Mool Tattva - Why energies and shaktis dont work...
आज हम एक टॉपिक को डिस्कस करेंगे जो बड़ा
इंटरेस्टिंग है और बहुत कॉमनली अब आ रहा
है। कुछ प्रॉब्लम्स आ रही हैं लोगों को तो
उस टॉपिक के बारे में हम थोड़ा डिस्कशन कर
लेते हैं और उसको समझने की कोशिश करेंगे।
होता अक्सर यह है यह उन लोगों के साथ होता
है जो भक्ति कर रहे हैं। जो भक्ति कर रहे
हैं, राम का जाप कर रहे हैं। जय सिया राम
का जप कर रहे हैं। नियमित रूप से यहां की
साधनाएं कर रहे हैं। शक्ति शक्ति को जागृत
किया हुआ है उन्होंने। पर कुछ टाइम बाद
में होता क्या है कि उनका कार्य रुकने
लगता है या फिर उनका कार्य एकदम से बंद हो
जाता है। एकदम से उनकी दृष्टि बंद हो जाती
है। एकदम से ऐसा कुछ हो जाता है।
और फिर उसके बाद उनको असर कम हो जाता है।
तो जब हम इन इन्होंने हमने जब इन सबकी
इकट्ठी केस स्टडी की
जब हमने इन सबकी इकट्ठी केस स्टडी की
क्योंकि हमने ना नाम सिलेलेक्ट कर लिया और
फिर हमने धीरे-धीरे करके उन सबकी बाबा से
पूछकर हमने केस स्टडी करना शुरू किया।
तो वहां हर जगह एक चीज कॉमन मिली। हर जगह
एक ही चीज कॉमन मिली।
उसी को डिस्कस करेंगे।
और क्यों वो तत्व इतना इंपॉर्टेंट है।
उसको भी समझने की कोशिश करेंगे।
ताकि आपको समझ आ जाए कि आपको क्या नहीं
करना है।
हर व्यक्ति सिखाता है आपको क्या करना है।
पर आपको अगर पता पड़ जाए कि क्या नहीं
करना है तो आप बहुत कुछ सीख जाओगे।
ऐसे लोगों में कुछ चीजें बहुत कॉमन थी। तो
शुरू करें तब नींद तो नहीं आ रही किसी को?
नहीं भैया बिल्कुल नहीं। नहीं किया। ठीक
है
बोलिए भैया
तो सारा बोलो जय सियाराम
जय सियाराम
जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम
जय सियाराम
जय सियाराम भैया
सियाराम भैया
सियाराम
जय सियाराम भैया
जय सियाराम जय सियाराम
तो
अब
ऐसे लोगों में कुछ पॉइंट्स कॉमन थे जैसे
कि
जिनका पहले बहुत अच्छा काम शुरू हुआ। बहुत
अच्छा सब सही चल रहा था। फिर एकदम से
बिगड़ गया। एकदम से काम करना बंद हो गई।
शक्तियां काम करनी बंद हो गई। दृष्टियां
बंद हो गई।
तो इन सब की हमने लिस्ट बनाई। धीरे-धीरे
हमने देखा समझा।
तो उनके कुछ पॉइंट्स कॉमन आए। फिर हमने
हां बिल्कुल हमने ऐसा नहीं है कि उनको ठीक
नहीं किया। उन सबको वापस
ठीक किया। बिल्कुल सब सब कुछ किया। उनकी
वापस अब दृष्टियां खुल गई है। सब कुछ ठीक
हो गया है। पर हम चाहते हैं कि ऐसा आपके
साथ भी ना हो। इसलिए हम कुछ पॉइंट्स बताना
चाहते हैं।
ऐसे लोगों को क्या होता है? मन में एक
करुणा होती है। ऐसे लोगों के पास एक बहुत
ज्यादा मन में करुणा होती है। वो हर एक
व्यक्ति को
दया की भाव से देखते हैं।
अरे बेचारा रवि इतना दर्द में है।
इसको तो आशय के बारे में पता ही नहीं
होगा। इसको तो जय सियाराम के बारे में पता
ही नहीं होगा। क्यों ना मैं इसको जय
सियाराम का नाम दे दूं। भैया कोई यह
साक्षी मानकर जप कर लेगा तो क्या पता इस
पर भी आशय की शक्तियों की और हनुमान जी
महाराज की कृपा हो जाए।
बेचारी रजनी हाय इसको तो इसको तो भगवान की
भक्ति पता ही नहीं है। चलो एक काम करते
हैं। इसको भी दे देते हैं। रजनी बहन अगर
तुम्हें कोई समस्या हो तो तुम एक काम करना
ऐसे साक्षी मानना दीपक जलाना तुम्हारा हो
जाएगा।
धवल भैया
आपको भी बता दे थोड़ा बहुत।
ऐसे लोग बहुत ज्यादा करुणामई होते हैं।
इनका काम बंद हो जाता है कुछ समय बाद में।
हालांकि इन्होंने जिसको कहा है जैसे
मैंने रवि को कह दिया या रजनी को कुछ बता
दिया।
तो रजनी को जो मैंने बताया हालांकि वह
पूर्ण हो जाएगा। इसको फर्क पड़ जाएगा। पर
मेरा बंद हो जाएगा। मेरे मेरे ऊपर कृपा
हानि बंद हो जाएगी।
समझ आ रहा है मैं आपके किस बारे में बात
कर रहा हूं?
जी भैया
जी भैया
जी भैया।
भैया उन लोगों को एम्पथी पीपल बोलते हैं।
एम्पैथेटिक पीपल।
वे एमथ्स होते हैं वो लोग।
हां। एमथेटिक पीपल होते हैं। वह क्या करते
हैं? वह सोचते हैं कि यार इसके पास इतने
पैसे तो नहीं है कि आशा यह ज्वाइन कर ले।
इसके पास ऐसा भी नहीं है कि यह जॉइ भी कर
लेगा तो मीटिंग में बैठेगा कैसे? तो क्यों
ना इसको एक छोटा सा हम रेमेडी बता दें।
अगर आपने किसी को रेमेडी बता दी।
अगर आपने अपना मंत्र बता दिया। अगर आपने
अपने घर के नियम बता दिए। अगर आपने
किसी दूसरे की पीड़ा को देखकर
अपना तत्व उसे दिया कि बोलो ऐसा बोलकर
प्रार्थना कर देना काम हो जाएगा।
तो वहां से आप धड़ाम गिरोगे।
वहां से अपने ओदे से आप धड़ाम गिर जाओगे।
ऐसा क्यों है? इसके बारे में भी हम
साइंटिफिकली डिस्कस करेंगे।
इसके पीछे हम साइंटिफिकली डिस्कस करेंगे।
दूसरे लोग
दूसरे लोग वो लोग
सेकंड कैटेगरी मतलब सेकंड कैटेगरी ऑफ़ पीपल
वो लोग हैं जिनको भगवान से बड़ा प्यार है।
भगवान से बड़ा प्यार है।
रास्ते में जा रहे थे। भगवान का मंदिर
मिला। वहीं लेट गए।
रास्ते में जा रहे थे। एक बड़ा सुंदर शिव
मंदिर दिखा।
या शनि मंदिर दिखा।
वही प्रणाम करके और वही एकदम
सर वह भी धड़ाम से गिरेंगे।
उनके भी काम होने बंद हो जाएंगे।
अब ये क्यों होंगे? इसको भी हम लेंगे। ठीक
है? एक-एक करके आप मेरे को याद दिलाते
रहना। हम इनके बारे में डिस्कस करेंगे।
जी भैया।
तीसरे वह लोग
जिनको हर भगवान की पूजा करने का शौक है।
हर तरीके की साधना करने का शौक है।
जिनको हर तरीके के मंत्र चाहिए।
हर तरीके की विद्या सीखने का शौक है। हर
तरीके का विद्या सीखनी है उसको।
मेरे को लक्ष्मी मंत्र भी आना चाहिए। मेरे
को भैरव कवच चाहिए। हनुमान जी महाराज का
जो है हनुमान जी महाराज का अस्त्र मिल
जाए। माता की कृपा मिल जाए।
ठीक है। गणेश भगवान की कृपा मिल जाए।
लक्ष्मी ओए होए होए।
धुमावमती माता के बारे में सुना। कोई
धुमावमती की साधना कर लेते हैं। फिर किसी
कोई दिन देखेगा। अरे यार यह यक्षणी बहुत
पावरफुल है। यह पिशाचनी बहुत पावरफुल है।
हालांकि पिशाचनी वगैरह तो नहीं करते। ठीक
है? और जो करते हैं वो रोते हैं फिर बाद
में।
ठीक है? अलग-अलग साधनाएं, अलग-अलग ज्ञान
का भंडार जो बनना चाहते हैं वो लोग फंस
जाते हैं और धड़ाम से गिरते हैं।
हां, बहुत सर। वो लोग फंस जाते हैं और
धड़ाम से गिरते हैं।
उनके पीछे शक्तियां काम करनी बंद कर जाती
है।
अब हम तीसरा पॉइंट भी डिस्कस करेंगे।
चौथे वो लोग
चौथे वो लोग
जो अपनी मन इच्छा बहुत चलाते हैं।
बोला गया है आपको 10 दिन करिए।
आप पांच दिन करके
आप सोचते हैं कि चलो बाकी
बाद में कर लेंगे। पांच दिनों में भी
भगवान जिसको सुनना होगा तो सुन लेगा।
जो आपको टाइम पीरियड दिया गया है, जो गुरु
वचन दिए गए उसको नहीं निभाते तो शक्तियां
काम करनी बंद हो जाती।
यह चार पॉइंट
चार तरीके के केसेस हम अलग-अलग डिस्कस
करेंगे।
क्यों किस पर क्या होता है, कैसे होता है।
ठीक है?
पांचवा
कोई केस बनता ही नहीं।
पांचवा कोई केस बनता ही नहीं है। और
पांचवा केस अगर बनता है तो वह एक्सेप्शन
है।
और आपको पता है बीइंग अ केमिस्ट्री
स्टूडेंट मैं तो हमेशा बोलता हूं
एक्सेप्शन आर ऑलवेज देयर।
एक्सेप्शन तो होता ही होता है। वो बहुत
रेयर रहता है। उसको हम रखते हैं। वो
इंडिविजुअल पर आ जाता है कभी-कभी।
पर इन चार तत्वों के अलावा इन चार पॉइंट्स
के अलावा कहीं भी इंसान गलती
नहीं करता। और जो ये चार गलतियां नहीं
करते उनके ऊपर गुरुदेव की ऐसी महिमा रहती
है। मैं कहता हूं ब्रह्मांड की कोई भी
शक्ति उसके सामने नहीं टिकेगी। लिख कर ले
लो।
कोई भी शक्ति
यहां तक कि नारायण तत्व भी तुम्हारे सामने
नहीं टिकेगा।
गुरुदेव को साक्षी मानकर बोल रहे हैं। ऐसे
नहीं बोल रहे। हम यहां पर जो भी बोलते हैं
हमारे गुरुदेव साक्षी होते।
पहला केस पहला केस क्या था बताओ?
एमैथेटिक लोग जो होते हैं।
एमैथेटिक [गला साफ़ करने की आवाज़]
लोग
करुणामय करुणा
करुणा की भावना से देखना लोगों को बताना
समस्या को सॉल्व करना करने की कोशिश करना
ऐसे लोग होते हैं उड़ता तीर
लेना
उड़ता हुआ तीर लेना
ऐसे आजकल
ठीक है। ओके।
हां।
ऐसे लोग जो सबकी प्रॉब्लम सॉल्व करना
चाहते हैं। मैं बता देना चाहता हूं। आपके
ऊपर इतनी बड़ी समस्या आने वाली है कि आपको
पता नहीं है। कैसे? मान लीजिए
आप आशय से जुड़े हैं। आशय में हनुमान जी
महाराज कृपा करते हैं।
अब आशय में वर्किंग बता देता हूं कैसी
होती है।
आशय में वर्किंग यह रहती है कि हर इंसान
को इंडिविजुअली
हमारे गुरुदेव से जोड़ा जाता है। हम किसी
को हमारे थ्रू नहीं जोड़ते।
कभी भी नहीं जोड़ते।
हमारे थ्रू कभी नहीं जोड़ते। इसीलिए गुरु
परंपरा है ही नहीं यहां पर
कि हमारे गुरु हनुमान जी महाराज हैं तो हम
आपके गुरु बनेंगे। कभी नहीं बनेगी। हम
आपको डायरेक्टली हनुमान जी महाराज से
जोड़ेंगे।
इसके पीछे कारण है। समझो कैसे?
यहां की शक्ति गुरुदेव के सानिध्य में
रहती है।
यहां की शक्ति गुरुदेव के सानिध्य में
रहती है। आप गुरुदेव से आपकी एक तार जोड़
दी जाती है।
उसकी अथॉरिटी साइनिंग अथॉरिटी यहां यहां
के लोगों को मिली हुई है। तो वहां से आपका
तार जोड़ दिया जाता है। अब होगा क्या? जब
भी जब भी यह व्यक्ति जब भी यह व्यक्ति
भगवान को याद करेगा
संकल्प के साथ वचनों को वचनों के साथ आहान
करेगा तो इधर की शक्ति तुरंत जो है इसको
आंसर देगी।
और यह शक्ति यहां पर आएगी वापस।
यह रोज दीपक लगाएगा। यह व्यक्ति रोज दीपक
लगाएगा। आपको समझ आ रहा है ना? यह व्यक्ति
रोज दीपक लगाएगा और यहां की शक्ति उसको
रिवर्ट देगी।
तो यह एंड टू एंड कनेक्शन है। एंड टू एंड
कनेक्शन। इसके बीच में कोई और कनेक्शन
नहीं है। आपको समझ आ रहा है? एंड टू एंड
कनेक्शन।
जी [गला साफ़ करने की आवाज़] भैया।
एक एंड पे आप हो। दूसरे दूसरे एंड पर गुरु
की शक्ति है।
ठीक है? अब क्या होगा कि मान लीजिए
यह अब जो है ये आप हो। ठीक है। अब आपने
कहा किसी और को आपने किसी और को कहा कि
भैया एक काम करो
ऐसे-से दीपक जलाना। ऐसे-ऐसे जय श्री राम
का जप कर लो। कृपा हो जाएगी।
तुमने अपनी साइनिंग अथॉरिटी
किसी को बोला कि तुम जो है ऐसेसे कर लेना।
अब आपके ऊपर तो गुरु की शक्ति विराजित है।
गुरु और आपका एंड टू एंड कनेक्शन है।
और तीसरे व्यक्ति के साथ आपने उसे जोड़
दिया।
होगा क्या कि जब भी अब आपने जो अथॉरिटी थी
अपने साइड की जो अथॉरिटी थी जो आपकी जो
आपको जो ऊर्जा मिलनी थी आपने उसको सामने
बांट दिया होगा क्या कि गुरु की शक्ति तो
फिर से आपसे कनेक्ट करेगी आपको ऊर्जा देगी
पर आपकी जो ऊर्जा है वो आपके पास रहेगी
नहीं वो सामने वाले व्यक्ति के पास जाएगी
आपकी ऊर्जा है वो सामने वाले व्यक्ति के
पास जाएगी तो होगा क्या कि जब आप
ने उस व्यक्ति को बताया तो आपके
हिस्से जो ऊर्जा आनी थी जो गुरु की ऊर्जा
आनी थी वो उस व्यक्ति के पास जाएगी
और वहां की
अब क्या है कि मान लीजिए यह यह और मेरे
पास तीसरा हाथ नहीं है। ठीक है?
ठीक है। इधर आजा। ठीक है। मैं तीसरे हाथ
से भी बता देता हूं। आपको पता है कि यह
गुरु की शक्ति थी। यह आप थे और यह तीसरा
पर्सन।
ठीक है? तो यह गुरु की शक्ति इसी चैनल से
आएगी।
तो चैनल तो बना नहीं है। चैनल तो एक ही
है। तो यह गुरु की शक्ति यहां पर आई और आप
आपने इसको प्रोवाइड कर दी। तो जब यहां से
नेगेटिविटी और मलनता जाएगी क्योंकि आपने
कल्याण लोक की प्रार्थना करी है। है ना?
तो कल्याण लोक की प्रार्थना आप उसको
बताओगे तो यहां से जब नेगेटिविटी जाएगी वो
भी आप ही के थ्रू जाएगी। क्योंकि आप ही तो
बीच के हो। तो वहां से इसके थ्रू होते हुए
गुरु के पास आएगी। तो होगा क्या कि इसकी
नेगेटिविटी
इसकी नेगेटिविटी आपके ऊपर आने लगेगी। तो
इसके जो प्रॉब्लम है वो आपको झेलनी
पड़ेगी। होगा क्या कि आपके पास जो ऊर्जा
रहेगी वो खत्म हो जाएगी। ऐसा क्यों होता
है कि एंड टू एंड कनेक्शन में एंड टू एंड
कनेक्शन में होता यह है कि एक अलग पासवर्ड
होता है जो आपको दिया जाता है। एस्टली
एक अलग पासवर्ड होता है जो आपको दिया जाता
है। जैसे ही वह पासवर्ड लगाते हो एक
पोर्टल खुलता है। वहां से शक्तियां जाती
है। वहां से आती है। दैट्स ऑल। अब वह
पासवर्ड जो है आपने इसको दे दिया। तो यह
जो ऊर्जा है, यह जो थर्ड पर्सन है, इसको
आपके घर के सारे पासवर्ड पता चल गए। सारे
पासवर्ड पता चल गए, तो इसको आपके घर की
सारी शक्तियों का एक्सेस मिल गया।
इस यहां पर जो तीसरा व्यक्ति
यहां पर
यहां पर जो तीसरा व्यक्ति है उस उसको आपके
घर के एंड टू एंड इंक्रिप्शन का पासवर्ड
मिल चुका है। अब उसको आपके घर के हर शक्ति
का एक्सेस है।
तो अब समस्या होने लगेगी। अब जो जो ऊर्जा
गुरु की शक्ति इधर आनी थी वह डायरेक्टली
अब उधर जाएगी।
तो आप सिर्फ बीच के बंदर बन के रह गए।
आप बीच के बंदर हो जाओगे ना इधर के रहोगे।
होगा क्या? अब वही प्रॉब्लम आती है।
अब इनका कनेक्शन होकर भी नहीं हो रहा।
ठीक।
अब इनका कनेक्शन होकर भी नहीं हो रहा।
क्योंकि सारी ऊर्जा यहां से तो सही जाए।
अब क्या है? गुरु की शक्ति तो प्रॉपर है।
वह तो प्रॉपर्ली काम कर रही है। आपने आगे
बांट दी।
गड़बड़ हो गई साहब। बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई।
अब इसको प्रॉपर्ली ठीक कैसे किया जाए?
सारे सारे के सारे पासवर्ड बदलने पड़ेंगे।
सही बात है।
जी भैया। सारे के सारे पासवर्ड बदलने
पड़ेंगे। सभी को निकालना पड़ेगा। पासवर्ड
बदलना पड़ेगा। उसके बाद आपकी ऊर्जा आप तक
रहेगी। अदर वाइज
यू आर टोटली अमेस।
सर आप जितनों को बताते रहोगे उतनी
शक्तियां आप बांटते रहोगे। सर यह दुनिया
बड़ी कमीनी है।
शक्तियां तो बहुत कमीनी है। सॉरी।
कान पकड़ लेते हैं। पर सत्य यही है।
शक्ति को कोई छोड़ना नहीं चाहता। अरे ये
काम ही ऐसे करती है। आपने पासवर्ड दे दिया
यार घर का। आएगा क्यों नहीं वह? शक्तियों
का एक्सेस दे दिया आपने। आएगा क्यों नहीं?
वह 100% आएगा।
तो ऐसी स्थिति में इंसान अपनी दृष्टि खोता
है। अपनी ऊर्जा खोता है। अपना कारोबार
खोने लगता है। फिजिकली, फाइनेंशियली,
मेंटली दोबारा से दिक्कत आने लगती है उसी
को बहुत ज्यादा। और फिर वो हमसे वो
कांटेक्ट करता है और हमें कहता है भैया
फर्क नहीं पड़ रहा। भैया फर्क नहीं पड़
रहा। भैया ऐसे हो रहा है। भैया क्या कर
रहे हो? भैया भैया भैया भैया भैया।
भैया यहां से परेशान मैं चेक करता हूं।
यहां तो सप्लाई सही जा रही है यार। हम चेक
करते हैं यहां पर तो सब सही है। ऑल ओके
फ्रॉम आवर साइड।
एवरीथिंग इज गुड।
जितना आप देते हो उतना आपको मिल जाता है।
मैं फिर चेक करता हूं। आप अपने मेंटर से
बात करते हो। हम और बताते हैं ताकि आपको
और सप्लाई दे दे और ज्यादा ऊर्जा दे दे।
पर क्या करें?
उस ऊर्जा को तो आप डायरेक्ट जो है आगे
बांट रहे हो। तो कितना भी दे दे आपका भरने
वाला नहीं है।
कितना भी दे दे आपका भरने वाला नहीं है।
क्या पेट ना?
ठीक।
ऐसे व्यक्ति हमेशा दर्द में रहते हैं।
अगर आपने ऐसा कुछ किया है तो आपका भुगतान
आपको भरना है तो सतर्क हो जाइए। उन लोगों
से प्रार्थना है कि जिनजिन ने ऐसा किया है
अपने अपने मेंटर से फोन करें ताकि आपके घर
का पासवर्ड हम बदल सकें।
पासवर्ड बदलना जरूरी है। वरना बटता रहेगा।
अगर आपको कुछ देना है तो आप डायरेक्टली
बोलिए भाई यह आशा है हम इसी से करते हैं।
आपको जाना है जाओ हमारा अच्छा चल रहा है।
तुम बीच में मत आओ।
इसीलिए कोई बोलता है कि भैया हम
पॉपुलैरिटी बनाएंगे। हम दो बंदों को
जोड़ेंगे। हम और बंदे लेकर आएंगे। अक्सर
हम बोलते हैं भैया
अक्सर हम बोल अक्सर लोग बोलते हैं कि भैया
हम बहुत लोगों को जोड़ेंगे हमने इसको
बताएंगे हम उसको बताएंगे आपके बारे में हम
उसको बताएंगे हम कहते हैं नहीं बताना
तुम पिट जाओगे
जिसको बुलाना होगा वो धरती फाड़ के आएगा
वो वो स्पेस से भी आ जाएगा। सर मैं वहां
ये जा रहा था मैं जुपिटर की तरफ। मैंने
अर्थ पे देखा तो अर्थ पे देखते ही मुझे ये
दिखा। तो मैं सबसे पहले ये लैंड कर गया
ऐसे।
समझ आ रहा है?
जी भैया।
आपको समझ आ रहा है?
जी भैया।
जी भैया।
बाउंसर तो नहीं जा रहा आपके?
नहीं भैया।
ऑल गुड ना ऑल क्लियर ना ये पहला पॉइंट
क्लियर है
भैया मेरे को एक सवाल है
जी भैया
सवाल बाद में सवाल बाद में बहन
अच्छा ठीक है
पहले पहले पहले क्लियर है जो मैंने बताया
आपको समझाया
जी भैया
जी भैया क्लियर है
हां जी भैया
जी भैया जी भैया
ठीक है
पहला यह कारण है। दूसरा दूसरा पॉइंट क्या
है?
जो हर मंदिर में लेट जाते हैं।
तभी भगवान से प्यार करना मत। रास्ते में
सभी भगवान की पूजा करते हैं।
हंसी आ गई हमें। कोई हमें कोई व्यक्ति याद
आ गया। ठीक। चलिए
[गला साफ़ करने की आवाज़]
चलिए दूसरा केस हम लेते हैं जो हर भगवान
से प्यार करते हैं।
हर मंदिर में लेट जाते हैं।
[गला साफ़ करने की आवाज़]
ठीक है? अब उनकी गलती नहीं है। क्यों?
हमें सिखाया यही है। हमने देखा यही है। कि
तुम राम के हो। तुम सब के हो जाओ।
पर यह बात सिर्फ तुम्हें पता है। सामने
वाले को नहीं पता। वह अपना हिसाब से चलता
है सब।
तुम जब कहीं किसी शक्ति के सामने झुकते
हो, किसी मंदिर में जाकर लेटते हो।
तुम कहीं जाकर दंडवत हो जाते हो। हर मंदिर
की नहीं कह रहा।
आई एम वेरी स्पेसिफिक। कुछ मंदिर
कुछ मंदिर
हर मंदिर में जाकर मत्थ मत टेको यार
हर मंदिर में भगवान नहीं होते।
जैसे ही आप वहां जाकर समर्पण भाव से
प्रणाम करते हो। इतने में ही वहां के दूत
आशीर्वाद रूप में आपको आपके पीछे हो जाते
हैं।
अब चाहे वह दूध है या प्रेत है वह तो वही
काम करते हैं। तो वह काम ऑब्वियसली मंदिर
बनाए तो कोई एक पुजारी भी होगा। ऐसा तो
नहीं है कि खाली मंदिर बना के छोड़ दिया
हो।
अब क्या है कि आप जो है उस मंदिर में
जाओगे प्रणाम करोगे।
सिर्फ सफाई करके आ जाते। कोई दिक्कत नहीं
थी। प्रणाम कर लिया। यहां गड़बड़ आ गई।
रोज कर लेते। मैं कहता मशीन लगवा देते,
चार बंदे बुलाते, लेबर लगवाते, पूरी चमका
देते।
ठीक है? प्रणाम कर लिया। वहां गड़बड़ हो
गई। प्रणाम का मतलब ऐसे प्रणाम होता है।
एक दंडवत प्रणाम होता है। एक एक समर्पण
भाव से प्रणाम होता है। प्रणाम करते ही
क्या होता है? आशीर्वाद देते हैं। अब
आशीर्वाद में पीजे की शक्ति जाएगी। अब जो
वहां पर है वह आपके पीछे धम से।
आप घर में घुसे
तो आपके साथ आएगी।
घर में गुरुदेव का पहरा लगा है। हनुमान जी
महाराज के दूत खड़े हैं। तो एंट्री देंगे
कैसे?
एंट्री के टाइम पीछे वाले दूत बोलेंगे कि
हम आए हैं। यह हमें लेकर आया है। इसने
हमें प्रणाम किया था तो हम आशीर्वाद
स्वरूप में आए हैं।
इसने हमें प्रणाम किया था तो हम आशीर्वाद
स्वरूप में आए हैं। वो अंदर घुसेगा घुसते
ही। अब घुसते ही जैसे प्रणाम किया अंदर
घुसा। इसका मतलब एक्सेस किसका? पासवर्ड
का।
एक्सेस किसका मिल गया? पासवर्ड का। अब
पासवर्ड का एक्सेस। ठीक है? मेरे फोन का
पासवर्ड का एक्सेस मिल गया अंशु को।
है ना?
अब इसके ऊपर है कि उसमें क्या करना है?
अब क्या होगा कि अपने शक्तियों को बोला
आपने घर में दीपक भी लगाए हनुमान जी
महाराज को दीपक लाया प्रार्थना करते हो कि
हे हनुमान जी महाराज जितनी भी खुली
नकारात्मक ऊर्जा नेगेटिविटी है उन सबको
बलबूल मैल सहित बधित करें कल्याण लोक भेज
दिया जाए भैया को साक्षी मान करके
प्रार्थना करता हूं या करती हूं
तो शक्तियां क्या करेगी तुरंत गड़ बांधेगी
और ले जाएगी
बाय डिफॉल्ट यही होता है
कि तुरंत बांधेंग और उनको तुरंत जो है
कल्याण लोक में पटकेंग
तो आपका आप फ्री
पर अगर वो अगर वो शक्ति किसी मंदिर से आई
है
अगर वह शक्ति किसी मंदिर से आई है तो होगा
क्या वह कल्याण लोक तो चली जाएगी
पर जिस
जिस पंडित ने जिस शक्ति ने उस मंदिर को
स्थापित किया हुआ है, वह शक्ति हमेशा अपने
शक्तियों का आह्वान करती है डेली।
इसीलिए मंदिर चलता है। इसीलिए मंदिर चलता
है।
तो जैसे ही वह आहान करेगी जब वो पंडित
आहान करेगा तो तुरंत वो कल्याण लोक से जो
कल्याण लोक में जो शक्तियां बैठी थी तुरंत
वहां से छूटकर तुरंत उसके पास आ जाएगी।
तुरंत उस व्यक्ति के पास आ जाएगी। इसका
मतलब जो व्यक्ति एक बार गया एक बार एक बार
आप जाते हो। मान लो एक बार आप ऐसे दर्शन
के लिए चले गए
तो दर्शन दर्शन के लिए आप किसी मंदिर में
चले गए। वहां से एक बार आपने गए प्रणाम कर
लिया। फिर वहां से आ गए। आपने दीपक लगाए
दो-तीन दिन दीपक लगाए आप ठीक हो जाओगे।
पर अगर आप डेली डेली उसी मंदिर में जा रहे
हो
डेली डेली उसी मंदिर में जा रहे हो
तो एक बार आपने कल्याण लोक भेजा वहां से
उस पंडित ने कल्याण लोक से वापस बुला लिए
फिर वो फिर से आपके घर जाएंगे क्यों आप
फिर अगले दिन उस मंदिर में गए फिर पासवर्ड
पता चल गया अब वहां से एक्सेस पॉइंट मिलना
शुरू हो जाता है फिर वो सोचता है कि यार
ये दीपक क्यों ना मुझे मिलने लग जाए।
यह दीपक हनुमान जी महाराज को क्यों जा रहे
हैं? ये भोग हनुमान जी महाराज को क्यों जा
रहे हैं? मुझे मिलना चाहिए।
वहां से दिक्कत होनी शुरू होती है।
अब वो दीपक हनुमान जी महाराज को मिलेंगे
क्योंकि गुरु वचन है। आपने संकल्प लगा दिए
कि मैं भैया को साक्षी मान के। अच्छा
परीक्षित भैया हम तो हैं नहीं।
वह तो महा सूक्ष्म शरीर है और उनका वचन
ऐसा है कि उनको साक्षी मानकर अगर हनुमान
जी महाराज को समर्पित कर दिया तो मैं कहता
हूं ब्रह्मांड में कोई भी शक्ति बीच में आ
जाए वो दीपक तो हनुमान जी महाराज को ही
जाएगा।
तो अब वो भोग तो स्वीकार कर नहीं सकते पर
उसका जो रिटर्न आएगा वापस उसका जो रिटर्न
गिफ्ट आएगा उसके ऊपर एक्सेस है। उसको
एक्सेप्ट कर सकते हैं। क्यों? क्योंकि
आपने पासवर्ड दे रखा है।
यूजिंग दैट पासवर्ड वो वो जो रिटर्न वाली
शक्ति है उसको वह अटेन कर लेंगे यूजिंग
दैट पासवर्ड आपको समझ आ रहा है एक्टिक तो
नहीं है
जी भैया
जी भैया
ठीक है
यूजिंग दैट पासवर्ड वो आपकी रिटर्न जो
शक्ति है वहां से जो आई वहां से जो शक्ति
आई है उसको
अटेंड कर लेंगे।
तुम सोचोगे यार हमने बाबा को दीपक अर्पित
किए। बाबा ने स्वीकार ही नहीं किए। अरे
भोले भंडारी
वहां से तो सब आया। गया भी रिटर्न भी आया।
पर तू जिसको लेकर आया
उसी ने तो सब ले लिया।
इसीलिए
आप अगर किसी मंदिर में वैसे ही जाते हैं,
एक बार जाते हैं, बहुत अच्छी बात है।
दो बार जाते हैं, बहुत अच्छी बात है। अगर
आप रेगुलरली जा रहे हैं तो आपका नुकसान
है।
आप वैसे विजिट करने जाओ, वैसे शक्ति को
प्रणाम करने जाओ।
तो होता क्या है कि हमारे गुरु की शक्ति
कुछ इस तरह से है कि अगर आप कुछ भी वहां
से बाहर से लेकर आते हैं आकर आपने दीपक
लगा दी और प्रार्थना कर दी तो जितना भी
कुछ होगा सब प्रभु कल्याण लोक में भेज
देंगे तुम्हारे पास नहीं रहेगा कुछ भी
जब तक तुम वहीं वापस उस मंदिर में नहीं
जाओगे तब तक उस मंदिर की शक्ति तुम्हारे
पास नहीं आ सकती बट फिर से आप उसी मंदिर
में अगर गए और डेली डेली अगर आपने जाना
शुरू कर दिया तो माई बाप
आपके घर का पासवर्ड आप डेली डेली दे रहे
हो
तो वह साइकिल जो है वो आपको नुकसान कर
देगी आपका अनिष्ट कर देगी आपको छोड़ेगी
नहीं जो जो ऊर्जा जो आपको यहां से मिलनी
चाहिए थी गुरु से मिलनी चाहिए थी वो सारी
ऊर्जाएं कहीं और जाएगी और आपका
डेट
या फिर पतन शुरू हो जाएगा।
मेरी बात आपको समझ आई?
जी भैया
जी भैया
जी भैया
जी
देखिए इस बात को बहुत ध्यान से समझिए सर।
ये समझने की चीजें हैं और ये लाइफ है सर।
फैक्ट है। लाइफ के फैक्ट है ये।
जो हम यह लाइफ के फैक्ट है सर।
यह लाइफ के फैक्ट है जो हम फेस कर रहे हैं
डेली
डेली डेली फेस करते हैं
और डेली डेली फेस करते हैं और हमें डेली
डेली इसी चीज का भुगतान करना पड़ता है।
अगर व्यक्ति
अगर इन तत्वों को ना करें तो उसकी ऊर्जा
इतनी हो जाती है। इतनी हो जाती है कि वह
ब्रह्मांड की भी किसी भी शक्ति को ललकार
सकता है।
यहां तक कि देवताओं को भी ललकार सकता है।
रावण के पास इतनी शक्ति क्यों आई थी?
देवता भी डरते थे।
ठीक है? अब हम आगे चलते हैं। तीसरा पॉइंट।
पहले बताइए समझ आ गया? डन। ऑल क्लियर? जी
भैया जी भैया
जी भैया
भैया हमारे घर वाले जाते होंगे तो मंदिर
डेली
चलो इसके बारे में हम बाद में डिस्कस
करेंगे ठीक है बस आपको समझ आना चाहिए पहली
चीज तो अब हम आगे चलते हैं तीसरा पॉइंट
बताओ
भैया दूसरा तीसरा आपने एक साथ ही ले लिया
था हर मंदिर में लेट जाना और हर भगवान की
पूजा करना
तीसरा एक मिनट तीसरा पॉइंट है हर भगवान की
पूजा करना हर विधि को मानना मंत्र का शौक
है हर हर हर मंत्र को ले लेना ओके
ओके
जिस व्यक्ति को अलग-अलग ऊर्जाएं बनाने का
शौक है
कि मेरे पास हनुमान जी महाराज की सिद्धि
हो भोलेनाथ की सिद्धि हो, माता की सिद्धि
हो, गणेश भगवान की सिद्धि हो, लक्ष्मी
माता की सिद्धि हो, सारी सिद्धियों का
भंडारा उसी के पास हो।
सर उसके पास कुछ नहीं रहता। आई एम वेरी
सॉरी।
उसके पास कुछ नहीं रहेगा। अक्सर आप यह भूल
जाते हो कि सिद्धि बनाने के बाद देखो
सिद्धि बना तो कोई भी सकता है। कोई भी बना
सकता है।
पर सिद्धि को रखना कैसे आपको पता ही नहीं।
यह कोई नहीं बताता कि सिद्धियों को रखते
कैसे हैं।
उनको ऊर्जा कैसे देते हैं।
हमेशा
लोग सिद्धि बनाने सिखाते हैं। आप YouTube
पर सर्च कर लो।
हर व्यक्ति कहेगा
हनुमान जी महाराज की सिद्धि पाएं। 40
दिनों में मात्र आठ दिनों में हनुमान जी
महाराज की सिद्धि पाएं। करण पिशाचनी,
योग्य नहीं, यक्षनी सब बताएंगे। पर कोई
अगर कोई यह बताता है हाउ टू मेंटेन योर
सिद्धि
बस वही गड़बड़ाती है।
आज तक किसी ने यह नहीं बताया कि आपको
सिद्धि को मेंटेन कैसे करना है।
इसका मतलब यह है। इसके कहने का तात्पर्य
यह है कि आप हर महीने एक नई गाड़ी लेते हो
पर उसकी सर्विसिंग नहीं कराते तो हमेशा वह
फेल हो जाती है। उसको मेंटेनेंस आपको रखना
नहीं आता। वह चलेगी कैसे सर?
तो क्या है वह पहले महीने तो बढ़िया चलती
है। उसके बाद ढीली हो जाती है। फिर फिर आप
कहते हो यार पहले तो अच्छा हो रहा था अब
नहीं हो रहा।
और जब इतनी सारी आप गाड़ियां ले ले तो उन
गाड़ियों का बोझ हो जाता है। उसका उन उन
गाड़ियों का कर्जा भी तो हो जाता है। अब
इंसान उन बोझ के तले ही मर जाता है।
यह सिद्धि है। ओके।
अब हम थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं जो
हर मंत्र की साधना करता है। मान लो किसी
ने हनुमान जी महाराज की साधना करी,
भोलेनाथ की करी, धुमा माता की, मां तारा
की, काली की सब करा। 40 दिन, 40 दिन, 41
दिन, 108 दिन सब किया। आपको एक बात बताता
हूं। हर सिद्धि की एक
पहले तो एक लाइफ लाइन होती है। दूसरी उसकी
एक मेंटेनिंग कॉस्ट होती है।
आपने मान लो Fortuner गाड़ी ली है।
Fortuner लेजेंडर गाड़ी ली है। सर वह पहली
सर्विसिंग मांगती है। फिर उसके बाद दूसरी
सर्विसिंग मांगती है। पर वह 12 13 की
एवरेज देती है।
उसकी क्लीनिंग डेंटिंग पेंटिंग से लेकर
सारा काम आपको करना पड़ता है। पहले तो वह
50 लाख में तो आएगी ना आजकल तो 61 हो गया
है। 61 लाख में तो वो आएगी आपके पास।
ठीक है? 61 लाख में तो वो आपके पास आएगी।
उसके बाद इतनी मेंटेनेंस आपको रखनी
पड़ेगी। और उसके बदले में आप जहां लेके
जाना चाहो रख चला ले जाओ। चाहे पहाड़ों
में ले जाओ, कुछ भी ले जाओ और जहां खड़ी
कर दोगे कोई बोलेगा नहीं। कहेगा यार वाह
शहंशाह है। तो सिद्धि के भी कुछ इसी तरह
लक्षण होते हैं।
सिद्धियों के भी कुछ इसी तरह लक्षण होते
हैं।
इनको हम कोई समझ नहीं पाते। ना कुछ सिखाता
है। सबसे बड़ी गलती यही है। सिद्धियों को
मेंटेन कैसे करना है? काम कैसे लेना है?
पता ही नहीं है।
हम जैसे भाई बंधु लगे हुए हैं। सीताराम
सीताराम ओम नमः शिवाय। ओम ओम ह क्लीम
चामुंडाय विच ओम ममते नमः ये अलग-अलग
मंत्र लगे हुए हैं।
सर वहां गड़बड़ होती है। मैं बताता हूं
आपको।
जितनी बड़ी साधना उतनी ही बड़ी उसकी
मेंटेनेंस
हमेशा याद रखना जितनी बड़ी साधना आप कर
रहे हो जैसे हर्षवर्धन भैया अब 10 महीने
की साधना करेंगे तो मेंटेनेंस कॉस्ट भी 10
महीने के हिसाब से रहेगी ऐसा नहीं है कि
वह एक दिन में चल जाए हैं ऐसा कभी नहीं
होगा कि Fortuner में आपने ₹10 का पेट्रोल
डलवाया और चलो पहले तो पेट्रोल डलेगा नहीं
डीजल की आती है
ठीक है और ₹10 का अगर पेट्रोल डलवा लिया
तो भाई साहब
धक्का भी नहीं लगेगा तुमसे तो उतर के इतनी
बड़ी गाड़ी है धक्का भी नहीं लगा सकते
इस बात को कोई समझता नहीं है
कि हमने 6 महीने की साधना कर ली हमें वो
मिल गया उसके बाद हम ढीले हो गए अरे पगले
6 महीने की तपस्या है जो सिद्धि बनेगी कि
उसको मेंटेनेंस कॉस्ट कौन देगा?
अब ऐसे व्यक्ति क्या करते हैं? सुनो मेरी
बात ध्यान से।
ऐसे व्यक्तियों के पास ऊर्जा बनाते रहते
हैं और ऊर्जा उनकी वेस्ट होती रहती है।
ऐसे लोग ऊर्जा बनाते रहते हैं और उनकी
ऊर्जा वेस्ट होती रहती। इसीलिए हम बोलते
हैं
कि भैया एक मंत्र रखो, एक देवता रखो, एक
तत्व रखो। दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है
जो संभव नहीं होगा।
दूसरा सिद्धियों की मेंटेनेंस के लिए यहां
की शक्तियां आपको किस तरह मदद करती? आशय
में बड़ा बड़ा अच्छा सिस्टम है। यह
गुरुदेव की महिमा से चलता है।
पहला
आपके पास जो भी शक्तियां सिद्धियां काम
करती है वो परमानेंट नहीं रहती। दे आर
नेवर परमानेंट। उनकी शिफ्ट चलती है। आज
आपके पीछे कोई और सिद्धि होगी, कल कोई और
होगी, परसों कोई और होगी और उससे अगले कोई
और होगी। जिस दिन आपको जो है
नेगेटिविटी देखनी है तो एक नेगेटिविटी की
स्क्रीन दे दी जाएगी आपको। जिस दिन आपको
देवताओं देवताओं के दर्शन करने हैं उस दिन
देवताओं की स्क्रीन दे दी जाएगी। जिस दिन
आपको
अपने शरीर के अंग देखने हैं तो उसकी
स्क्रीन दे दी जाएगी। जिस दिन आपको भविष्य
देखना है तो उसकी स्क्रीन दे दी जाएगी।
पास्ट को देखना है तो उसकी स्क्रीन दे दी
जाएगी। संतों से बात करनी है तो उसकी
स्क्रीन दे दी जाएगी।
और वापस ले ली जाती है
तो तुम्हारे हिसाब तुम्हारे जो जरूरत के
हिसाब से तुम्हें स्क्रीन मिल जाती है तो
पर्टिकुलरली एक सिद्धि कभी भी खड़ी नहीं
मिलेगी तुम्हारे पीछे
अगर आप ये कहते हो कि मेरे पास हनुमान जी
महाराज की सिद्धि है तो भूल जाओ।
ऐसे बोल सकते हो कि मेरे ऊपर हनुमान जी
महाराज की कृपा है।
कृपा और सिद्धि में बहुत फर्क है। सर कृपा
के पीछे भागना सिद्धियों के पीछे नहीं।
जो कृपा पात्र बन जाता है उसे सिद्धियों
की आवश्यकता नहीं पड़ती।
कृपा पात्र
अगर जो व्यक्ति बन जाता है
उसके लिए दुनिया की सारी शक्तियां कम हो
जाती है। पात्र मतलब समझते हैं ग्रहण
शक्ति का पात्र।
इसीलिए कृपा बड़ी हो जाती है। हमने पहले
सिखाई है जो स्टार्टिंग में हमसे जुड़े थे
तो हमने वीडियो भी बनाई है कृपा और सिद्धि
के बीच में। बहुत लोगों ने देखी है। ठीक
है? तो कृपा बहुत बड़ी होती है। सिद्धि तो
बहुत निम्न मात्र होती है। इंसान को आशय
में किस तरह काम करती है?
गुरु की कृपा से ऐसा होता है कि उनकी
कंटीन्यूस सर्विसिंग होती है।
उनकी कंटीन्यूअस सर्विसिंग होती है।
कंटीन्यूस जागरण चलता है। कंटीन्यूस
शक्तियां काम करती है। तभी शक्तियों को
चैनलाइज किया जा सकता है।
तो जब आपको जो आवश्यकता पड़ती है वह शक्ति
आपके पास होती है और फिर तुरंत वापस आ
जाती है।
सिद्धियों की मेंटेनेंस में ऐसा ही खर्चा
आता है साहब। तो जो आप यह अगर यह सोच रहे
हैं कि मैं अपनी एक सिद्धि बना लूं तो सर
उसको मेंटेन रखना वरना वही प्रेत बनके
आपकी जान खा जाएगी।
पहली चीज अगर आपने सिद्धि बना ली। ठीक है?
अगर आपने सिद्धि बना ली है तो उसकी
जो मेंटेनेंस कॉस्ट है वह याद जरूर रखना।
ये कभी मत भूलना। छोटी बात नहीं है।
क्वेश्चन बाद में पूछो। इस बातों को समझो
पहले।
इस बात को समझना।
इंसान भूल जाता है।
अलग-अलग मंत्र के चक्कर में अलग-अलग तत्व
शरीर में ग्रहण करते हो। तुम
अलग-अलग मंत्र से अलग-अलग सूक्ष्म शरीर
बनते हैं। अलग-अलग सूक्ष्म शरीर बनने से
अलग-अलग तत्व बनने से अलग-अलग
वनरेबल कंडीशंस बन जाती है कि आपको हर
तत्व से खींचा जा सके।
फॉर एग्जांपल
एक बात बताऊं
अब छोटी सी बात रखिए कि मान लीजिए
शिव तत्व लोहा है। शिव तत्व आयरन है।
शिव तत्व आयरन है।
समझ रहे हैं?
आ गया समझ में?
शिव तत्व आयरन है। राम तत्व जल है।
जस्ट फॉर एग्जांपल बता रहा हूं। एग्जांपल
हाइपोथेटिकल सिचुएशन है। बहुत ध्यान से
सुनिए। शिव तत्व आयरन है। राम तत्व जल है।
ओके?
अब कोई व्यक्ति कहेगा मेरे पास आयरन भी है
और पानी भी है। दोनों है। बढ़िया मस्त
मस्त चल रहा है। जहां आयरन की जरूरत
पड़ेगी वहां आयरन से काम करूंगा। धंग धंग
धंग धंग जहां पानी से जरूरत पड़ेगी वहां
पानी चलाऊंगा।
अब यार सोचने में तो बहुत अच्छी बात है कि
इसके पास लोहा भी है और पानी भी है। भाई
वाह।
पर सर एक बात बताओ
अगर
कोई रवि जैसा
शाणा या हर धवल धवल जैसा शाणा कोई व्यक्ति
आ जाए
वो पता है क्या करेगा वही देखेगा अच्छा
ओो लोहा है इसके पास कितना है छोटा सा ये
क्या करेगा एक चुंबक रखेगा अपने पास
चुंबक रखेगा अपने पास मैगनेट रखेगा वह
लोहा खींच के चुंबक के पास
अच्छा पानी है आग जलाएगा वो
पानी
दो सिद्धियां दोनों पुश
दो सिद्धियां दोनों फस
क्या रह गया
पीछे क्या रह गया
बाबा जी का ठुल्लू
सर
आप सोचो वो दो सिद्धियां कोई काम नहीं आई
पर अगर
अगर मैं एक ही तत्व पर काम करता
मान लो मैं शिव तत्व पर काम करता तो मेरे
पास लोहा होता
और इतना होता
इतना वजन होता उस लोहे में साले तुम
हजारों मैग्नेट रख दो तो लोहा खिसके ही
नहीं तुम्हारा मैग्नेट खिसक जाएगा लोहे के
पास
समझ रहे हो
100 टन लोहा पड़ा है 100 टन लोहा पड़ा है।
100 टन लोहा है।
आप 5 किलो का मैगनेट लेके रखो। मैं कहता
हूं इंसान के साथ मैगनेट उड़ता हुआ उस लोहे
के पास जाएगा।
समझ आ रहा है आपको? मैं क्या समझा रहा
हूं?
जी। जी।
100 टन अगर लोहा है तो लोहा अपनी जगह नहीं
छोड़ेगा। इसका मतलब सामने वाली सिद्धि
तुम्हारे पास खुद खींच के आएगी
और ऐसी चिपक जाएगी कि जाने का नाम ही नहीं
लेगी।
वो वो आदमी जो है वो पीछे करेगा कि भाई तू
मेरी है। मेरी है मेरी है। तू तो चल मेरे
साथ।
पर अंतोगतवा उसको वह मैगनेट वहीं छोड़कर
आना पड़ेगा।
तो सारे बोलो
जय जय सियाराम जय सिया भाई गलत जगह फस गया
जो था वो भी देके आना पड़ा [हंसी]
है ना कि भाई जो दे जो था वो भी देके आना
पड़ा मुझे तो एक तो मैग्नेट लिया था मैंने
लुट गया मैं तो बर्बाद हो गया
अगर आपके पास जल है।
अगर आपके पास जल तत्व है पर अगर जल पड़ा
है
लाखों क्यूबिक सेंटीमीटर।
ठीक है।
तो मैं कहता हूं सर आग
मैं कहता हूं तुम पूरे प्लेनेट की आग बुझा
दो।
तुम आग तो क्या तुम पूरे प्लनेट की आग
बुझा दो भाई
चाहे तुम किसी को रख लो तुम अगर तुम ये
सोचते हो कि मैं अगर सामने वाले के पास
लोहा है तो तुम्हें तुम्हें यह नहीं पता
कि पानी का प्रेशर कितना होता है।
हाइड्रोलिक पंप का नाम सुना है?
जी भैया सुना है।
जी भैया।
हां। जितने भी लार्जेस्ट प्रेशर हैं
जो जो है जो लोहा नहीं उठा सकता वो वो
सिर्फ हाइड्रोलिक पंप सिर्फ पानी उठाता
है। बड़े-बड़े शिफ्ट जहाज सिर्फ
हाइड्रोलिक पंप के इशारे चलते हैं। ये
ट्रक वगैरह हाइड्रोलिक पंप से चलते हैं।
तो पानी के अंदर इतनी क्षमता है कि वह
लोहा तो क्या
किसी को नहीं छोड़ता। इसका मतलब क्या हुआ?
इसका मतलब यह हुआ कि लाखों तत्व अलग-अलग
बनाने से अच्छा है एक ही तत्व को प्रबल कर
लो।
इतनी सिद्धियां मत बनाओ।
कोई एक सामने दृष्टि वाला आ गया ना
रवि जैसा वह छोड़ेगा नहीं तुम्हें
उसका मन करेगा तो वो पानी को खींच लेगा
नहीं तो जला देगा वरना लोहे को खींच लेगा
और ऐसे चल जा
बैठे रहना सिद्धि
किसकी सिद्धि कौन सी सिद्धि कहां की
सिद्धि
ऐसे लोगों से प्रार्थना है कि भैया यह
सिद्धियों पे इतना ध्यान ना दे।
अपना तत्व प्रबल करो।
समझ आ रहा है?
जी भैया
जी भैया।
जी भैया
जी भैया।
ठीक है। उसके लिए ज्यादा मंत्रों में मत
घुसो। फायदे में रहोगे।
और जितनी बड़ी तुम साधना कर रहे हो उसी
साधना को कंटिन्यू रखो।
अगर धरती पर पानी
ठीक है। पानी की इंटेंसिटी
अगर धरती से बाहर जा रही होती तो आज सूख
गया होता पानी।
पर अक्सर जो है हर जगह का पानी सूख जाता
है। अगर उसमें पानी ऐड ऑन ना हो तो
कंटीन्यूअसली चलता रहना चाहिए। ट्राई करो
राम का नाम चलता रहे।
इस बात को समझो।
सर्विसिंग चलती रहे तो सिद्धियां साथ देती
है।
प्लीज किसी के बहकावे में मत घुसना।
दो दिन झटका लगने के बाद क्या करते हो
इंसान भाई मैं दिल की बात बताता हूं हम
दिल से बोलते हैं साफ बताएं हम राम के दास
हैं बिल्कुल साफ बोलते हैं इंसान को थोड़ा
झटका लगा कोई बोल देगा अरे यार तुम वैसे
नहीं तुम वैसे कर लो आज यह वाला मंत्र कर
लो कल वो कर लेना कुछ नहीं होगा कहीं नहीं
रहोगे कहीं के नहीं रहोगे
सर और आपके करे बिना कुछ भी नहीं होने
वाला अगर आप भी यह सोचते हो कि मेरे बिना
ना कोई दूसरा कर देगा
या मेरा काम कोई दूसरा कर देगा तो सर
आई रिक्वेस्ट यू ऐसा नहीं होगा आपका काम
आप ही को करना पड़ेगा चाहे वो एस्टल हो
चाहे फिजिकल हो हर व्यक्ति आपको एक पुश दे
सकता है यहां की शक्तियों को एक्सेस मिल
सकता है पर एक्सेस मिलने के बाद कार्य आप
ही को करना पड़ेगा दैट्स ऑल वी कैन डू
चलिए फोर्थ लेते हैं अब पहले बताइए समझ
आया?
जी भैया
जी भैया
जी भैया
जी भैया
ओके
चलिए अब हम आगे चलते हैं। अब हम फोर्थ
फोर्थ पॉइंट क्या था?
मन इच्छा बहुताता है।
मन इच्छा बहुत चलाता है। विधि पूरी नहीं
करता।
भाई उनका तो इतना सत्यानाश होता है ना
उनके ऊपर दोष लगता है वह अलग से
ठीक है शक्तियां आकर थप्पड़ मार के जाती
है वो अलग से
बहुत बुरा हाल होता है भैया
हां बहुत बुरा हाल होता है इसीलिए कभी-कभी
क्या होता है कि वो सोचता है कि आप मान लो
आश्रम में बोला ठीक है मैं कर रहा हूं कर
रहा हूं ठीक है मैंने मैंने 510 दिन ये कर
लिए फिर उसके बाद नहीं मेरे को वो अच्छा
लगा तो मैं वो करने लग सकता हूं।
सर
अगर बाय चांस
चलो हम तो यहां यहां की शक्तियां तो राम
तत्व से लीन है। हम हम तो किसी पर वैसे भी
अस्त्र नहीं उठाते और वैसे भी हमारे भगवान
ही नहीं बोलते। किसी को किसी का नुकसान
पहुंचाने के लिए।
हम तो हम तो वैसे ही हाथ जोड़े रखते हैं।
पर अगर आपने ऐसा कुछ माता के भक्तों के
साथ या माता के तत्वों के साथ कर लिया,
खिलवाड़ कर लिया तो माता की शक्तियां तो
ऐसी होती है। आपको छोड़ती नहीं है। वही
आपको नुकसान कर देती है। इतना ज्यादा कर
देती है कि पूछो ही मत। मतलब तुम किसी का
उपाय और किसी की मदद लेने गए थे। किसी
मंदिर में, किसी ने कुछ बता दिया। तुमने
वो नहीं किया। तुम्हारा बेड़ा घर का। यू
आर
हेल्पलेस,
फ्लोलेस। आप आप यह सोचोगे कि यार मैं लेने
तो कुछ गया था। हो क्या गया मेरे साथ?
क्योंकि आपने वो नहीं किया जो बोला गया
था। आप गए
यहां पर ऐसा नहीं होता सर। हम हाथ जोड़कर
बोलते हैं हम हम राम की साधना करते हैं।
ठीक है। और ठंडू राम की ठंडू राम की
जय।
जय।
जय।
हम कोशिश करते हैं कि ऐसा आप कभी मत करो।
ऐसा आप कभी मत करो। जो आपको प्रोसेस बताया
है आप वो करो। यहां पर गुरुदेव ने बहुत
सिंपल प्रोसेस बताया कि इंसान आप कुछ भी
खाइए, कुछ भी पीजिए, कभी भी साधना कीजिए,
कभी भी जाप कीजिए, किसी भी टाइम दीपक
कीजिए। अगर आप कंटीन्यूअसली शक्तियां
चाहते हैं तो। दैट्स ऑल।
ठीक है। आप हमें मत दीजिए। नो प्रॉब्लम।
आप अपने घर पे लगाइए। अगर आपको यहां से
आशीर्वाद प्राप्त है गुरु का आपको एक्सेस
मिला हुआ है। आप देखेंगे चमत्कार होगा।
दुनिया को हुआ है सर। यहां पर दिन
प्रतिदिन मैं बस चमत्कार ही देखता हूं।
मैं यहां पर बैठकर दिन प्रतिदिन चमत्कार
ही देखता हूं। पर दिन में दो से तीन केस
ऐसे भी आते हैं जो इन्हीं गलतियों की वजह
से मार भी खाते हैं।
और वह लोग है ना क्या करेंगे पता है क्या
करेंगे वह हमारे पास आते हैं वो कहते हैं
भाई हमने तो वही किया जो आपने कहा था ओ
क्या हो गया भैया बताओ मुझे
हो नहीं रहा मेरा कुछ काम ऐसा मुंह
बनाएंगे हमारे सामने
अब हम भी परेशान
क्योंकि ऐसा हो नहीं सकता कि मोर देन 85%
लोगों के काम कहते ही बन रहे हैं।
पर 15% लोग आए हैं।
वह तो सर गजब है और उनके उनके हम जैसे हम
जैसे उनको देखते हैं गुरुदेव इतना बोल
देते हैं कि झूठ बोल रहे हैं पर यह नहीं
बताते कि क्या बोल रहे हैं। हम उनको देखते
रहते हैं। हमने कहा अच्छा अच्छा अच्छा
अच्छा हो नहीं रहा। अरे बाप रे कोई बात
नहीं। हम तो वैसे भी कुछ नहीं कहते। हमें
कहते हैं कोई बात नहीं। आप ऐसा कर लीजिए।
हम फिर और करते और बताते हैं। क्या पता
पूरा हो जाए।
आप हमें नहीं बताओगे तो हमें कोई फर्क
नहीं पड़ेगा।
और जितना बोला गया है आप वह कर लेना।
जितना आपको बोला गया है वह कर लेना। फर्क
आपको ही पड़ेगा। शक्तियां आप ही के साथ
रहेंगी।
हम तो गुरु आदेश से बैठे हैं।
सर जब 85% लोगों के काम हो रहे हैं तो 15%
लोगों के इसी वजह से काम नहीं हो रहे हैं।
मैं आज ऐसे ही नहीं बोल रहा।
मैंने आज बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक को डिस्कस
करने के लिए आप सभी का समय लिया है।
हमारी क्षमता नहीं है बताने की पर हमारे
गुरुदेव से हमने जो सीखा है, जो उनकी
तरंगों से सीखा है वही हम आपको बता रहे
हैं। अपने अनुभव से जो हमने सीखा है वही
हम आपको बता रहे हैं।
इस ये जो चार गलतियां करते हैं उन्हीं
लोगों के कार्य नहीं होते। बाकी सबके होते
हैं। बाकी सबको दृष्टियां मिलती है। सबको
समझ आता है।
उस और फिर वही 15 15% लोग जब ब्लेम करते
हैं
हम ही को ब्लेम करते हैं। बस अपना
अपनी बात आगे रखने के लिए या अपनी बात को
में वह अच्छे हो जाए। अपनी बात में बढ़िया
हो जाए। अपनी बात में आगे निकल जाए।
अब ऐसे ऐसी कंडीशन में जब लोग इस तरह के
भाव रखते हैं
तो होता क्या है?
हम तो अपनी तरफ से कहते हैं भाई ठीक है जय
सियाराम।
और वही 15% लोग कहीं ठीक नहीं हो पाते। बस
इसी वजह से उसे क्या है कि उसे हमें बहुत
बुरा लगता है। हमें बहुत बुरा लगता है। हम
गुरुदेव से बोलते हैं कि प्रभु हमें तो
दिख रहा है पर ऐसे लोगों का क्या करें?
तो गुरु गुरुदेव सिर्फ एक एक ही उत्तर
देते हैं कि बेटा उनका समय नहीं आया।
अक्सर बोलते हैं
जब उनका ठीक होने का समय आएगा तो उनसे
अपने आप कार्य हो जाएगा।
मैंने कहा प्रभु यह मानते नहीं है। यह
उल्टा सीधा बोल रहे हैं। प्रभु अक्सर
बोलते हैं कि बेटा उनका समय नहीं आया। अब
समय नहीं आया तो इंतजार करो।
ठीक है?
आशा करता हूं ये चार तत्व आपको समझ आए
होंगे और बहुत सारी
कंफ्यूजन जो है आपके क्लियर हुए होंगे।
मैं मेंटर से भी विनती करूंगा। सभी से
प्रार्थना करूंगा कि सभी लोग इन पॉइंट्स
को हमेशा याद रखें, समझाएं और आप सभी से
प्रार्थना है कि आप इन पॉइंट्स को कभी मत
भूलिएगा।
ठीक है? अगर आप
एक और कैटेगरी है भैया।
भैया एक और कैटेगरी है। एक है बार-बार
गुरुओं को चेंज करना। यानी आपसे काम नहीं
हुआ। छ महीने बाद कोई और गुरु नया गुरु।
वो वो तो शक्तियां आ गई ना वही सेम सेम
शक्तियां आ गई। सेम शक्तियां कैटेगरी बन
गई। सेम कैटेगरी बन गई। ठीक है? अ ऐसे में
क्या होता है कि जब आप बार-बार नए-नए गुरु
बनाते हैं तो ऐसा ज्यादा तो कुछ नहीं
होता। पर अगर उग्र उग्र कोई शक्ति के पास
अगर आप चले गए जैसे कि मैं हां ये बोल
देना चाहता हूं कि अगर आप उग्र शक्ति,
किसी उग्र या किसी जोरदार, किसी पावरफुल
शक्ति के पास चले गए। पावरफुल कौन? ऐसा
नहीं मतलब पावरफुल मतलब पावरफुल का मतलब
यह होता है वेरी एग्रेसिव
जिसका तत्व बहुत ज्यादा एग्रेसिव रहता है
तुरंत एग्रेसिव काम करता है जैसे राम तत्व
तो बहुत आराम से काम करता है सीताराम
ठीक है और हनुमान जी महाराज का तत्व थोड़ा
उग्र है। माता का तत्व और उग्र है। माता
के साधक के पास आप चले गए। वहां से अगर
आपने वहां से अगर आप निकल गए और फिर आप
किसी और के पास आ गए तो सर आपका जीना हराम
हो जाएगा क्योंकि वहां की शक्तियां आपको
छोड़ेंग नहीं। माता की साधना अगर आप कर
रहे हो
और अगर किसी गुरु से जुड़े हो
और अगर आपने गुरु बदल लिया
तो भैया तुम्हारा गुरु घंटाल हो जाएगा
क्योंकि शक्तियां ही जीना आराम कर देती
है।
माता की कहती है भाई हमारे सीताराम भगवान
की तो करते नहीं है। ठीक है? इसीलिए यहां
पर कोई भी आवे कोई भी जावे किसी को कोई
कुछ नहीं कहता क्योंकि ठंडराम की
जय
ठंडू राम की
जय
जय
हां तो
हां उनका बहुत थोड़ा सा गलत हो जाता है और
फिर लोग बहुत बड़ी समस्या आती है उनको आगे
ठीक आशा करता हूं समझ आया होगा अभी हम
थोड़े से थोड़े डाउट है जो वो ले लेते हैं
जो आपने चैट सेक्शन में लिखे
मंदिर में दीपक जलाते साक्षी मान
मंदिर में दीपक जलाते हैं साक्षी मानकर
हां अगर उस शक्ति को प्रणाम ना करके दीपक
जलाए तो बहुत अच्छी बात है
ठीक है
भैया एक क्वेश्चन था मेरा
हां जिन्होंने दे दिया बोलो
अलग-अलग प्राप्त होते तो वो तो जो व्यक्ति
अलग-अलग मंत्र का मंत्र को जाप करता है।
लेकिन हम अगर एक ही महामंत्र का जाप कर
रहे हैं। उसके बावजूद भी अलग-अलग तत्व
मिलते हैं तो उसमें और उसमें क्या डिफरेंस
है? देखिए
अलग-अलग तत्व कैसे मिलते हैं मैं बता देता
हूं। ठीक है? मान लीजिए जैसे आप राम तत्व
कर रहे हैं तो उसमें जल तत्व आ गया। मान
रहे हैं ना जल तत्व।
जी।
हम एग्जांपल ले रहे हैं। अभी हाइपोथेटिकल
सिचुएशन ले रहे हैं कि राम तत्व का आप जाप
कर रहे हो। ठीक है?
जी।
और उसमें अह आपको अलग-अलग तत्व फॉर
एग्ज़ांपल पानी के अंदर पानी के अंदर लोहा
आ जाए चलता है। मिनरल्स आ जाए तो भी चलता
है। पानी पर तत्व पानी ही रहेगा वो। पानी
के अंदर लोहा मिक्स। पानी के अंदर मिनरल
मिक्स। पानी के अंदर आयरन और मिक्स। पानी
के अंदर ही सब कुछ मिक्स है।
और पानी के अंदर अग्नि भी मिक्स होता है
तो पानी भी गर्म हो जाता है। हो जाता है
नहीं हो जाता। उसी को अग्नि तत्व बोलते
हैं।
पानी के अंदर वायु तत्व मिल जाए तो पानी
पर तत्व तो पानी ही रहेगा।
इस बात को कभी भूलिए नहीं। तत्व पानी ही
रहेगा। हां। अगर पानी के अंदर अग्नि डाल
दो तो पानी उग्र हो जाता है। उबलने लगता
है। गुड गुड गुड गुड।
ठीक है? अग्नि डायरेक्ट अग्नि नहीं है।
अल्टरनेट फॉर्म में अग्नि है।
बहुत चेंज हो जाता है। इस बात को आप भूलिए
नहीं।
जी भाई
मंदिर में कैसे जाए? मंदिर में कैसे जाए?
मंदिर में डेली जाते हैं क्या?
मैं मेरे पापा डेली साक्षी मानकर दीपक
जलाते हैं। तो कोई दिक्कत नहीं है। ठीक
है। दीपक जलाइए।
ठीक है। तो आशा करता हूं आप सभी को बहुत
चीजें समझ आई होंगी। भाई समझिए भगवान
भैया एक एक लास्ट क्वेश्चन भैया
बोलिए
भैया जैसे अपन बाइक में जाते हैं तो जो भी
मंदिर देखा तो उसको अपन ऐसे झुकते हैं ना
ऐसे थोड़ा झुक के जाते हैं तो वो भी करना
बंद है क्या भैया
आप भी क्यों बाइक में जाते हैं अपन तो कोई
भी मंदिर देखा तो थोड़ा झुक मतलब एक बार
नमस्कार जाते हैं मतलब नमस्कार नहीं करते
ऐसे झुक जाते
वो आदर होता है वो आदर होता है। उससे ऐसा
कुछ नहीं होगा। ठीक है। आदर दो। आदर दो ना
सर। ऐसे ऐड में नहीं ऐड में मत रहना कि
हां ओ मैं नहीं करता किसी को तो भैया टूट
जाओगे। आदर जरूर देना। ठीक है
[गला साफ़ करने की आवाज़] इतना।
भैया एक सवाल था। वो विष्णु जी का नौ रूप
है तो हम राम एक रूप है। तो कभी हम उग्र
रूप जैसे नरसिम स्वामी का टेंपल गए वह भी
राम है।
तो फर्क होगा।
फर्क तो रहेगा। नरसिंह भगवान का तत्व
आएगा। राम का तत्व आएगा। फर्क तो रहता है।
ठीक है। अब हनुमान जी महाराज और भोलेनाथ
का तत्व अलग-अलग नहीं है क्या? अलग ही
रुद्र अवतार है। भोलेनाथ के
भैया एक क्वेश्चन है।
भैया अगर हमारे घर वाले डेली मंदिर जाते
हैं जाते-आते रहते हैं तो वहां की
शक्तियां हमारे घर आएगी क्या?
आएगी भी 100% आएगी।
और हमारे पासवर्ड का एक्सेस
हम पर उसका कुछ इंपैक्ट पड़ेगा क्या?
अगर तुमने मम्मी पापा को विधि नहीं बता
रखी है आशा की और तुम सिर्फ तुम ही कर रहे
हो तो चिंता मत करो। तुम तुम्हारे पास
एक्सेस रहेगा।
विधि नहीं पता लेकिन दीपक लगाता हूं मैं।
तो बस मेरी बात सुनना ध्यान से। जो मंदिर
जा रहा है वही लेकर आएगा। और जो मंदिर जा
रहा है अगर उसके पास आशा की शक्तियों का
एक्सेस है वह फंसेगा। पासवर्ड उसके पास
है। ठीक है? तुम्हारे घर में कितने भी लोग
मंदिर जाकर आ जाए शक्तियां उनके पीछे
आएंगी। तुम्हारे पीछे नहीं आएंगी। तुम
दीपक लगाना तुम्हारा जाप तुम्हारी शक्ति
तुम्हारे पास ही रहेगी। तुम अपना पासवर्ड
अगर किसी को दे रहे हो तो दिक्कत है। फोन
का पासवर्ड मत देना किसी को। तुम्हारे पास
ही रहेगा। आ रहा है समझ में?
जी भैया। हां फोन का पासवर्ड मत दो।
दुनिया को जानने दो यार। क्या दिक्कत है?
पापा को बोलो वहां जाए। मम्मी को बोलो
वहां जाए। क्या दिक्कत है? बस मम्मी पापा
को विधि मत बताना तुम्हारी। ठीक है? हां।
और अगर विधि बता दी तो उनको बोलो जाना बंद
कर दे प्लीज। बस ऐसे
ठीक है।
भैया अगर संकल्प लेके मंदिर में जाए और
अगर वहां पे प्रणाम करें संकल्प लेके तो
भी दिक्कत।
संकल्प लेके जाते हो तो कोई दिक्कत नहीं।
वैसे दिक्कत नहीं आती। ठीक है? देखो क्या
है ना कि रेगुलरली जाने वालों के लिए
थोड़ी सी दिक्कत है। वैसे आप 15 दिन में
एक बार जाते हैं, हफ्ते में एक बार जाते
हैं या दो-ती दिन एक बार जाते हैं ऐसे
जाते हैं तो इतना जरूरी नहीं है। ठीक है?
महीने में मान लो मान लो क्या है कि अब
बड़े लोग जो होते हैं जो मतलब 30 40 या
फिर जो भगवान का नाम लेते हैं उनका टूर ही
रहता है कि यार किसी मंदिर में जाए।
ठीक है? राम का साध होगा वो सोचेगा यार
चलो ठीक है मंदिर के बहाने दर्शन भी
कराएंगे आ भी जाएंगे तो ऐसे दर्शन करने
कहीं भी जाओ कहीं भी जाओ
ठीक है घर आओगे दीपक लगाओगे शक्तियां आएगी
चली जाएंगी दैट्स ऑल
ठीक है हम कभी नहीं कहते कि मंदिर में मत
जाओ अरे भाई जाओ इतने सुंदर-सुंदर मंदिर
हैं अलग-अलग विद्याएं हैं अलग-अलग संत
महात्मा है क्यों नहीं सीखो सीखो सीखने की
चीज है ठीक है पर अपना राम तत्व मत भूल
जय सिया राम भैया
मेरा एक क्वेश्चन था कि अगर जैसे अपने कोई
भाई बहन है वो आशा से नहीं जुड़े हुए
लेकिन वो जाप करना चाहते हैं जुड़ना चाहते
हैं भगवान की शक्ति से और हमने आपको
साक्षी मानकर उसको दीपक बता दिया वो दीपक
कर रहे हैं और जाप कर रहे हैं तो इसका
मतलब हमने गलत किया वो
तो फिर उसका इंपैक्ट तुम पर भी आएगा
ठीक है
फिर क्या किया जाए भैया उस केस में
उस केस इसमें रिसेप्ट वो पासवर्ड बदल
लेंगे बता देंगे।
ठीक है।
जी भैया
भैया
भैया किसी भैया किसी को आशा जॉइ करने के
लिए बोला तो वो भी गलत है।
ना अरे यार जॉइ करने के लिए यार ये यार
ऐसी बातें मत करो यार।
समझ में नहीं आया इसलिए बोल रही हूं।
आप जॉइ करने के लिए किसी को भी बोल सकते
हैं। बट आप अपनी शक्तियों का एक्सेस जो
आपको प्रार्थनाएं या संकल्प जो बताया गया
बस आप वो मत बताइए। दैट्स ऑल।
ओके
हां जी हां जी
भैया तो गलत लोग इंटरप्रेट कर रहे हैं यार
ये तो कल पता पड़ रहा है लोग जो कह ही
नहीं रहे
बस
आप गलत मत इंटरप्रेटेट कीजिए प्लीज ठीक है
ये तो गड़बड़ हो जाएगी ठीक है
हमारे गुरुदेव कहेंगे हमें हमने बताया कुछ
और था तुमने किसी और को कुछ और बता दिया
हमारे गुरुदेव हमारी पिटाई कर देंगे
ठीक है चलिए आशा करता हूं सबको समझ आया
होगा और आज का सेशन आप सबके लिए लाभदायक
हो। आपको भगवान की भक्ति प्राप्त हो,
शक्ति प्राप्त हो और इस भाई का यही वचन है
कि हम आपकी सेवा में सदैव रहेंगे। ये
विश्वास सदैव रखिए और जय सियाराम का जप
करते रहिए। जय सियाराम। सब क्या
सियाराम जय सियाराम जय जय राम सियाराम
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