ठीक है। गणेश भगवान की कृपा मिल जाए।

8:05

लक्ष्मी ओए होए होए।

8:10

धुमावमती माता के बारे में सुना। कोई

8:12

धुमावमती की साधना कर लेते हैं। फिर किसी

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कोई दिन देखेगा। अरे यार यह यक्षणी बहुत

8:18

पावरफुल है। यह पिशाचनी बहुत पावरफुल है।

8:20

हालांकि पिशाचनी वगैरह तो नहीं करते। ठीक

8:23

है? और जो करते हैं वो रोते हैं फिर बाद

8:25

में।

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ठीक है? अलग-अलग साधनाएं, अलग-अलग ज्ञान

8:30

का भंडार जो बनना चाहते हैं वो लोग फंस

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जाते हैं और धड़ाम से गिरते हैं।

8:40

हां, बहुत सर। वो लोग फंस जाते हैं और

8:43

धड़ाम से गिरते हैं।

8:46

उनके पीछे शक्तियां काम करनी बंद कर जाती

8:48

है।

8:51

अब हम तीसरा पॉइंट भी डिस्कस करेंगे।

8:58

चौथे वो लोग

9:01

चौथे वो लोग

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जो अपनी मन इच्छा बहुत चलाते हैं।

9:10

बोला गया है आपको 10 दिन करिए।

9:15

आप पांच दिन करके

9:17

आप सोचते हैं कि चलो बाकी

9:21

बाद में कर लेंगे। पांच दिनों में भी

9:23

भगवान जिसको सुनना होगा तो सुन लेगा।

9:28

जो आपको टाइम पीरियड दिया गया है, जो गुरु

9:30

वचन दिए गए उसको नहीं निभाते तो शक्तियां

9:33

काम करनी बंद हो जाती।

9:37

यह चार पॉइंट

9:41

चार तरीके के केसेस हम अलग-अलग डिस्कस

9:45

करेंगे।

9:47

क्यों किस पर क्या होता है, कैसे होता है।

9:51

ठीक है?

9:54

पांचवा

9:59

कोई केस बनता ही नहीं।

10:05

पांचवा कोई केस बनता ही नहीं है। और

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पांचवा केस अगर बनता है तो वह एक्सेप्शन

10:09

है।

10:11

और आपको पता है बीइंग अ केमिस्ट्री

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स्टूडेंट मैं तो हमेशा बोलता हूं

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एक्सेप्शन आर ऑलवेज देयर।

10:21

एक्सेप्शन तो होता ही होता है। वो बहुत

10:23

रेयर रहता है। उसको हम रखते हैं। वो

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इंडिविजुअल पर आ जाता है कभी-कभी।

10:30

पर इन चार तत्वों के अलावा इन चार पॉइंट्स

10:34

के अलावा कहीं भी इंसान गलती

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नहीं करता। और जो ये चार गलतियां नहीं

10:41

करते उनके ऊपर गुरुदेव की ऐसी महिमा रहती

10:45

है। मैं कहता हूं ब्रह्मांड की कोई भी

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शक्ति उसके सामने नहीं टिकेगी। लिख कर ले

10:51

लो।

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कोई भी शक्ति

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यहां तक कि नारायण तत्व भी तुम्हारे सामने

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नहीं टिकेगा।

11:03

गुरुदेव को साक्षी मानकर बोल रहे हैं। ऐसे

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नहीं बोल रहे। हम यहां पर जो भी बोलते हैं

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हमारे गुरुदेव साक्षी होते।

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पहला केस पहला केस क्या था बताओ?

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एमैथेटिक लोग जो होते हैं।

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एमैथेटिक [गला साफ़ करने की आवाज़]

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लोग

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करुणामय करुणा

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करुणा की भावना से देखना लोगों को बताना

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समस्या को सॉल्व करना करने की कोशिश करना

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ऐसे लोग होते हैं उड़ता तीर

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लेना

11:37

उड़ता हुआ तीर लेना

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ऐसे आजकल

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ठीक है। ओके।

11:55

हां।

11:58

ऐसे लोग जो सबकी प्रॉब्लम सॉल्व करना

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चाहते हैं। मैं बता देना चाहता हूं। आपके

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ऊपर इतनी बड़ी समस्या आने वाली है कि आपको

12:06

पता नहीं है। कैसे? मान लीजिए

12:11

आप आशय से जुड़े हैं। आशय में हनुमान जी

12:14

महाराज कृपा करते हैं।

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अब आशय में वर्किंग बता देता हूं कैसी

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होती है।

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आशय में वर्किंग यह रहती है कि हर इंसान

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को इंडिविजुअली

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हमारे गुरुदेव से जोड़ा जाता है। हम किसी

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को हमारे थ्रू नहीं जोड़ते।

12:33

कभी भी नहीं जोड़ते।

12:38

हमारे थ्रू कभी नहीं जोड़ते। इसीलिए गुरु

12:40

परंपरा है ही नहीं यहां पर

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कि हमारे गुरु हनुमान जी महाराज हैं तो हम

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आपके गुरु बनेंगे। कभी नहीं बनेगी। हम

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आपको डायरेक्टली हनुमान जी महाराज से

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जोड़ेंगे।

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इसके पीछे कारण है। समझो कैसे?

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यहां की शक्ति गुरुदेव के सानिध्य में

13:03

रहती है।

13:05

यहां की शक्ति गुरुदेव के सानिध्य में

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रहती है। आप गुरुदेव से आपकी एक तार जोड़

13:10

दी जाती है।

13:13

उसकी अथॉरिटी साइनिंग अथॉरिटी यहां यहां

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के लोगों को मिली हुई है। तो वहां से आपका

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तार जोड़ दिया जाता है। अब होगा क्या? जब

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भी जब भी यह व्यक्ति जब भी यह व्यक्ति

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भगवान को याद करेगा

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संकल्प के साथ वचनों को वचनों के साथ आहान

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करेगा तो इधर की शक्ति तुरंत जो है इसको

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आंसर देगी।

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और यह शक्ति यहां पर आएगी वापस।

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यह रोज दीपक लगाएगा। यह व्यक्ति रोज दीपक

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लगाएगा। आपको समझ आ रहा है ना? यह व्यक्ति

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रोज दीपक लगाएगा और यहां की शक्ति उसको

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रिवर्ट देगी।

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तो यह एंड टू एंड कनेक्शन है। एंड टू एंड

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कनेक्शन। इसके बीच में कोई और कनेक्शन

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नहीं है। आपको समझ आ रहा है? एंड टू एंड

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कनेक्शन।

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जी [गला साफ़ करने की आवाज़] भैया।

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एक एंड पे आप हो। दूसरे दूसरे एंड पर गुरु

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की शक्ति है।

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ठीक है? अब क्या होगा कि मान लीजिए

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यह अब जो है ये आप हो। ठीक है। अब आपने

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कहा किसी और को आपने किसी और को कहा कि

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भैया एक काम करो

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ऐसे-से दीपक जलाना। ऐसे-ऐसे जय श्री राम

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का जप कर लो। कृपा हो जाएगी।

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तुमने अपनी साइनिंग अथॉरिटी

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किसी को बोला कि तुम जो है ऐसेसे कर लेना।

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अब आपके ऊपर तो गुरु की शक्ति विराजित है।

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गुरु और आपका एंड टू एंड कनेक्शन है।

15:00

और तीसरे व्यक्ति के साथ आपने उसे जोड़

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दिया।

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होगा क्या कि जब भी अब आपने जो अथॉरिटी थी

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अपने साइड की जो अथॉरिटी थी जो आपकी जो

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आपको जो ऊर्जा मिलनी थी आपने उसको सामने

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बांट दिया होगा क्या कि गुरु की शक्ति तो

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फिर से आपसे कनेक्ट करेगी आपको ऊर्जा देगी

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पर आपकी जो ऊर्जा है वो आपके पास रहेगी

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नहीं वो सामने वाले व्यक्ति के पास जाएगी

15:33

आपकी ऊर्जा है वो सामने वाले व्यक्ति के

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पास जाएगी तो होगा क्या कि जब आप

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ने उस व्यक्ति को बताया तो आपके

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हिस्से जो ऊर्जा आनी थी जो गुरु की ऊर्जा

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आनी थी वो उस व्यक्ति के पास जाएगी

15:52

और वहां की

15:55

अब क्या है कि मान लीजिए यह यह और मेरे

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पास तीसरा हाथ नहीं है। ठीक है?

16:03

ठीक है। इधर आजा। ठीक है। मैं तीसरे हाथ

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से भी बता देता हूं। आपको पता है कि यह

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गुरु की शक्ति थी। यह आप थे और यह तीसरा

16:14

पर्सन।

16:16

ठीक है? तो यह गुरु की शक्ति इसी चैनल से

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आएगी।

16:21

तो चैनल तो बना नहीं है। चैनल तो एक ही

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है। तो यह गुरु की शक्ति यहां पर आई और आप

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आपने इसको प्रोवाइड कर दी। तो जब यहां से

16:31

नेगेटिविटी और मलनता जाएगी क्योंकि आपने

16:35

कल्याण लोक की प्रार्थना करी है। है ना?

16:38

तो कल्याण लोक की प्रार्थना आप उसको

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बताओगे तो यहां से जब नेगेटिविटी जाएगी वो

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भी आप ही के थ्रू जाएगी। क्योंकि आप ही तो

16:47

बीच के हो। तो वहां से इसके थ्रू होते हुए

16:52

गुरु के पास आएगी। तो होगा क्या कि इसकी

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नेगेटिविटी

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इसकी नेगेटिविटी आपके ऊपर आने लगेगी। तो

17:01

इसके जो प्रॉब्लम है वो आपको झेलनी

17:03

पड़ेगी। होगा क्या कि आपके पास जो ऊर्जा

17:05

रहेगी वो खत्म हो जाएगी। ऐसा क्यों होता

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है कि एंड टू एंड कनेक्शन में एंड टू एंड

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कनेक्शन में होता यह है कि एक अलग पासवर्ड

17:14

होता है जो आपको दिया जाता है। एस्टली

17:18

एक अलग पासवर्ड होता है जो आपको दिया जाता

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है। जैसे ही वह पासवर्ड लगाते हो एक

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पोर्टल खुलता है। वहां से शक्तियां जाती

17:24

है। वहां से आती है। दैट्स ऑल। अब वह

17:27

पासवर्ड जो है आपने इसको दे दिया। तो यह

17:31

जो ऊर्जा है, यह जो थर्ड पर्सन है, इसको

17:33

आपके घर के सारे पासवर्ड पता चल गए। सारे

17:37

पासवर्ड पता चल गए, तो इसको आपके घर की

17:40

सारी शक्तियों का एक्सेस मिल गया।

17:44

इस यहां पर जो तीसरा व्यक्ति

17:50

यहां पर

17:53

यहां पर जो तीसरा व्यक्ति है उस उसको आपके

17:58

घर के एंड टू एंड इंक्रिप्शन का पासवर्ड

18:01

मिल चुका है। अब उसको आपके घर के हर शक्ति

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का एक्सेस है।

18:10

तो अब समस्या होने लगेगी। अब जो जो ऊर्जा

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गुरु की शक्ति इधर आनी थी वह डायरेक्टली

18:18

अब उधर जाएगी।

18:22

तो आप सिर्फ बीच के बंदर बन के रह गए।

18:27

आप बीच के बंदर हो जाओगे ना इधर के रहोगे।

18:34

होगा क्या? अब वही प्रॉब्लम आती है।

18:40

अब इनका कनेक्शन होकर भी नहीं हो रहा।

18:46

ठीक।

18:50

अब इनका कनेक्शन होकर भी नहीं हो रहा।

18:54

क्योंकि सारी ऊर्जा यहां से तो सही जाए।

18:58

अब क्या है? गुरु की शक्ति तो प्रॉपर है।

19:01

वह तो प्रॉपर्ली काम कर रही है। आपने आगे

19:03

बांट दी।

19:09

गड़बड़ हो गई साहब। बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई।

19:15

अब इसको प्रॉपर्ली ठीक कैसे किया जाए?

19:23

सारे सारे के सारे पासवर्ड बदलने पड़ेंगे।

19:31

सही बात है।

19:34

जी भैया। सारे के सारे पासवर्ड बदलने

19:37

पड़ेंगे। सभी को निकालना पड़ेगा। पासवर्ड

19:39

बदलना पड़ेगा। उसके बाद आपकी ऊर्जा आप तक

19:42

रहेगी। अदर वाइज

19:45

यू आर टोटली अमेस।

19:53

सर आप जितनों को बताते रहोगे उतनी

19:56

शक्तियां आप बांटते रहोगे। सर यह दुनिया

20:00

बड़ी कमीनी है।

20:04

शक्तियां तो बहुत कमीनी है। सॉरी।

20:09

कान पकड़ लेते हैं। पर सत्य यही है।

20:14

शक्ति को कोई छोड़ना नहीं चाहता। अरे ये

20:17

काम ही ऐसे करती है। आपने पासवर्ड दे दिया

20:20

यार घर का। आएगा क्यों नहीं वह? शक्तियों

20:23

का एक्सेस दे दिया आपने। आएगा क्यों नहीं?

20:26

वह 100% आएगा।

20:30

तो ऐसी स्थिति में इंसान अपनी दृष्टि खोता

20:34

है। अपनी ऊर्जा खोता है। अपना कारोबार

20:37

खोने लगता है। फिजिकली, फाइनेंशियली,

20:39

मेंटली दोबारा से दिक्कत आने लगती है उसी

20:42

को बहुत ज्यादा। और फिर वो हमसे वो

20:44

कांटेक्ट करता है और हमें कहता है भैया

20:46

फर्क नहीं पड़ रहा। भैया फर्क नहीं पड़

20:48

रहा। भैया ऐसे हो रहा है। भैया क्या कर

20:50

रहे हो? भैया भैया भैया भैया भैया।

20:55

भैया यहां से परेशान मैं चेक करता हूं।

20:58

यहां तो सप्लाई सही जा रही है यार। हम चेक

21:01

करते हैं यहां पर तो सब सही है। ऑल ओके

21:03

फ्रॉम आवर साइड।

21:07

एवरीथिंग इज गुड।

21:09

जितना आप देते हो उतना आपको मिल जाता है।

21:13

मैं फिर चेक करता हूं। आप अपने मेंटर से

21:16

बात करते हो। हम और बताते हैं ताकि आपको

21:19

और सप्लाई दे दे और ज्यादा ऊर्जा दे दे।

21:24

पर क्या करें?

21:27

उस ऊर्जा को तो आप डायरेक्ट जो है आगे

21:31

बांट रहे हो। तो कितना भी दे दे आपका भरने

21:34

वाला नहीं है।

21:37

कितना भी दे दे आपका भरने वाला नहीं है।

21:39

क्या पेट ना?

21:42

ठीक।

21:46

ऐसे व्यक्ति हमेशा दर्द में रहते हैं।

21:52

अगर आपने ऐसा कुछ किया है तो आपका भुगतान

21:56

आपको भरना है तो सतर्क हो जाइए। उन लोगों

22:00

से प्रार्थना है कि जिनजिन ने ऐसा किया है

22:03

अपने अपने मेंटर से फोन करें ताकि आपके घर

22:06

का पासवर्ड हम बदल सकें।

22:11

पासवर्ड बदलना जरूरी है। वरना बटता रहेगा।

22:19

अगर आपको कुछ देना है तो आप डायरेक्टली

22:22

बोलिए भाई यह आशा है हम इसी से करते हैं।

22:24

आपको जाना है जाओ हमारा अच्छा चल रहा है।

22:27

तुम बीच में मत आओ।

22:32

इसीलिए कोई बोलता है कि भैया हम

22:34

पॉपुलैरिटी बनाएंगे। हम दो बंदों को

22:36

जोड़ेंगे। हम और बंदे लेकर आएंगे। अक्सर

22:38

हम बोलते हैं भैया

22:44

अक्सर हम बोल अक्सर लोग बोलते हैं कि भैया

22:47

हम बहुत लोगों को जोड़ेंगे हमने इसको

22:49

बताएंगे हम उसको बताएंगे आपके बारे में हम

22:52

उसको बताएंगे हम कहते हैं नहीं बताना

22:57

तुम पिट जाओगे

23:00

जिसको बुलाना होगा वो धरती फाड़ के आएगा

23:07

वो वो स्पेस से भी आ जाएगा। सर मैं वहां

23:10

ये जा रहा था मैं जुपिटर की तरफ। मैंने

23:13

अर्थ पे देखा तो अर्थ पे देखते ही मुझे ये

23:15

दिखा। तो मैं सबसे पहले ये लैंड कर गया

23:18

ऐसे।

23:22

समझ आ रहा है?

23:26

जी भैया।

23:27

आपको समझ आ रहा है?

23:28

जी भैया।

23:30

जी भैया।

23:31

बाउंसर तो नहीं जा रहा आपके?

23:34

नहीं भैया।

23:38

ऑल गुड ना ऑल क्लियर ना ये पहला पॉइंट

23:41

क्लियर है

23:44

भैया मेरे को एक सवाल है

23:46

जी भैया

23:47

सवाल बाद में सवाल बाद में बहन

23:49

अच्छा ठीक है

23:50

पहले पहले पहले क्लियर है जो मैंने बताया

23:53

आपको समझाया

23:54

जी भैया

23:54

जी भैया क्लियर है

23:55

हां जी भैया

23:56

जी भैया जी भैया

24:01

ठीक है

24:04

पहला यह कारण है। दूसरा दूसरा पॉइंट क्या

24:08

है?

24:10

जो हर मंदिर में लेट जाते हैं।

24:13

तभी भगवान से प्यार करना मत। रास्ते में

24:25

सभी भगवान की पूजा करते हैं।

24:28

हंसी आ गई हमें। कोई हमें कोई व्यक्ति याद

24:30

आ गया। ठीक। चलिए

24:33

[गला साफ़ करने की आवाज़]

24:34

चलिए दूसरा केस हम लेते हैं जो हर भगवान

24:39

से प्यार करते हैं।

24:42

हर मंदिर में लेट जाते हैं।

24:46

[गला साफ़ करने की आवाज़]

24:46

ठीक है? अब उनकी गलती नहीं है। क्यों?

24:50

हमें सिखाया यही है। हमने देखा यही है। कि

24:54

तुम राम के हो। तुम सब के हो जाओ।

24:58

पर यह बात सिर्फ तुम्हें पता है। सामने

25:00

वाले को नहीं पता। वह अपना हिसाब से चलता

25:03

है सब।

25:08

तुम जब कहीं किसी शक्ति के सामने झुकते

25:11

हो, किसी मंदिर में जाकर लेटते हो।

25:18

तुम कहीं जाकर दंडवत हो जाते हो। हर मंदिर

25:21

की नहीं कह रहा।

25:24

आई एम वेरी स्पेसिफिक। कुछ मंदिर

25:29

कुछ मंदिर

25:33

हर मंदिर में जाकर मत्थ मत टेको यार

25:39

हर मंदिर में भगवान नहीं होते।

25:45

जैसे ही आप वहां जाकर समर्पण भाव से

25:48

प्रणाम करते हो। इतने में ही वहां के दूत

25:51

आशीर्वाद रूप में आपको आपके पीछे हो जाते

25:54

हैं।

25:56

अब चाहे वह दूध है या प्रेत है वह तो वही

25:59

काम करते हैं। तो वह काम ऑब्वियसली मंदिर

26:03

बनाए तो कोई एक पुजारी भी होगा। ऐसा तो

26:05

नहीं है कि खाली मंदिर बना के छोड़ दिया

26:06

हो।

26:09

अब क्या है कि आप जो है उस मंदिर में

26:13

जाओगे प्रणाम करोगे।

26:19

सिर्फ सफाई करके आ जाते। कोई दिक्कत नहीं

26:22

थी। प्रणाम कर लिया। यहां गड़बड़ आ गई।

26:28

रोज कर लेते। मैं कहता मशीन लगवा देते,

26:31

चार बंदे बुलाते, लेबर लगवाते, पूरी चमका

26:34

देते।

26:36

ठीक है? प्रणाम कर लिया। वहां गड़बड़ हो

26:38

गई। प्रणाम का मतलब ऐसे प्रणाम होता है।

26:41

एक दंडवत प्रणाम होता है। एक एक समर्पण

26:43

भाव से प्रणाम होता है। प्रणाम करते ही

26:45

क्या होता है? आशीर्वाद देते हैं। अब

26:47

आशीर्वाद में पीजे की शक्ति जाएगी। अब जो

26:51

वहां पर है वह आपके पीछे धम से।

26:55

आप घर में घुसे

26:58

तो आपके साथ आएगी।

27:01

घर में गुरुदेव का पहरा लगा है। हनुमान जी

27:03

महाराज के दूत खड़े हैं। तो एंट्री देंगे

27:06

कैसे?

27:08

एंट्री के टाइम पीछे वाले दूत बोलेंगे कि

27:12

हम आए हैं। यह हमें लेकर आया है। इसने

27:15

हमें प्रणाम किया था तो हम आशीर्वाद

27:17

स्वरूप में आए हैं।

27:20

इसने हमें प्रणाम किया था तो हम आशीर्वाद

27:22

स्वरूप में आए हैं। वो अंदर घुसेगा घुसते

27:24

ही। अब घुसते ही जैसे प्रणाम किया अंदर

27:28

घुसा। इसका मतलब एक्सेस किसका? पासवर्ड

27:31

का।

27:37

एक्सेस किसका मिल गया? पासवर्ड का। अब

27:40

पासवर्ड का एक्सेस। ठीक है? मेरे फोन का

27:43

पासवर्ड का एक्सेस मिल गया अंशु को।

27:50

है ना?

27:52

अब इसके ऊपर है कि उसमें क्या करना है?

28:00

अब क्या होगा कि अपने शक्तियों को बोला

28:05

आपने घर में दीपक भी लगाए हनुमान जी

28:08

महाराज को दीपक लाया प्रार्थना करते हो कि

28:10

हे हनुमान जी महाराज जितनी भी खुली

28:12

नकारात्मक ऊर्जा नेगेटिविटी है उन सबको

28:14

बलबूल मैल सहित बधित करें कल्याण लोक भेज

28:16

दिया जाए भैया को साक्षी मान करके

28:18

प्रार्थना करता हूं या करती हूं

28:22

तो शक्तियां क्या करेगी तुरंत गड़ बांधेगी

28:25

और ले जाएगी

28:27

बाय डिफॉल्ट यही होता है

28:30

कि तुरंत बांधेंग और उनको तुरंत जो है

28:33

कल्याण लोक में पटकेंग

28:35

तो आपका आप फ्री

28:39

पर अगर वो अगर वो शक्ति किसी मंदिर से आई

28:44

है

28:46

अगर वह शक्ति किसी मंदिर से आई है तो होगा

28:49

क्या वह कल्याण लोक तो चली जाएगी

28:53

पर जिस

28:57

जिस पंडित ने जिस शक्ति ने उस मंदिर को

29:00

स्थापित किया हुआ है, वह शक्ति हमेशा अपने

29:03

शक्तियों का आह्वान करती है डेली।

29:07

इसीलिए मंदिर चलता है। इसीलिए मंदिर चलता

29:10

है।

29:12

तो जैसे ही वह आहान करेगी जब वो पंडित

29:15

आहान करेगा तो तुरंत वो कल्याण लोक से जो

29:18

कल्याण लोक में जो शक्तियां बैठी थी तुरंत

29:20

वहां से छूटकर तुरंत उसके पास आ जाएगी।

29:25

तुरंत उस व्यक्ति के पास आ जाएगी। इसका

29:28

मतलब जो व्यक्ति एक बार गया एक बार एक बार

29:33

आप जाते हो। मान लो एक बार आप ऐसे दर्शन

29:36

के लिए चले गए

29:38

तो दर्शन दर्शन के लिए आप किसी मंदिर में

29:40

चले गए। वहां से एक बार आपने गए प्रणाम कर

29:43

लिया। फिर वहां से आ गए। आपने दीपक लगाए

29:46

दो-तीन दिन दीपक लगाए आप ठीक हो जाओगे।

29:51

पर अगर आप डेली डेली उसी मंदिर में जा रहे

29:54

हो

29:56

डेली डेली उसी मंदिर में जा रहे हो

30:00

तो एक बार आपने कल्याण लोक भेजा वहां से

30:02

उस पंडित ने कल्याण लोक से वापस बुला लिए

30:05

फिर वो फिर से आपके घर जाएंगे क्यों आप

30:08

फिर अगले दिन उस मंदिर में गए फिर पासवर्ड

30:11

पता चल गया अब वहां से एक्सेस पॉइंट मिलना

30:14

शुरू हो जाता है फिर वो सोचता है कि यार

30:18

ये दीपक क्यों ना मुझे मिलने लग जाए।

30:24

यह दीपक हनुमान जी महाराज को क्यों जा रहे

30:26

हैं? ये भोग हनुमान जी महाराज को क्यों जा

30:27

रहे हैं? मुझे मिलना चाहिए।

30:31

वहां से दिक्कत होनी शुरू होती है।

30:37

अब वो दीपक हनुमान जी महाराज को मिलेंगे

30:40

क्योंकि गुरु वचन है। आपने संकल्प लगा दिए

30:43

कि मैं भैया को साक्षी मान के। अच्छा

30:45

परीक्षित भैया हम तो हैं नहीं।

30:48

वह तो महा सूक्ष्म शरीर है और उनका वचन

30:50

ऐसा है कि उनको साक्षी मानकर अगर हनुमान

30:53

जी महाराज को समर्पित कर दिया तो मैं कहता

30:55

हूं ब्रह्मांड में कोई भी शक्ति बीच में आ

30:57

जाए वो दीपक तो हनुमान जी महाराज को ही

31:00

जाएगा।

31:03

तो अब वो भोग तो स्वीकार कर नहीं सकते पर

31:06

उसका जो रिटर्न आएगा वापस उसका जो रिटर्न

31:09

गिफ्ट आएगा उसके ऊपर एक्सेस है। उसको

31:13

एक्सेप्ट कर सकते हैं। क्यों? क्योंकि

31:15

आपने पासवर्ड दे रखा है।

31:17

यूजिंग दैट पासवर्ड वो वो जो रिटर्न वाली

31:21

शक्ति है उसको वह अटेन कर लेंगे यूजिंग

31:24

दैट पासवर्ड आपको समझ आ रहा है एक्टिक तो

31:27

नहीं है

31:28

जी भैया

31:30

जी भैया

31:34

ठीक है

31:36

यूजिंग दैट पासवर्ड वो आपकी रिटर्न जो

31:40

शक्ति है वहां से जो आई वहां से जो शक्ति

31:43

आई है उसको

31:48

अटेंड कर लेंगे।

31:50

तुम सोचोगे यार हमने बाबा को दीपक अर्पित

31:53

किए। बाबा ने स्वीकार ही नहीं किए। अरे

31:56

भोले भंडारी

31:59

वहां से तो सब आया। गया भी रिटर्न भी आया।

32:04

पर तू जिसको लेकर आया

32:08

उसी ने तो सब ले लिया।

32:14

इसीलिए

32:16

आप अगर किसी मंदिर में वैसे ही जाते हैं,

32:19

एक बार जाते हैं, बहुत अच्छी बात है।

32:23

दो बार जाते हैं, बहुत अच्छी बात है। अगर

32:24

आप रेगुलरली जा रहे हैं तो आपका नुकसान

32:26

है।

32:29

आप वैसे विजिट करने जाओ, वैसे शक्ति को

32:32

प्रणाम करने जाओ।

32:34

तो होता क्या है कि हमारे गुरु की शक्ति

32:37

कुछ इस तरह से है कि अगर आप कुछ भी वहां

32:39

से बाहर से लेकर आते हैं आकर आपने दीपक

32:41

लगा दी और प्रार्थना कर दी तो जितना भी

32:45

कुछ होगा सब प्रभु कल्याण लोक में भेज

32:47

देंगे तुम्हारे पास नहीं रहेगा कुछ भी

32:52

जब तक तुम वहीं वापस उस मंदिर में नहीं

32:54

जाओगे तब तक उस मंदिर की शक्ति तुम्हारे

32:56

पास नहीं आ सकती बट फिर से आप उसी मंदिर

32:59

में अगर गए और डेली डेली अगर आपने जाना

33:02

शुरू कर दिया तो माई बाप

33:06

आपके घर का पासवर्ड आप डेली डेली दे रहे

33:09

हो

33:11

तो वह साइकिल जो है वो आपको नुकसान कर

33:15

देगी आपका अनिष्ट कर देगी आपको छोड़ेगी

33:19

नहीं जो जो ऊर्जा जो आपको यहां से मिलनी

33:24

चाहिए थी गुरु से मिलनी चाहिए थी वो सारी

33:26

ऊर्जाएं कहीं और जाएगी और आपका

33:32

डेट

33:34

या फिर पतन शुरू हो जाएगा।

33:40

मेरी बात आपको समझ आई?

33:44

जी भैया

33:45

जी भैया

33:46

जी भैया

33:49

जी

33:50

देखिए इस बात को बहुत ध्यान से समझिए सर।

33:52

ये समझने की चीजें हैं और ये लाइफ है सर।

33:56

फैक्ट है। लाइफ के फैक्ट है ये।

33:59

जो हम यह लाइफ के फैक्ट है सर।

34:05

यह लाइफ के फैक्ट है जो हम फेस कर रहे हैं

34:07

डेली

34:13

डेली डेली फेस करते हैं

34:16

और डेली डेली फेस करते हैं और हमें डेली

34:18

डेली इसी चीज का भुगतान करना पड़ता है।

34:23

अगर व्यक्ति

34:25

अगर इन तत्वों को ना करें तो उसकी ऊर्जा

34:30

इतनी हो जाती है। इतनी हो जाती है कि वह

34:32

ब्रह्मांड की भी किसी भी शक्ति को ललकार

34:35

सकता है।

34:39

यहां तक कि देवताओं को भी ललकार सकता है।

34:42

रावण के पास इतनी शक्ति क्यों आई थी?

34:44

देवता भी डरते थे।

34:53

ठीक है? अब हम आगे चलते हैं। तीसरा पॉइंट।

34:58

पहले बताइए समझ आ गया? डन। ऑल क्लियर? जी

35:01

भैया जी भैया

35:03

जी भैया

35:04

भैया हमारे घर वाले जाते होंगे तो मंदिर

35:06

डेली

35:08

चलो इसके बारे में हम बाद में डिस्कस

35:09

करेंगे ठीक है बस आपको समझ आना चाहिए पहली

35:13

चीज तो अब हम आगे चलते हैं तीसरा पॉइंट

35:16

बताओ

35:17

भैया दूसरा तीसरा आपने एक साथ ही ले लिया

35:20

था हर मंदिर में लेट जाना और हर भगवान की

35:22

पूजा करना

35:23

तीसरा एक मिनट तीसरा पॉइंट है हर भगवान की

35:25

पूजा करना हर विधि को मानना मंत्र का शौक

35:27

है हर हर हर मंत्र को ले लेना ओके

35:33

ओके

35:35

जिस व्यक्ति को अलग-अलग ऊर्जाएं बनाने का

35:38

शौक है

35:40

कि मेरे पास हनुमान जी महाराज की सिद्धि

35:42

हो भोलेनाथ की सिद्धि हो, माता की सिद्धि

35:44

हो, गणेश भगवान की सिद्धि हो, लक्ष्मी

35:46

माता की सिद्धि हो, सारी सिद्धियों का

35:49

भंडारा उसी के पास हो।

35:52

सर उसके पास कुछ नहीं रहता। आई एम वेरी

35:55

सॉरी।

35:58

उसके पास कुछ नहीं रहेगा। अक्सर आप यह भूल

36:02

जाते हो कि सिद्धि बनाने के बाद देखो

36:04

सिद्धि बना तो कोई भी सकता है। कोई भी बना

36:08

सकता है।

36:10

पर सिद्धि को रखना कैसे आपको पता ही नहीं।

36:15

यह कोई नहीं बताता कि सिद्धियों को रखते

36:17

कैसे हैं।

36:19

उनको ऊर्जा कैसे देते हैं।

36:23

हमेशा

36:26

लोग सिद्धि बनाने सिखाते हैं। आप YouTube

36:28

पर सर्च कर लो।

36:31

हर व्यक्ति कहेगा

36:33

हनुमान जी महाराज की सिद्धि पाएं। 40

36:35

दिनों में मात्र आठ दिनों में हनुमान जी

36:37

महाराज की सिद्धि पाएं। करण पिशाचनी,

36:39

योग्य नहीं, यक्षनी सब बताएंगे। पर कोई

36:42

अगर कोई यह बताता है हाउ टू मेंटेन योर

36:45

सिद्धि

36:50

बस वही गड़बड़ाती है।

36:53

आज तक किसी ने यह नहीं बताया कि आपको

36:55

सिद्धि को मेंटेन कैसे करना है।

36:58

इसका मतलब यह है। इसके कहने का तात्पर्य

37:01

यह है कि आप हर महीने एक नई गाड़ी लेते हो

37:05

पर उसकी सर्विसिंग नहीं कराते तो हमेशा वह

37:07

फेल हो जाती है। उसको मेंटेनेंस आपको रखना

37:11

नहीं आता। वह चलेगी कैसे सर?

37:16

तो क्या है वह पहले महीने तो बढ़िया चलती

37:18

है। उसके बाद ढीली हो जाती है। फिर फिर आप

37:21

कहते हो यार पहले तो अच्छा हो रहा था अब

37:23

नहीं हो रहा।

37:27

और जब इतनी सारी आप गाड़ियां ले ले तो उन

37:30

गाड़ियों का बोझ हो जाता है। उसका उन उन

37:32

गाड़ियों का कर्जा भी तो हो जाता है। अब

37:34

इंसान उन बोझ के तले ही मर जाता है।

37:40

यह सिद्धि है। ओके।

37:44

अब हम थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं जो

37:46

हर मंत्र की साधना करता है। मान लो किसी

37:48

ने हनुमान जी महाराज की साधना करी,

37:50

भोलेनाथ की करी, धुमा माता की, मां तारा

37:53

की, काली की सब करा। 40 दिन, 40 दिन, 41

37:56

दिन, 108 दिन सब किया। आपको एक बात बताता

38:00

हूं। हर सिद्धि की एक

38:04

पहले तो एक लाइफ लाइन होती है। दूसरी उसकी

38:07

एक मेंटेनिंग कॉस्ट होती है।

38:13

आपने मान लो Fortuner गाड़ी ली है।

38:16

Fortuner लेजेंडर गाड़ी ली है। सर वह पहली

38:20

सर्विसिंग मांगती है। फिर उसके बाद दूसरी

38:23

सर्विसिंग मांगती है। पर वह 12 13 की

38:26

एवरेज देती है।

38:30

उसकी क्लीनिंग डेंटिंग पेंटिंग से लेकर

38:32

सारा काम आपको करना पड़ता है। पहले तो वह

38:36

50 लाख में तो आएगी ना आजकल तो 61 हो गया

38:39

है। 61 लाख में तो वो आएगी आपके पास।

38:45

ठीक है? 61 लाख में तो वो आपके पास आएगी।

38:49

उसके बाद इतनी मेंटेनेंस आपको रखनी

38:51

पड़ेगी। और उसके बदले में आप जहां लेके

38:54

जाना चाहो रख चला ले जाओ। चाहे पहाड़ों

38:58

में ले जाओ, कुछ भी ले जाओ और जहां खड़ी

39:00

कर दोगे कोई बोलेगा नहीं। कहेगा यार वाह

39:02

शहंशाह है। तो सिद्धि के भी कुछ इसी तरह

39:06

लक्षण होते हैं।

39:11

सिद्धियों के भी कुछ इसी तरह लक्षण होते

39:13

हैं।

39:14

इनको हम कोई समझ नहीं पाते। ना कुछ सिखाता

39:17

है। सबसे बड़ी गलती यही है। सिद्धियों को

39:20

मेंटेन कैसे करना है? काम कैसे लेना है?

39:23

पता ही नहीं है।

39:26

हम जैसे भाई बंधु लगे हुए हैं। सीताराम

39:29

सीताराम ओम नमः शिवाय। ओम ओम ह क्लीम

39:31

चामुंडाय विच ओम ममते नमः ये अलग-अलग

39:34

मंत्र लगे हुए हैं।

39:38

सर वहां गड़बड़ होती है। मैं बताता हूं

39:41

आपको।

39:43

जितनी बड़ी साधना उतनी ही बड़ी उसकी

39:46

मेंटेनेंस

39:50

हमेशा याद रखना जितनी बड़ी साधना आप कर

39:53

रहे हो जैसे हर्षवर्धन भैया अब 10 महीने

39:56

की साधना करेंगे तो मेंटेनेंस कॉस्ट भी 10

39:58

महीने के हिसाब से रहेगी ऐसा नहीं है कि

40:00

वह एक दिन में चल जाए हैं ऐसा कभी नहीं

40:03

होगा कि Fortuner में आपने ₹10 का पेट्रोल

40:06

डलवाया और चलो पहले तो पेट्रोल डलेगा नहीं

40:08

डीजल की आती है

40:11

ठीक है और ₹10 का अगर पेट्रोल डलवा लिया

40:15

तो भाई साहब

40:18

धक्का भी नहीं लगेगा तुमसे तो उतर के इतनी

40:21

बड़ी गाड़ी है धक्का भी नहीं लगा सकते

40:27

इस बात को कोई समझता नहीं है

40:31

कि हमने 6 महीने की साधना कर ली हमें वो

40:34

मिल गया उसके बाद हम ढीले हो गए अरे पगले

40:38

6 महीने की तपस्या है जो सिद्धि बनेगी कि

40:42

उसको मेंटेनेंस कॉस्ट कौन देगा?

40:50

अब ऐसे व्यक्ति क्या करते हैं? सुनो मेरी

40:52

बात ध्यान से।

40:56

ऐसे व्यक्तियों के पास ऊर्जा बनाते रहते

41:00

हैं और ऊर्जा उनकी वेस्ट होती रहती है।

41:04

ऐसे लोग ऊर्जा बनाते रहते हैं और उनकी

41:06

ऊर्जा वेस्ट होती रहती। इसीलिए हम बोलते

41:08

हैं

41:10

कि भैया एक मंत्र रखो, एक देवता रखो, एक

41:13

तत्व रखो। दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है

41:16

जो संभव नहीं होगा।

41:20

दूसरा सिद्धियों की मेंटेनेंस के लिए यहां

41:23

की शक्तियां आपको किस तरह मदद करती? आशय

41:25

में बड़ा बड़ा अच्छा सिस्टम है। यह

41:27

गुरुदेव की महिमा से चलता है।

41:31

पहला

41:33

आपके पास जो भी शक्तियां सिद्धियां काम

41:36

करती है वो परमानेंट नहीं रहती। दे आर

41:38

नेवर परमानेंट। उनकी शिफ्ट चलती है। आज

41:41

आपके पीछे कोई और सिद्धि होगी, कल कोई और

41:44

होगी, परसों कोई और होगी और उससे अगले कोई

41:46

और होगी। जिस दिन आपको जो है

41:51

नेगेटिविटी देखनी है तो एक नेगेटिविटी की

41:53

स्क्रीन दे दी जाएगी आपको। जिस दिन आपको

41:56

देवताओं देवताओं के दर्शन करने हैं उस दिन

41:58

देवताओं की स्क्रीन दे दी जाएगी। जिस दिन

42:01

आपको

42:03

अपने शरीर के अंग देखने हैं तो उसकी

42:06

स्क्रीन दे दी जाएगी। जिस दिन आपको भविष्य

42:08

देखना है तो उसकी स्क्रीन दे दी जाएगी।

42:09

पास्ट को देखना है तो उसकी स्क्रीन दे दी

42:11

जाएगी। संतों से बात करनी है तो उसकी

42:13

स्क्रीन दे दी जाएगी।

42:16

और वापस ले ली जाती है

42:22

तो तुम्हारे हिसाब तुम्हारे जो जरूरत के

42:25

हिसाब से तुम्हें स्क्रीन मिल जाती है तो

42:27

पर्टिकुलरली एक सिद्धि कभी भी खड़ी नहीं

42:30

मिलेगी तुम्हारे पीछे

42:34

अगर आप ये कहते हो कि मेरे पास हनुमान जी

42:36

महाराज की सिद्धि है तो भूल जाओ।

42:38

ऐसे बोल सकते हो कि मेरे ऊपर हनुमान जी

42:41

महाराज की कृपा है।

42:45

कृपा और सिद्धि में बहुत फर्क है। सर कृपा

42:48

के पीछे भागना सिद्धियों के पीछे नहीं।

42:52

जो कृपा पात्र बन जाता है उसे सिद्धियों

42:55

की आवश्यकता नहीं पड़ती।

42:58

कृपा पात्र

43:02

अगर जो व्यक्ति बन जाता है

43:05

उसके लिए दुनिया की सारी शक्तियां कम हो

43:09

जाती है। पात्र मतलब समझते हैं ग्रहण

43:11

शक्ति का पात्र।

43:16

इसीलिए कृपा बड़ी हो जाती है। हमने पहले

43:20

सिखाई है जो स्टार्टिंग में हमसे जुड़े थे

43:23

तो हमने वीडियो भी बनाई है कृपा और सिद्धि

43:25

के बीच में। बहुत लोगों ने देखी है। ठीक

43:28

है? तो कृपा बहुत बड़ी होती है। सिद्धि तो

43:32

बहुत निम्न मात्र होती है। इंसान को आशय

43:37

में किस तरह काम करती है?

43:41

गुरु की कृपा से ऐसा होता है कि उनकी

43:44

कंटीन्यूस सर्विसिंग होती है।

43:48

उनकी कंटीन्यूअस सर्विसिंग होती है।

43:53

कंटीन्यूस जागरण चलता है। कंटीन्यूस

43:57

शक्तियां काम करती है। तभी शक्तियों को

43:59

चैनलाइज किया जा सकता है।

44:04

तो जब आपको जो आवश्यकता पड़ती है वह शक्ति

44:07

आपके पास होती है और फिर तुरंत वापस आ

44:08

जाती है।

44:11

सिद्धियों की मेंटेनेंस में ऐसा ही खर्चा

44:13

आता है साहब। तो जो आप यह अगर यह सोच रहे

44:16

हैं कि मैं अपनी एक सिद्धि बना लूं तो सर

44:20

उसको मेंटेन रखना वरना वही प्रेत बनके

44:23

आपकी जान खा जाएगी।

44:28

पहली चीज अगर आपने सिद्धि बना ली। ठीक है?

44:34

अगर आपने सिद्धि बना ली है तो उसकी

44:40

जो मेंटेनेंस कॉस्ट है वह याद जरूर रखना।

44:49

ये कभी मत भूलना। छोटी बात नहीं है।

44:52

क्वेश्चन बाद में पूछो। इस बातों को समझो

44:55

पहले।

44:58

इस बात को समझना।

45:03

इंसान भूल जाता है।

45:07

अलग-अलग मंत्र के चक्कर में अलग-अलग तत्व

45:10

शरीर में ग्रहण करते हो। तुम

45:13

अलग-अलग मंत्र से अलग-अलग सूक्ष्म शरीर

45:16

बनते हैं। अलग-अलग सूक्ष्म शरीर बनने से

45:19

अलग-अलग तत्व बनने से अलग-अलग

45:23

वनरेबल कंडीशंस बन जाती है कि आपको हर

45:26

तत्व से खींचा जा सके।

45:30

फॉर एग्जांपल

45:32

एक बात बताऊं

45:36

अब छोटी सी बात रखिए कि मान लीजिए

45:41

शिव तत्व लोहा है। शिव तत्व आयरन है।

45:48

शिव तत्व आयरन है।

45:54

समझ रहे हैं?

45:56

आ गया समझ में?

45:59

शिव तत्व आयरन है। राम तत्व जल है।

46:04

जस्ट फॉर एग्जांपल बता रहा हूं। एग्जांपल

46:06

हाइपोथेटिकल सिचुएशन है। बहुत ध्यान से

46:08

सुनिए। शिव तत्व आयरन है। राम तत्व जल है।

46:14

ओके?

46:18

अब कोई व्यक्ति कहेगा मेरे पास आयरन भी है

46:21

और पानी भी है। दोनों है। बढ़िया मस्त

46:24

मस्त चल रहा है। जहां आयरन की जरूरत

46:27

पड़ेगी वहां आयरन से काम करूंगा। धंग धंग

46:28

धंग धंग जहां पानी से जरूरत पड़ेगी वहां

46:31

पानी चलाऊंगा।

46:36

अब यार सोचने में तो बहुत अच्छी बात है कि

46:39

इसके पास लोहा भी है और पानी भी है। भाई

46:42

वाह।

46:46

पर सर एक बात बताओ

46:50

अगर

46:52

कोई रवि जैसा

46:57

शाणा या हर धवल धवल जैसा शाणा कोई व्यक्ति

47:01

आ जाए

47:03

वो पता है क्या करेगा वही देखेगा अच्छा

47:08

ओो लोहा है इसके पास कितना है छोटा सा ये

47:12

क्या करेगा एक चुंबक रखेगा अपने पास

47:18

चुंबक रखेगा अपने पास मैगनेट रखेगा वह

47:21

लोहा खींच के चुंबक के पास

47:24

अच्छा पानी है आग जलाएगा वो

47:29

पानी

47:38

दो सिद्धियां दोनों पुश

47:43

दो सिद्धियां दोनों फस

47:48

क्या रह गया

47:51

पीछे क्या रह गया

47:53

बाबा जी का ठुल्लू

48:01

सर

48:03

आप सोचो वो दो सिद्धियां कोई काम नहीं आई

48:08

पर अगर

48:12

अगर मैं एक ही तत्व पर काम करता

48:16

मान लो मैं शिव तत्व पर काम करता तो मेरे

48:20

पास लोहा होता

48:22

और इतना होता

48:25

इतना वजन होता उस लोहे में साले तुम

48:28

हजारों मैग्नेट रख दो तो लोहा खिसके ही

48:30

नहीं तुम्हारा मैग्नेट खिसक जाएगा लोहे के

48:33

पास

48:36

समझ रहे हो

48:38

100 टन लोहा पड़ा है 100 टन लोहा पड़ा है।

48:43

100 टन लोहा है।

48:46

आप 5 किलो का मैगनेट लेके रखो। मैं कहता

48:50

हूं इंसान के साथ मैगनेट उड़ता हुआ उस लोहे

48:54

के पास जाएगा।

48:59

समझ आ रहा है आपको? मैं क्या समझा रहा

49:01

हूं?

49:03

जी। जी।

49:07

100 टन अगर लोहा है तो लोहा अपनी जगह नहीं

49:10

छोड़ेगा। इसका मतलब सामने वाली सिद्धि

49:13

तुम्हारे पास खुद खींच के आएगी

49:16

और ऐसी चिपक जाएगी कि जाने का नाम ही नहीं

49:18

लेगी।

49:20

वो वो आदमी जो है वो पीछे करेगा कि भाई तू

49:22

मेरी है। मेरी है मेरी है। तू तो चल मेरे

49:24

साथ।

49:26

पर अंतोगतवा उसको वह मैगनेट वहीं छोड़कर

49:30

आना पड़ेगा।

49:35

तो सारे बोलो

49:37

जय जय सियाराम जय सिया भाई गलत जगह फस गया

49:42

जो था वो भी देके आना पड़ा [हंसी]

49:48

है ना कि भाई जो दे जो था वो भी देके आना

49:53

पड़ा मुझे तो एक तो मैग्नेट लिया था मैंने

49:57

लुट गया मैं तो बर्बाद हो गया

50:01

अगर आपके पास जल है।

50:04

अगर आपके पास जल तत्व है पर अगर जल पड़ा

50:08

है

50:10

लाखों क्यूबिक सेंटीमीटर।

50:15

ठीक है।

50:18

तो मैं कहता हूं सर आग

50:22

मैं कहता हूं तुम पूरे प्लेनेट की आग बुझा

50:25

दो।

50:29

तुम आग तो क्या तुम पूरे प्लनेट की आग

50:31

बुझा दो भाई

50:35

चाहे तुम किसी को रख लो तुम अगर तुम ये

50:40

सोचते हो कि मैं अगर सामने वाले के पास

50:43

लोहा है तो तुम्हें तुम्हें यह नहीं पता

50:46

कि पानी का प्रेशर कितना होता है।

50:48

हाइड्रोलिक पंप का नाम सुना है?

50:52

जी भैया सुना है।

50:53

जी भैया।

50:54

हां। जितने भी लार्जेस्ट प्रेशर हैं

50:58

जो जो है जो लोहा नहीं उठा सकता वो वो

51:04

सिर्फ हाइड्रोलिक पंप सिर्फ पानी उठाता

51:07

है। बड़े-बड़े शिफ्ट जहाज सिर्फ

51:10

हाइड्रोलिक पंप के इशारे चलते हैं। ये

51:13

ट्रक वगैरह हाइड्रोलिक पंप से चलते हैं।

51:15

तो पानी के अंदर इतनी क्षमता है कि वह

51:18

लोहा तो क्या

51:23

किसी को नहीं छोड़ता। इसका मतलब क्या हुआ?

51:26

इसका मतलब यह हुआ कि लाखों तत्व अलग-अलग

51:31

बनाने से अच्छा है एक ही तत्व को प्रबल कर

51:34

लो।

51:36

इतनी सिद्धियां मत बनाओ।

51:39

कोई एक सामने दृष्टि वाला आ गया ना

51:43

रवि जैसा वह छोड़ेगा नहीं तुम्हें

51:47

उसका मन करेगा तो वो पानी को खींच लेगा

51:50

नहीं तो जला देगा वरना लोहे को खींच लेगा

51:54

और ऐसे चल जा

51:57

बैठे रहना सिद्धि

52:00

किसकी सिद्धि कौन सी सिद्धि कहां की

52:02

सिद्धि

52:05

ऐसे लोगों से प्रार्थना है कि भैया यह

52:09

सिद्धियों पे इतना ध्यान ना दे।

52:16

अपना तत्व प्रबल करो।

52:20

समझ आ रहा है?

52:23

जी भैया

52:24

जी भैया।

52:24

जी भैया

52:25

जी भैया।

52:26

ठीक है। उसके लिए ज्यादा मंत्रों में मत

52:29

घुसो। फायदे में रहोगे।

52:33

और जितनी बड़ी तुम साधना कर रहे हो उसी

52:37

साधना को कंटिन्यू रखो।

52:41

अगर धरती पर पानी

52:46

ठीक है। पानी की इंटेंसिटी

52:50

अगर धरती से बाहर जा रही होती तो आज सूख

52:53

गया होता पानी।

52:56

पर अक्सर जो है हर जगह का पानी सूख जाता

53:00

है। अगर उसमें पानी ऐड ऑन ना हो तो

53:03

कंटीन्यूअसली चलता रहना चाहिए। ट्राई करो

53:06

राम का नाम चलता रहे।

53:11

इस बात को समझो।

53:14

सर्विसिंग चलती रहे तो सिद्धियां साथ देती

53:17

है।

53:19

प्लीज किसी के बहकावे में मत घुसना।

53:24

दो दिन झटका लगने के बाद क्या करते हो

53:26

इंसान भाई मैं दिल की बात बताता हूं हम

53:29

दिल से बोलते हैं साफ बताएं हम राम के दास

53:32

हैं बिल्कुल साफ बोलते हैं इंसान को थोड़ा

53:34

झटका लगा कोई बोल देगा अरे यार तुम वैसे

53:37

नहीं तुम वैसे कर लो आज यह वाला मंत्र कर

53:39

लो कल वो कर लेना कुछ नहीं होगा कहीं नहीं

53:42

रहोगे कहीं के नहीं रहोगे

53:47

सर और आपके करे बिना कुछ भी नहीं होने

53:50

वाला अगर आप भी यह सोचते हो कि मेरे बिना

53:53

ना कोई दूसरा कर देगा

53:55

या मेरा काम कोई दूसरा कर देगा तो सर

54:00

आई रिक्वेस्ट यू ऐसा नहीं होगा आपका काम

54:05

आप ही को करना पड़ेगा चाहे वो एस्टल हो

54:07

चाहे फिजिकल हो हर व्यक्ति आपको एक पुश दे

54:10

सकता है यहां की शक्तियों को एक्सेस मिल

54:12

सकता है पर एक्सेस मिलने के बाद कार्य आप

54:15

ही को करना पड़ेगा दैट्स ऑल वी कैन डू

54:20

चलिए फोर्थ लेते हैं अब पहले बताइए समझ

54:22

आया?

54:24

जी भैया

54:25

जी भैया

54:28

जी भैया

54:29

जी भैया

54:30

ओके

54:33

चलिए अब हम आगे चलते हैं। अब हम फोर्थ

54:37

फोर्थ पॉइंट क्या था?

54:39

मन इच्छा बहुताता है।

54:42

मन इच्छा बहुत चलाता है। विधि पूरी नहीं

54:44

करता।

54:45

भाई उनका तो इतना सत्यानाश होता है ना

54:51

उनके ऊपर दोष लगता है वह अलग से

54:54

ठीक है शक्तियां आकर थप्पड़ मार के जाती

54:57

है वो अलग से

55:00

बहुत बुरा हाल होता है भैया

55:03

हां बहुत बुरा हाल होता है इसीलिए कभी-कभी

55:08

क्या होता है कि वो सोचता है कि आप मान लो

55:11

आश्रम में बोला ठीक है मैं कर रहा हूं कर

55:13

रहा हूं ठीक है मैंने मैंने 510 दिन ये कर

55:15

लिए फिर उसके बाद नहीं मेरे को वो अच्छा

55:16

लगा तो मैं वो करने लग सकता हूं।

55:19

सर

55:22

अगर बाय चांस

55:26

चलो हम तो यहां यहां की शक्तियां तो राम

55:29

तत्व से लीन है। हम हम तो किसी पर वैसे भी

55:32

अस्त्र नहीं उठाते और वैसे भी हमारे भगवान

55:35

ही नहीं बोलते। किसी को किसी का नुकसान

55:37

पहुंचाने के लिए।

55:39

हम तो हम तो वैसे ही हाथ जोड़े रखते हैं।

55:43

पर अगर आपने ऐसा कुछ माता के भक्तों के

55:48

साथ या माता के तत्वों के साथ कर लिया,

55:50

खिलवाड़ कर लिया तो माता की शक्तियां तो

55:52

ऐसी होती है। आपको छोड़ती नहीं है। वही

55:54

आपको नुकसान कर देती है। इतना ज्यादा कर

55:56

देती है कि पूछो ही मत। मतलब तुम किसी का

55:59

उपाय और किसी की मदद लेने गए थे। किसी

56:01

मंदिर में, किसी ने कुछ बता दिया। तुमने

56:03

वो नहीं किया। तुम्हारा बेड़ा घर का। यू

56:05

आर

56:06

हेल्पलेस,

56:08

फ्लोलेस। आप आप यह सोचोगे कि यार मैं लेने

56:11

तो कुछ गया था। हो क्या गया मेरे साथ?

56:13

क्योंकि आपने वो नहीं किया जो बोला गया

56:15

था। आप गए

56:18

यहां पर ऐसा नहीं होता सर। हम हाथ जोड़कर

56:22

बोलते हैं हम हम राम की साधना करते हैं।

56:26

ठीक है। और ठंडू राम की ठंडू राम की

56:29

जय।

56:30

जय।

56:31

जय।

56:33

हम कोशिश करते हैं कि ऐसा आप कभी मत करो।

56:37

ऐसा आप कभी मत करो। जो आपको प्रोसेस बताया

56:40

है आप वो करो। यहां पर गुरुदेव ने बहुत

56:43

सिंपल प्रोसेस बताया कि इंसान आप कुछ भी

56:45

खाइए, कुछ भी पीजिए, कभी भी साधना कीजिए,

56:48

कभी भी जाप कीजिए, किसी भी टाइम दीपक

56:50

कीजिए। अगर आप कंटीन्यूअसली शक्तियां

56:53

चाहते हैं तो। दैट्स ऑल।

56:58

ठीक है। आप हमें मत दीजिए। नो प्रॉब्लम।

57:00

आप अपने घर पे लगाइए। अगर आपको यहां से

57:05

आशीर्वाद प्राप्त है गुरु का आपको एक्सेस

57:07

मिला हुआ है। आप देखेंगे चमत्कार होगा।

57:10

दुनिया को हुआ है सर। यहां पर दिन

57:14

प्रतिदिन मैं बस चमत्कार ही देखता हूं।

57:18

मैं यहां पर बैठकर दिन प्रतिदिन चमत्कार

57:20

ही देखता हूं। पर दिन में दो से तीन केस

57:24

ऐसे भी आते हैं जो इन्हीं गलतियों की वजह

57:28

से मार भी खाते हैं।

57:31

और वह लोग है ना क्या करेंगे पता है क्या

57:33

करेंगे वह हमारे पास आते हैं वो कहते हैं

57:36

भाई हमने तो वही किया जो आपने कहा था ओ

57:39

क्या हो गया भैया बताओ मुझे

57:42

हो नहीं रहा मेरा कुछ काम ऐसा मुंह

57:46

बनाएंगे हमारे सामने

57:49

अब हम भी परेशान

57:51

क्योंकि ऐसा हो नहीं सकता कि मोर देन 85%

57:56

लोगों के काम कहते ही बन रहे हैं।

57:59

पर 15% लोग आए हैं।

58:06

वह तो सर गजब है और उनके उनके हम जैसे हम

58:10

जैसे उनको देखते हैं गुरुदेव इतना बोल

58:12

देते हैं कि झूठ बोल रहे हैं पर यह नहीं

58:14

बताते कि क्या बोल रहे हैं। हम उनको देखते

58:16

रहते हैं। हमने कहा अच्छा अच्छा अच्छा

58:19

अच्छा हो नहीं रहा। अरे बाप रे कोई बात

58:21

नहीं। हम तो वैसे भी कुछ नहीं कहते। हमें

58:22

कहते हैं कोई बात नहीं। आप ऐसा कर लीजिए।

58:25

हम फिर और करते और बताते हैं। क्या पता

58:27

पूरा हो जाए।

58:30

आप हमें नहीं बताओगे तो हमें कोई फर्क

58:34

नहीं पड़ेगा।

58:37

और जितना बोला गया है आप वह कर लेना।

58:40

जितना आपको बोला गया है वह कर लेना। फर्क

58:44

आपको ही पड़ेगा। शक्तियां आप ही के साथ

58:46

रहेंगी।

58:48

हम तो गुरु आदेश से बैठे हैं।

58:51

सर जब 85% लोगों के काम हो रहे हैं तो 15%

58:57

लोगों के इसी वजह से काम नहीं हो रहे हैं।

59:01

मैं आज ऐसे ही नहीं बोल रहा।

59:04

मैंने आज बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक को डिस्कस

59:07

करने के लिए आप सभी का समय लिया है।

59:14

हमारी क्षमता नहीं है बताने की पर हमारे

59:17

गुरुदेव से हमने जो सीखा है, जो उनकी

59:19

तरंगों से सीखा है वही हम आपको बता रहे

59:22

हैं। अपने अनुभव से जो हमने सीखा है वही

59:24

हम आपको बता रहे हैं।

59:26

इस ये जो चार गलतियां करते हैं उन्हीं

59:29

लोगों के कार्य नहीं होते। बाकी सबके होते

59:31

हैं। बाकी सबको दृष्टियां मिलती है। सबको

59:35

समझ आता है।

59:40

उस और फिर वही 15 15% लोग जब ब्लेम करते

59:43

हैं

59:45

हम ही को ब्लेम करते हैं। बस अपना

59:49

अपनी बात आगे रखने के लिए या अपनी बात को

59:52

में वह अच्छे हो जाए। अपनी बात में बढ़िया

59:55

हो जाए। अपनी बात में आगे निकल जाए।

1:00:00

अब ऐसे ऐसी कंडीशन में जब लोग इस तरह के

1:00:06

भाव रखते हैं

1:00:08

तो होता क्या है?

1:00:13

हम तो अपनी तरफ से कहते हैं भाई ठीक है जय

1:00:16

सियाराम।

1:00:19

और वही 15% लोग कहीं ठीक नहीं हो पाते। बस

1:00:22

इसी वजह से उसे क्या है कि उसे हमें बहुत

1:00:27

बुरा लगता है। हमें बहुत बुरा लगता है। हम

1:00:31

गुरुदेव से बोलते हैं कि प्रभु हमें तो

1:00:33

दिख रहा है पर ऐसे लोगों का क्या करें?

1:00:39

तो गुरु गुरुदेव सिर्फ एक एक ही उत्तर

1:00:42

देते हैं कि बेटा उनका समय नहीं आया।

1:00:46

अक्सर बोलते हैं

1:00:49

जब उनका ठीक होने का समय आएगा तो उनसे

1:00:52

अपने आप कार्य हो जाएगा।

1:00:56

मैंने कहा प्रभु यह मानते नहीं है। यह

1:00:58

उल्टा सीधा बोल रहे हैं। प्रभु अक्सर

1:01:00

बोलते हैं कि बेटा उनका समय नहीं आया। अब

1:01:03

समय नहीं आया तो इंतजार करो।

1:01:06

ठीक है?

1:01:09

आशा करता हूं ये चार तत्व आपको समझ आए

1:01:12

होंगे और बहुत सारी

1:01:17

कंफ्यूजन जो है आपके क्लियर हुए होंगे।

1:01:19

मैं मेंटर से भी विनती करूंगा। सभी से

1:01:22

प्रार्थना करूंगा कि सभी लोग इन पॉइंट्स

1:01:25

को हमेशा याद रखें, समझाएं और आप सभी से

1:01:29

प्रार्थना है कि आप इन पॉइंट्स को कभी मत

1:01:31

भूलिएगा।

1:01:33

ठीक है? अगर आप

1:01:34

एक और कैटेगरी है भैया।

1:01:38

भैया एक और कैटेगरी है। एक है बार-बार

1:01:40

गुरुओं को चेंज करना। यानी आपसे काम नहीं

1:01:42

हुआ। छ महीने बाद कोई और गुरु नया गुरु।

1:01:46

वो वो तो शक्तियां आ गई ना वही सेम सेम

1:01:48

शक्तियां आ गई। सेम शक्तियां कैटेगरी बन

1:01:50

गई। सेम कैटेगरी बन गई। ठीक है? अ ऐसे में

1:01:55

क्या होता है कि जब आप बार-बार नए-नए गुरु

1:01:57

बनाते हैं तो ऐसा ज्यादा तो कुछ नहीं

1:02:01

होता। पर अगर उग्र उग्र कोई शक्ति के पास

1:02:04

अगर आप चले गए जैसे कि मैं हां ये बोल

1:02:08

देना चाहता हूं कि अगर आप उग्र शक्ति,

1:02:09

किसी उग्र या किसी जोरदार, किसी पावरफुल

1:02:12

शक्ति के पास चले गए। पावरफुल कौन? ऐसा

1:02:14

नहीं मतलब पावरफुल मतलब पावरफुल का मतलब

1:02:18

यह होता है वेरी एग्रेसिव

1:02:21

जिसका तत्व बहुत ज्यादा एग्रेसिव रहता है

1:02:25

तुरंत एग्रेसिव काम करता है जैसे राम तत्व

1:02:28

तो बहुत आराम से काम करता है सीताराम

1:02:32

ठीक है और हनुमान जी महाराज का तत्व थोड़ा

1:02:35

उग्र है। माता का तत्व और उग्र है। माता

1:02:40

के साधक के पास आप चले गए। वहां से अगर

1:02:42

आपने वहां से अगर आप निकल गए और फिर आप

1:02:45

किसी और के पास आ गए तो सर आपका जीना हराम

1:02:48

हो जाएगा क्योंकि वहां की शक्तियां आपको

1:02:51

छोड़ेंग नहीं। माता की साधना अगर आप कर

1:02:54

रहे हो

1:02:56

और अगर किसी गुरु से जुड़े हो

1:03:00

और अगर आपने गुरु बदल लिया

1:03:03

तो भैया तुम्हारा गुरु घंटाल हो जाएगा

1:03:06

क्योंकि शक्तियां ही जीना आराम कर देती

1:03:08

है।

1:03:10

माता की कहती है भाई हमारे सीताराम भगवान

1:03:14

की तो करते नहीं है। ठीक है? इसीलिए यहां

1:03:18

पर कोई भी आवे कोई भी जावे किसी को कोई

1:03:21

कुछ नहीं कहता क्योंकि ठंडराम की

1:03:24

जय

1:03:26

ठंडू राम की

1:03:27

जय

1:03:27

जय

1:03:29

हां तो

1:03:32

हां उनका बहुत थोड़ा सा गलत हो जाता है और

1:03:35

फिर लोग बहुत बड़ी समस्या आती है उनको आगे

1:03:39

ठीक आशा करता हूं समझ आया होगा अभी हम

1:03:42

थोड़े से थोड़े डाउट है जो वो ले लेते हैं

1:03:45

जो आपने चैट सेक्शन में लिखे

1:03:48

मंदिर में दीपक जलाते साक्षी मान

1:03:52

मंदिर में दीपक जलाते हैं साक्षी मानकर

1:03:54

हां अगर उस शक्ति को प्रणाम ना करके दीपक

1:03:57

जलाए तो बहुत अच्छी बात है

1:04:02

ठीक है

1:04:03

भैया एक क्वेश्चन था मेरा

1:04:06

हां जिन्होंने दे दिया बोलो

1:04:11

अलग-अलग प्राप्त होते तो वो तो जो व्यक्ति

1:04:14

अलग-अलग मंत्र का मंत्र को जाप करता है।

1:04:17

लेकिन हम अगर एक ही महामंत्र का जाप कर

1:04:20

रहे हैं। उसके बावजूद भी अलग-अलग तत्व

1:04:22

मिलते हैं तो उसमें और उसमें क्या डिफरेंस

1:04:24

है? देखिए

1:04:27

अलग-अलग तत्व कैसे मिलते हैं मैं बता देता

1:04:29

हूं। ठीक है? मान लीजिए जैसे आप राम तत्व

1:04:33

कर रहे हैं तो उसमें जल तत्व आ गया। मान

1:04:35

रहे हैं ना जल तत्व।

1:04:36

जी।

1:04:37

हम एग्जांपल ले रहे हैं। अभी हाइपोथेटिकल

1:04:39

सिचुएशन ले रहे हैं कि राम तत्व का आप जाप

1:04:41

कर रहे हो। ठीक है?

1:04:43

जी।

1:04:43

और उसमें अह आपको अलग-अलग तत्व फॉर

1:04:46

एग्ज़ांपल पानी के अंदर पानी के अंदर लोहा

1:04:50

आ जाए चलता है। मिनरल्स आ जाए तो भी चलता

1:04:53

है। पानी पर तत्व पानी ही रहेगा वो। पानी

1:04:58

के अंदर लोहा मिक्स। पानी के अंदर मिनरल

1:05:00

मिक्स। पानी के अंदर आयरन और मिक्स। पानी

1:05:04

के अंदर ही सब कुछ मिक्स है।

1:05:08

और पानी के अंदर अग्नि भी मिक्स होता है

1:05:10

तो पानी भी गर्म हो जाता है। हो जाता है

1:05:12

नहीं हो जाता। उसी को अग्नि तत्व बोलते

1:05:14

हैं।

1:05:17

पानी के अंदर वायु तत्व मिल जाए तो पानी

1:05:22

पर तत्व तो पानी ही रहेगा।

1:05:28

इस बात को कभी भूलिए नहीं। तत्व पानी ही

1:05:31

रहेगा। हां। अगर पानी के अंदर अग्नि डाल

1:05:35

दो तो पानी उग्र हो जाता है। उबलने लगता

1:05:37

है। गुड गुड गुड गुड।

1:05:40

ठीक है? अग्नि डायरेक्ट अग्नि नहीं है।

1:05:44

अल्टरनेट फॉर्म में अग्नि है।

1:05:47

बहुत चेंज हो जाता है। इस बात को आप भूलिए

1:05:50

नहीं।

1:05:52

जी भाई

1:05:53

मंदिर में कैसे जाए? मंदिर में कैसे जाए?

1:05:56

मंदिर में डेली जाते हैं क्या?

1:06:03

मैं मेरे पापा डेली साक्षी मानकर दीपक

1:06:06

जलाते हैं। तो कोई दिक्कत नहीं है। ठीक

1:06:09

है। दीपक जलाइए।

1:06:15

ठीक है। तो आशा करता हूं आप सभी को बहुत

1:06:18

चीजें समझ आई होंगी। भाई समझिए भगवान

1:06:21

भैया एक एक लास्ट क्वेश्चन भैया

1:06:22

बोलिए

1:06:24

भैया जैसे अपन बाइक में जाते हैं तो जो भी

1:06:26

मंदिर देखा तो उसको अपन ऐसे झुकते हैं ना

1:06:28

ऐसे थोड़ा झुक के जाते हैं तो वो भी करना

1:06:30

बंद है क्या भैया

1:06:32

आप भी क्यों बाइक में जाते हैं अपन तो कोई

1:06:34

भी मंदिर देखा तो थोड़ा झुक मतलब एक बार

1:06:36

नमस्कार जाते हैं मतलब नमस्कार नहीं करते

1:06:38

ऐसे झुक जाते

1:06:40

वो आदर होता है वो आदर होता है। उससे ऐसा

1:06:44

कुछ नहीं होगा। ठीक है। आदर दो। आदर दो ना

1:06:47

सर। ऐसे ऐड में नहीं ऐड में मत रहना कि

1:06:51

हां ओ मैं नहीं करता किसी को तो भैया टूट

1:06:54

जाओगे। आदर जरूर देना। ठीक है

1:06:57

[गला साफ़ करने की आवाज़] इतना।

1:06:57

भैया एक सवाल था। वो विष्णु जी का नौ रूप

1:07:03

है तो हम राम एक रूप है। तो कभी हम उग्र

1:07:07

रूप जैसे नरसिम स्वामी का टेंपल गए वह भी

1:07:10

राम है।

1:07:11

तो फर्क होगा।

1:07:13

फर्क तो रहेगा। नरसिंह भगवान का तत्व

1:07:15

आएगा। राम का तत्व आएगा। फर्क तो रहता है।

1:07:19

ठीक है। अब हनुमान जी महाराज और भोलेनाथ

1:07:22

का तत्व अलग-अलग नहीं है क्या? अलग ही

1:07:23

रुद्र अवतार है। भोलेनाथ के

1:07:30

भैया एक क्वेश्चन है।

1:07:31

भैया अगर हमारे घर वाले डेली मंदिर जाते

1:07:34

हैं जाते-आते रहते हैं तो वहां की

1:07:36

शक्तियां हमारे घर आएगी क्या?

1:07:38

आएगी भी 100% आएगी।

1:07:41

और हमारे पासवर्ड का एक्सेस

1:07:45

हम पर उसका कुछ इंपैक्ट पड़ेगा क्या?

1:07:47

अगर तुमने मम्मी पापा को विधि नहीं बता

1:07:49

रखी है आशा की और तुम सिर्फ तुम ही कर रहे

1:07:52

हो तो चिंता मत करो। तुम तुम्हारे पास

1:07:55

एक्सेस रहेगा।

1:07:57

विधि नहीं पता लेकिन दीपक लगाता हूं मैं।

1:08:00

तो बस मेरी बात सुनना ध्यान से। जो मंदिर

1:08:03

जा रहा है वही लेकर आएगा। और जो मंदिर जा

1:08:06

रहा है अगर उसके पास आशा की शक्तियों का

1:08:08

एक्सेस है वह फंसेगा। पासवर्ड उसके पास

1:08:11

है। ठीक है? तुम्हारे घर में कितने भी लोग

1:08:15

मंदिर जाकर आ जाए शक्तियां उनके पीछे

1:08:17

आएंगी। तुम्हारे पीछे नहीं आएंगी। तुम

1:08:18

दीपक लगाना तुम्हारा जाप तुम्हारी शक्ति

1:08:22

तुम्हारे पास ही रहेगी। तुम अपना पासवर्ड

1:08:24

अगर किसी को दे रहे हो तो दिक्कत है। फोन

1:08:27

का पासवर्ड मत देना किसी को। तुम्हारे पास

1:08:30

ही रहेगा। आ रहा है समझ में?

1:08:34

जी भैया। हां फोन का पासवर्ड मत दो।

1:08:36

दुनिया को जानने दो यार। क्या दिक्कत है?

1:08:38

पापा को बोलो वहां जाए। मम्मी को बोलो

1:08:40

वहां जाए। क्या दिक्कत है? बस मम्मी पापा

1:08:41

को विधि मत बताना तुम्हारी। ठीक है? हां।

1:08:45

और अगर विधि बता दी तो उनको बोलो जाना बंद

1:08:47

कर दे प्लीज। बस ऐसे

1:08:52

ठीक है।

1:08:52

भैया अगर संकल्प लेके मंदिर में जाए और

1:08:56

अगर वहां पे प्रणाम करें संकल्प लेके तो

1:09:00

भी दिक्कत।

1:09:01

संकल्प लेके जाते हो तो कोई दिक्कत नहीं।

1:09:03

वैसे दिक्कत नहीं आती। ठीक है? देखो क्या

1:09:06

है ना कि रेगुलरली जाने वालों के लिए

1:09:08

थोड़ी सी दिक्कत है। वैसे आप 15 दिन में

1:09:10

एक बार जाते हैं, हफ्ते में एक बार जाते

1:09:12

हैं या दो-ती दिन एक बार जाते हैं ऐसे

1:09:15

जाते हैं तो इतना जरूरी नहीं है। ठीक है?

1:09:19

महीने में मान लो मान लो क्या है कि अब

1:09:22

बड़े लोग जो होते हैं जो मतलब 30 40 या

1:09:24

फिर जो भगवान का नाम लेते हैं उनका टूर ही

1:09:26

रहता है कि यार किसी मंदिर में जाए।

1:09:29

ठीक है? राम का साध होगा वो सोचेगा यार

1:09:31

चलो ठीक है मंदिर के बहाने दर्शन भी

1:09:32

कराएंगे आ भी जाएंगे तो ऐसे दर्शन करने

1:09:35

कहीं भी जाओ कहीं भी जाओ

1:09:39

ठीक है घर आओगे दीपक लगाओगे शक्तियां आएगी

1:09:42

चली जाएंगी दैट्स ऑल

1:09:44

ठीक है हम कभी नहीं कहते कि मंदिर में मत

1:09:47

जाओ अरे भाई जाओ इतने सुंदर-सुंदर मंदिर

1:09:50

हैं अलग-अलग विद्याएं हैं अलग-अलग संत

1:09:53

महात्मा है क्यों नहीं सीखो सीखो सीखने की

1:09:56

चीज है ठीक है पर अपना राम तत्व मत भूल

1:10:02

जय सिया राम भैया

1:10:05

मेरा एक क्वेश्चन था कि अगर जैसे अपने कोई

1:10:08

भाई बहन है वो आशा से नहीं जुड़े हुए

1:10:11

लेकिन वो जाप करना चाहते हैं जुड़ना चाहते

1:10:13

हैं भगवान की शक्ति से और हमने आपको

1:10:15

साक्षी मानकर उसको दीपक बता दिया वो दीपक

1:10:18

कर रहे हैं और जाप कर रहे हैं तो इसका

1:10:20

मतलब हमने गलत किया वो

1:10:21

तो फिर उसका इंपैक्ट तुम पर भी आएगा

1:10:25

ठीक है

1:10:25

फिर क्या किया जाए भैया उस केस में

1:10:28

उस केस इसमें रिसेप्ट वो पासवर्ड बदल

1:10:30

लेंगे बता देंगे।

1:10:32

ठीक है।

1:10:33

जी भैया

1:10:34

भैया

1:10:34

भैया किसी भैया किसी को आशा जॉइ करने के

1:10:37

लिए बोला तो वो भी गलत है।

1:10:39

ना अरे यार जॉइ करने के लिए यार ये यार

1:10:44

ऐसी बातें मत करो यार।

1:10:46

समझ में नहीं आया इसलिए बोल रही हूं।

1:10:48

आप जॉइ करने के लिए किसी को भी बोल सकते

1:10:50

हैं। बट आप अपनी शक्तियों का एक्सेस जो

1:10:53

आपको प्रार्थनाएं या संकल्प जो बताया गया

1:10:55

बस आप वो मत बताइए। दैट्स ऑल।

1:10:57

ओके

1:10:58

हां जी हां जी

1:11:00

भैया तो गलत लोग इंटरप्रेट कर रहे हैं यार

1:11:02

ये तो कल पता पड़ रहा है लोग जो कह ही

1:11:05

नहीं रहे

1:11:07

बस

1:11:08

आप गलत मत इंटरप्रेटेट कीजिए प्लीज ठीक है

1:11:11

ये तो गड़बड़ हो जाएगी ठीक है

1:11:15

हमारे गुरुदेव कहेंगे हमें हमने बताया कुछ

1:11:17

और था तुमने किसी और को कुछ और बता दिया

1:11:20

हमारे गुरुदेव हमारी पिटाई कर देंगे

1:11:26

ठीक है चलिए आशा करता हूं सबको समझ आया

1:11:29

होगा और आज का सेशन आप सबके लिए लाभदायक

1:11:34

हो। आपको भगवान की भक्ति प्राप्त हो,

1:11:36

शक्ति प्राप्त हो और इस भाई का यही वचन है

1:11:43

कि हम आपकी सेवा में सदैव रहेंगे। ये

1:11:46

विश्वास सदैव रखिए और जय सियाराम का जप

1:11:50

करते रहिए। जय सियाराम। सब क्या

1:11:57

सियाराम जय सियाराम जय जय राम सियाराम

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