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This Airplane Lost its Roof at 24,000 ft | What Happened Next? | Dhruv Rathee

22:28HindiTranscribed Jul 22, 2026
0:05

नमस्कार दोस्तों 28 अप्रैल साल 1988 दोपहर

0:09

के करीब 1 बजे हवाई में अलोहा एयरलाइंस की

0:12

फ्लाइट 243 अपनी उड़ान भरने के लिए तैयार

0:15

हो रही

0:15

[संगीत]

0:18

थी यह एक बड़ा ही सुहाना दिन था अच्छी

0:21

खासी धूप निकली थी और ज्यादातर लोग यहां

0:23

छुट्टी मनाने आए थे हवाई को अगर आप नहीं

0:26

जानते तो यह एक ग्रुप ऑफ आइलैंड्स है

0:28

पैसिफिक ओशन के बीच जो अमेरिका का हिस्सा

0:30

है बड़े ही सुंदर आइलैंड्स हैं और इनकी

0:32

राजधानी है होनोलूलू ये फ्लाइट एक्चुअली

0:35

में हीलो से होनोलूलू जा रही थी हीलो सदन

0:37

मोस्ट आइलैंड है हवाई का लेकिन ये

0:39

डिस्टेंस कोई ज्यादा नहीं है सिर्फ 35

0:41

मिनट की फ्लाइट है ये एक रूटीन फ्लाइट ये

0:44

अलोहा एयरलाइन यहीं की लोकल एयरलाइंस है

0:46

जो अलग-अलग आइलैंड्स को कनेक्ट करने का

0:48

काम करती है अब क्योंकि ये डिस्टेंस इतने

0:51

छोटे हैं तो यह वाला स्पेसिफिक प्लेन

0:53

ऑलरेडी आठ बार उड़ान भर चुका था सुबह से

0:55

तीन अलग-अलग राउंड ट्रिप्स पर जा चुका था

0:57

लेकिन ये कोई अनयूजुअल बात नहीं है ऐसे प्

1:00

के लिए यह बिल्कुल नॉर्मल चीज है सब कुछ

1:02

जैसा चलना चाहिए वैसे चल रहा था पैसेंजर्स

1:04

बोर्ड करते हैं फ्लाइट के दरवाजे बंद किए

1:07

जाते हैं और ठीक

1:08

1:2 पर ये फ्लाइट उड़ान भरती

1:13

है बस एक अनयूजुअल चीज होती है यहां पर जब

1:17

एक पैसेंजर बोर्ड कर रही थी प्लेन में तो

1:19

दरवाजे के अंदर घुसने से पहले उसने साइड

1:21

में देखा कि जो प्लेन की बॉडी थी अलग-अलग

1:24

शीट्स होती हैं जो रिवेट से अटैच होती है

1:26

तो एक शीट में थोड़ा सा क्रैक दिखाई दे

1:29

रहा था लेकिन उसने यह चीज किसी को बताई

1:31

नहीं यह सोचकर कि क्या फर्क पड़ता है इतनी

1:33

रेपुटेड एयरलाइन है यह प्लेन रेगुलरली

1:35

उठता रहता है इसके रेगुलर इंस्पेक्शंस

1:37

होते हैं अगर कोई दिक्कत होती तो यह लोग

1:39

नोटिस कर लेते पक्का यह छोटी-मोटी कोई

1:42

गलती होगी लेकिन यह एक गलती कितनी भारी

1:46

पड़ने वाली थी कोई सोच भी नहीं सकता था

1:48

प्लेन की उड़ान भरने के सिर्फ 10-15 मिनट

1:50

बाद ही एयर हॉस्टेसेस ट्रॉली लेकर आती हैं

1:53

और पैसेंजर्स को ड्रिंक सर्व करती हैं सीट

1:56

बेल्ट साइन अभी तक हटा नहीं था क्योंकि

1:58

आमतौर पर यह तभी हटता है जब प्लेन

2:00

क्रूजिंग एल्टीट्यूड पर पहुंच जाता है और

2:02

इस प्लेन के लिए क्रूजिंग एल्टीट्यूड

2:04

24000 फीट था फ्लाइट में तीन एयर

2:06

हॉस्टेसेस है जो पैसेंजर्स को ड्रिंक सर्व

2:08

कर रही है और उड़ान भरने के ठीक 20 मिनट

2:10

बाद यह फ्लाइट 24000 फीट के क्रूजिंग

2:14

एल्टीट्यूड पर पहुंचती है और जैसे हीय इस

2:16

हाइट पर पहुंचती है एक बड़ा सा धमाका होता

2:23

है सभी पैसेंजर्स को धमाके की बड़ी तेज

2:26

आवाज सुनाई देती है और अचानक से रैपिड

2:28

डीकंप्रेशन हो जाता है सांस लेने में

2:31

प्रॉब्लम होने लगती है और चारों तरफ सामान

2:33

इधर-उधर उड़ने लगता है टोटल केस और

2:36

जबरदस्त कंफ्यूजन आखिर हो क्या रहा है कुछ

2:39

पैसेंजर्स अपने आसपास देखते हैं तो उन्हें

2:41

दिखाई देता है प्लेन की छत और आसपास की

2:44

दीवारें गायब है ऊपर उन्हें खुला आसमान

2:46

दिख रहा है हुआ क्या है दोस्तों कि प्लेन

2:49

के शुरुआती हिस्से का लगभग 35 स्क्वायर

2:51

मीटर का हिस्सा हटकर अलग हो चुका

2:58

है अब आमतौर पर होता क्या है दोस्तों

3:00

एरोप्लेंस के अंदर केबिन्स में हवा को

3:03

हमेशा प्रेशराइज करके रखा जाता है ताकि हम

3:05

नॉर्मली सांस ले पाएं नहीं तो 24000 फीट

3:08

की हाइट पर जो एटमॉस्फेरिक प्रेशर होता है

3:10

वो बहुत कम हो जाता है हवा पतली हो जाती

3:12

है और हम नॉर्मली सांस नहीं ले सकते उतनी

3:14

हाइट पर इसलिए एरोप्लेंस का अपना एक

3:16

प्रेशराइजेशन सिस्टम होता है जो हवा को

3:18

पंप करके रेगुलेट करके रखता है अगर किसी

3:21

कारण से ये सिस्टम खराब हो जाए और

3:22

एरोप्लेन उतने ही टीटू पर उड़ रहा हो तो

3:25

इमरजेंसी के केस में वो ऑक्सीजन मास्क्स

3:27

टपक आपने सुना होगा ना वो सेफ्टी

3:29

ब्रीफिंग्स में हमेशा कहते हैं इन द इवेंट

3:31

ऑफ लॉस ऑफ केबिन प्रेशर ऑक्सीजन मास्क्स

3:34

विल ड्रॉप इन ऑक्सीजन मास्क्स में टिपिकली

3:36

15 से 20 मिनट की ऑक्सीजन होती है जिस समय

3:38

में पायलट को प्लेन को नीचे लाना होता है

3:41

और एक ऐसे एल्टीट्यूड पर ले जाना होता है

3:43

जहां पर नॉर्मली सांस ली जा सके यह हो गया

3:45

10000 फीट के नीचे अब हमारी इस कहानी में

3:48

फ्लाइट 243 में क्या हुआ ऑक्सीजन मास्क्स

3:50

नीचे तो टपके लेकिन ऑक्सीजन मास्क सिस्टम

3:54

काम ही नहीं कर रहा था प्लेन की छत फटने

3:56

की वजह से ऑक्सीजन मास सिस्टम भी पूरी

3:58

तरीके से तबाह हो चुका था लोगों को

4:07

हाइपोक्लोरमिक

4:09

लोगों को चक्कर आने लगे कंफ्यूजन होने लगा

4:12

और ऐसे केस में एक से 2 मिनट लगता है

4:15

सिर्फ बेहोश होने में मिशल honda's जो रो

4:18

15 के पास थी जब यह धमाका हुआ इंटरकॉम के

4:21

जरिए कॉकपिट से कांटेक्ट करने की कोशिश

4:23

करती हैं लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब

4:25

नहीं आता दूसरी एयर हॉस्टेस सीबी लांसिंग

4:28

जो एक पैसेंजर को ड्रिंक सर्व कर रही थी

4:30

रो फाइव के पास जब छत उड़ी प्लेन की तो वो

4:33

भी हवा में उड़ गई प्लेन से

4:36

बाहर तीसरी उनकी कॉलीग जेन साटो रो टू के

4:39

पास थी वो जमीन पर गिर जाती है एक लगेज जब

4:42

उनके मुंह पर लगता है तो चारों तरफ हंगामा

4:44

मचा हुआ था मिशेल को जब पायलेट्स की तरफ

4:46

से कोई जवाब नहीं मिला तो वो एक-एक

4:48

पैसेंजर से जाकर पूछने लगी क्या तुम्हें

4:50

प्लेन उड़ाना आता है क्या तुम्हें प्लेन

4:52

उड़ाना आता है क्या आपको प्लेन उड़ाना आता

4:54

है पैसेंजर्स उनकी ये बातें सुनकर और डर

4:56

गए कि यार प्लेन उड़ाने के लिए भी हमसे

4:59

पूछ रहे हो पायलेट्स का क्या हुआ है यहां

5:01

पर अगर पायलेट्स नहीं है तो हम सारे क्रैश

5:03

कर जाएंगे जमीन पर रेंगते हुए वो

5:05

धीरे-धीरे कॉकपिट के नजदीक पहुंचती हैं और

5:07

वहां उन्हें दिखता है कि उनकी कॉलीग जेन

5:09

के सर से खून निकलना शुरू हो चुका है

5:11

कॉकपिट के अंदर देखने की कोशिश करती हैं

5:13

वो तो उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता कॉकपिट

5:16

का व्यू पूरी तरीके से ब्लॉक्ड

5:20

है कुछ चंद मिनट यहां पर बचे हैं जिसके

5:23

बाद ये सारे पैसेंजर्स बेहोश हो जाएंगे और

5:25

मारे जाएंगे लेकिन

5:29

बहुत तेज हवाएं भी सह रहे हैं ऑलमोस्ट 500

5:32

किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल रही

5:34

हैं आंखें खोलना मुश्किल हो रहा है और साथ

5:37

ही साथ जो तापमान है वो -45 डिग्री

5:40

सेल्सियस का है इस हाइट पर अगर ऑक्सीजन

5:42

किसी तरीके से मिल भी गई तो इतनी ठंड में

5:44

ज्यादा देर तक जिंदा रहना पॉसिबल नहीं है

5:47

क्योंकि ज्यादातर पैसेंजर्स ने निक्र और

5:49

टीशर्ट पहनी हुई है हवाई एक ट्रॉपिकल जगह

5:52

है जहां पर लोग बीचेस को और जंगलों को

5:54

देखने जाते हैं यहां कभी बर्फ नहीं गिरती

5:56

तो कोई भी पैसेंजर इस टेंपरेचर के लिए

5:59

प्रिप प्रेड नहीं है मिशेल इकलौती एयर

6:01

हॉस्टेस जो होश में बची है वहां पर पायलट

6:04

को बार-बार कांटेक्ट करने की कोशिश करती

6:06

रहती

6:08

है लेकिन कोई जवाब नहीं आता इस सारे खतरे

6:12

के बीच एक अच्छी खबर यह थी कि पायलेट्स

6:15

एक्चुअली में जिंदा थे और जिंदा ही नहीं

6:17

दोस्तों पायलेट्स पैसेंजर से कहीं ज्यादा

6:20

बेहतर कंडीशन में थे उनका ऑक्सीजन मास्क

6:22

थैंकफूली काम कर रहा था कमांड संभाले हुए

6:25

थे 44 साल के कैप्टन रॉबर्ट शनस थाइम एक

6:28

बेहद एक्सपीरियंस जो 11 साल से अलोहा

6:30

एयरलाइंस के लिए काम कर रहे थे इनके साथ

6:33

दूसरी तरफ थी 36 साल की फर्स्ट ऑफिसर मीमी

6:35

टॉम किंस जब वो धमाका हुआ था दोनों को एक

6:38

बड़ा झटका लगा था और पीछे मुड़ के जब

6:40

दोनों ने देखा तो उन्हें दिखाई दिया कि

6:43

प्लेन की छत गायब थी और कॉकपिट डोर भी

6:45

मिसिंग था बहुत सारा मलबा चारों तरफ फैला

6:48

हुआ था लेकिन दोनों इमीडिएट काम पर लग

6:50

जाते हैं सबसे पहले अपना ऑक्सीजन मास्क

6:52

पहनते हैं और हालातों को समझते हुए एक

6:55

इमरजेंसी डिसेंट करने का निर्णय लेते हैं

6:57

करीब 500 किमी प्रति घंटे स्पीड से वो

7:00

4100 फीट पर मिनट डिसेंड करते हैं लेकिन

7:03

वक्त का यह खेल सिर्फ प्लेन को थोड़ा सा

7:05

नीचे लाने तक सीमित नहीं था इनके लिए एक

7:08

दूसरी और भी बड़ी प्रॉब्लम सामने आती है

7:11

पता चलता है कि इस हादसे की वजह से जो

7:13

प्लेन का नोज है आगे वाला हिस्सा जिसमें

7:15

बैठे हुए हैं वो थोड़ा सा नीचे हो गया है

7:17

करीब 1 मीटर से सिर्फ प्लेन का जो जमीनी

7:20

हिस्सा है उसी की मदद से ही कॉकपिट और

7:22

केबिन एक साथ जुड़े हुए हैं अभी भी अगर

7:25

ज्यादा देर तक ये ऐसे ही उड़ते रहे तो

7:27

झुकते झुकते ये दोनों हिस्से टूट कर एक

7:29

दूसरे से अलग भी हो सकते हैं मीमी टॉम

7:31

किंस होनू लुलू को कांटेक्ट करती हैं और

7:33

उन्हें इंफॉर्मेशन

7:35

को होनू लुलू में उतारने की छोड़ो माओवी

7:38

में उतार लो वो ज्यादा पास है

7:40

1:8 वो माओवी टावर को कांटेक्ट करके

7:43

सिचुएशन बताती हैं इस वक्त करीब 3 मिनट

7:46

हुए थे जब से प्लेन की छत फटी थी लेकिन

7:48

थैंकफूली प्लेन 14000 फीट पर आ चुका था इस

7:51

हाइट पर ज्यादातर पैसेंजर्स के लिए सांस

7:54

लेना इतना मुश्किल नहीं था और क्योंकि यह

7:56

3 मिनट के अंदर ही हो गया था ज्यादातर लोग

7:58

बेहोशी से बच गए और अक्सिया का रिस्क कम

8:00

से कम खत्म हुआ मीमी टॉम किंस माऊ

8:03

एयरपोर्ट को कांटेक्ट करके कहती हैं कि

8:05

सारी इमरजेंसी सर्विसेस अपनी तैयार रखो

8:07

कुछ भी हो सकता

8:12

है ढेर सारे फायर फाइटर्स और रेस्क्यू

8:15

व्हीकल्स रनवे पर आकर तैयार रहते हैं हर

8:18

कोई इस प्लेन के लैंड करने का इंतजार कर

8:21

रहा है करीब एक मिनट बाद प्लेन 100000 फीट

8:23

की हाइट पर आ गया था लेकिन एक और प्रॉब्लम

8:26

सामने आती है सामने एक बड़ी सी 10000 फीट

8:29

की पहाड़ी द हालिया काला समिट यह पहाड़ी

8:32

माओवी एयरपोर्ट और प्लेन के बिल्कुल

8:33

बीचोबीच मौजूद थी कैप्टन रॉबर्ट्स प्लेन

8:36

को धीरे करते हैं 210 नॉट 200 नॉट 170 नॉट

8:40

और धीरे करते रहते हैं जितना धीरे हो सके

8:43

उतना धीरे इसे उड़ाते हैं अगर इससे नीचे

8:45

चले गए तो फ्लाइट कंट्रोल करने में

8:47

प्रॉब्लम हो सकती है लेकिन इस 170 नॉट की

8:49

स्पीड को मेंटेन करते हुए वो दो आइलैंड्स

8:52

के बीच में से प्लेन को निकालते हैं

8:53

पहाड़ी से बचते हुए प्लेन टर्न करता है और

8:56

एयरपोर्ट की तरफ मोड़ लेता है ये वो पॉइंट

8:59

था जब पैसेंजर्स की जान में जान आती है

9:01

उन्हें फाइनली रिलाइज होता है कि हमारे

9:03

प्लेन में एक पायलट है जो ना सिर्फ जिंदा

9:05

है वो प्लेन को ठीक-ठाक उड़ा भी पा रहा है

9:07

जैसे-जैसे रनवे की तरफ प्लेन नीचे आने

9:09

लगता है मिमी टॉम किंस लैंडिंग गियर को

9:11

नीचे लाती हैं तीन सेट ऑफ व्हील्स होने

9:13

चाहिए दो पीछे की तरफ एक आगे की तरफ पीछे

9:16

वाले को मेन गियर कहा जाता है और इंडिकेटर

9:18

दिखा रहा था कि मेन गियर तो सक्सेसफुली

9:21

रिलीज हो चुका है लेकिन जो नोज गियर है

9:23

आगे वाला व्हील है वो नीचे नहीं आ पा रहा

9:25

है अब टेक्निकली देखा जाए बिना इस आगे

9:27

वाले पहिए के बिना इस नोज र के लैंड करना

9:30

पॉसिबल तो है इस चीज को बेली लैंडिंग कहा

9:32

जाता है इमरजेंसी केसेस में कई बारी की

9:35

जाती है लेकिन इस स्पेसिफिक केस में जहां

9:37

प्लेन का बीच वाला हिस्सा इतना कमजोर हो

9:39

चुका है छत ऑलरेडी मिसिंग है पायलेट्स को

9:42

यह डर है कि अगर इस तरीके की लैंडिंग

9:44

अटेंप्ट करी गई तो पक्का पक्का प्लेन

9:46

क्रैश कर जाएगा और अगर फ्यूल टैंक में कुछ

9:49

हुआ तो ब्लास्ट भी हो सकता है दि एर पलेन

9:52

इन द कंडीशन इट वाज इन वाज द ही ट हैव अ

9:54

नोज गियर बज वन द नोज टच डाउ न द रनवे इ व

9:57

है ब्रोकन द एयरप्लेन अपर्ट देर फर

10:00

ब्रेकिंग प्रोली द फ्यूल टैंक्स अर्ट व

10:02

कुड लीड टू अ वेरी ड्रामाटिक फायर एंड

10:04

एक्सप्लोजन लेकिन इसके अलावा और कोई ऑप्शन

10:06

भी नहीं है और करें तो क्या करें पायलेट्स

10:09

डिसाइड करते हैं कि इसी तरीके से लैंडिंग

10:11

करी जाएगी जैसे ही रनवे दिखने लगता है

10:13

पैसेंजर्स लैंडिंग के लिए तैयार होते हैं

10:16

कुछ लोग भगवान से प्रार्थना करने लग गए थे

10:18

दूसरी तरफ कुछ लोग अपने आसपास के लोगों से

10:21

गले मिल रहे थे शायद यह आखिरी बार हो कि

10:23

वह एक दूसरे को देख पाए ज्यादातर

10:25

पैसेंजर्स अभी भी बहुत बुरे तरीके से डरे

10:27

हुए थे और उसके पीछे कारण भी जायज था

10:30

जैसे-जैसे प्लेन नीचे आ रहा था वो

10:32

धीरे-धीरे साइड टू साइड ऐसे हिलने लग गया

10:35

था पायलट ने रिलाइज किया कि लेफ्ट वाला जो

10:37

इंजन है वो फेल हो चुका था मैनुअली

10:39

रीस्टार्ट करने की कोशिश करी जाती है इस

10:41

इंजन को लेकिन अफसोस कुछ नहीं होता इस

10:44

वक्त तक रनवे पर मौजूद सारी इमरजेंसी

10:46

सर्विसेस तैनात थी फायर फाइटर्स एंबुलेंस

10:49

इवेक्युएशन टीम्स हर कोई वर्स्ट सिचुएशन

10:52

के लिए प्रिपेयर कर रहा था किस तरीके से

10:55

डैमेज को कम से कम रखा जा सके वैसे

10:57

इंटरनेट पर ब्राउज करते वक्त अगर आपको भी

10:59

अपना डैमेज कम से कम रखना है तो आज के

11:01

वीडियो के स्पंस नड वीपीए आपके लिए काफी

11:04

यूजफुल होंगे जब भी आप इंटरनेट पर किसी भी

11:06

वेबसाइट पर जाते हो आपका डाटा कलेक्ट किया

11:09

जाता है उस डाटा का इस्तेमाल करके आपको

11:10

टारगेटेड आड्स दिखाई जाती है और आपका एक

11:12

डिजिटल प्रोफाइल बनाया जाता है एक बढ़िया

11:14

तरीका ऑनलाइन ट्रैकिंग को रोकने का और

11:17

अपनी प्राइवेसी बढ़ाने का है एक वीपीएन का

11:19

इस्तेमाल करना नड वीपीएन के जरिए आप अपने

11:22

आईपी एड्रेस को स्पूफ कर सकते हैं जिससे

11:25

कि आपको ऑनलाइन ट्रैक कर पाना मुश्किल हो

11:27

जाता है और आपकी पर्सनल इंफॉर्मेशन

11:29

सिक्योर रहती है इसके अलावा ट्रेवलिंग

11:31

करते वक्त भी वीपीए काफी यूजफुल चीज है

11:33

अगर किसी देश में कोई कंटेंट ब्लॉक्ड होता

11:35

है कोई कंट्री रिस्ट्रिक्शंस को बायपास

11:37

करना हुआ ये भी एक वीपीएन के जरिए बड़ी

11:39

आसानी से किया जा सकता है अगर आप

11:41

इंटरेस्टेड है इस लिंक को यूज कीजिए

11:42

nvpc.in

11:51

की 30 डे मनी बैक गारंटी भी है तो n

11:54

vpn.com ये लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में

11:57

मिल जाएगा जाकर चेक आउट कर सकते हैं अब

11:59

अपनी कहानी पर वापस आते हैं 1:5 पायलेट्स

12:02

माओवी टावर से कहते हैं वी विल नीड ऑल द

12:05

इक्विपमेंट यू हैव गॉट जितनी इक्विपमेंट

12:07

आपके पास है हमें सबकी जरूरत पड़ेगी इसी

12:10

बीच रनवे पर खड़ा हुआ एक बंदा प्लेन को

12:12

बाइनल से देख रहा था कि तभी उसे दिखाई

12:14

देता है एक्चुअली में नोज गियर तो

12:16

सक्सेसफुली रिलीज हो चुका है यानी कि

12:18

प्लेन को बेली लैंडिंग की जरूरत नहीं

12:20

पड़ेगी पायलट को इफॉर्म किया जाता है और

12:22

पायलट की जान में जान आती है और फिर

12:26

1:5 ठीक 13 और 42 सेकंड बाद एक्सप्लोजन के

12:30

अलोहा एयरलाइंस फ्लाइट 243 रनवे पर टच

12:34

डाउन करती

12:37

है कैप्टन ब्रेक्स इस्तेमाल करने के अलावा

12:40

बचे हुए इंजन नंबर टू का थ्रस्ट रिवर्सर

12:42

भी इस्तेमाल करते हैं और प्लेन धीरे-धीरे

12:44

शांति से आकर रुक जाता

12:48

है रनवे पर मौजूद सभी इमरजेंसी टीम्स राहत

12:51

महसूस करती हैं प्लेन से इमरजेंसी एग्जिट

12:54

के जरिए पैसेंजर्स को नीचे उतारा जाता है

12:57

उस वक्त इसका एक असली वीडियो भी लिया गया

12:58

था जिसे आप स्क्रीन पर देख सकते हैं

13:00

जिसमें पैसेंजर्स सेफली स्लाइड के जरिए

13:03

नीचे उतर रहे हैं सभी पैसेंजर्स कैप्टन को

13:05

शाबाशी देते हैं और धन्यवाद करते हैं उनकी

13:07

जिंदगियां बचाने के लिए हालांकि ज्यादातर

13:10

लोग सेफ थे लेकिन कई पैसेंजर्स को भारी

13:12

चोट लगी थी एक 84 साल की फीमेल पैसेंजर जो

13:15

सीट नंबर 5a पर बैठी थी वो सबसे ज्यादा

13:17

इंजर्ड थी एक स्कल फ्रैक्चर के साथ 6a पर

13:20

बैठे हुए पैसेंजर का राइट वाला हाथ टूट

13:22

गया था 4a और 4f पर बैठे हुए पैसेंजर्स को

13:25

सीरियस इंजरी हुई थी बेसिकली ज्यादातर

13:28

पैसेंजर्स जो रोज 4567 पर बैठे थे उन्हें

13:31

भारी चोट आई थी क्योंकि उसी एरिया की छत

13:33

फटी थी और रोज 8 से लेकर रोज 21 पर जो

13:36

पैसेंजर बैठे थे उन्हें सिर्फ माइनर इंजरी

13:38

हुई थी इसके अलावा 21 पैसेंजर्स ऐसे भी थे

13:40

जिन्हें बिल्कुल कोई इंजरी नहीं हुई थी

13:43

एयर हॉस्टेस जेन सैटो अभी भी बेहोश थी और

13:45

वो एक कंकन से सफर करती हैं एयर हॉस्टेस

13:47

मिशेल

13:59

जिंदा बच गया है सिवाय एक के 58 साल की

14:02

एयर हॉस्टेस सीबी लैंसिंग इकलौती मृत्यु

14:05

इस पूरे हादसे

14:07

में बाद में सर्च टीम्स ने बहुत ढूंढने की

14:10

भी कोशिश करी थी लेकिन अफसोस इनकी बॉडी

14:12

कभी नहीं मिल पाई और यह हमेशा के लिए

14:14

समुद्र की गहराइयों में गायब हो

14:18

गई लेकिन बाकी बचे हुए 94 लोग अपने भाग्य

14:22

को धन्यवाद दे रहे थे कि वह जिंदा बच गए

14:24

क्या यह सिर्फ लक की बात थी कि वह यहां

14:26

जिंदा बच पाए नहीं यहां एक टेक्निकल

14:29

इक्विपमेंट को बहुत बड़ा क्रेडिट जाता है

14:32

मैं बात कर रहा हूं सीट बेल्ट्स की सबसे

14:34

बड़ा कारण जिसकी वजह से इतने सारे लोग

14:36

जिंदा बच पाए जैसा मैंने शुरू में बताया

14:38

था क्योंकि यह फ्लाइट क्रूजिंग एल्टीट्यूड

14:40

तक नहीं पहुंची थी तो सीट बेल्ट साइन अभी

14:42

भी ऑन था और लोगों ने अपनी सीट बेल्ट लगा

14:44

रखी थी अगर रोज 45678 में बैठे हुए लोगों

14:47

ने अपनी सीट बेल्ट ना लगाई होती तो वह भी

14:50

हवा में उड़कर प्लेन से सीधा बाहर जाते इस

14:53

हादसे के बाद जैसे ही खबर फैलती है इस

14:55

प्लेन की फोटोज दुनिया भर के अखबारों में

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छपती हैं बिना छत की ये मिरेकल फ्लाइट

15:00

इसके बाद अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन

15:02

सेफ्टी बोर्ड इन्वेस्टिगेटर्स की एक टीम

15:05

भेजता है इस इंसीडेंट में इन्वेस्टिगेट

15:07

करने के लिए आखिर क्या कारण जिसकी वजह से

15:09

यह हादसा हुआ इन्वेस्टिगेशन टीम पता करती

15:12

है कि यह वाला जो प्लेन था ये

15:14

8968 फ्लाइट साइकिल्स और

15:17

3549 6 फ्लाइट आवर्स पूरे कर चुका था इस

15:19

प्लेन का जो फ्यूज लाज था जो मेन बॉडी

15:22

जिसे कहा जाता है वो कमजोर हो गई थी फिटीग

15:24

और कोरोजन की वजह से जब-जब यह प्लेन हवा

15:27

में होता था इस पर लगी हुई मेटल शीट्स

15:29

एक्सपेंड करती थी प्रेशराइज्ड केबिन की

15:31

वजह से और जब जब यह जमीन पर होता था यह

15:33

फ्यूजल आज कांट्रैक्ट करता था ये

15:35

कांस्टेंट एक्सपेंशन कंट्रक्शन एक्सपेंशन

15:38

कंट्रक्शन की वजह से कमजोर हो गया था ये

15:40

एक बोइंग 737 प्लेन था जिसका फ्यूज लाज

15:43

एलुमिनियम शीट मेटल पैनल्स का बना होता है

15:45

जो कि एक फ्रेम में सरकंफ्रेंस अरेंज्ड

15:48

होती हैं हर एक पैनल एक दूसरे को ओवरलैप

15:50

करता है 3 इंचे से और जो ओवरलैपिंग एरिया

15:53

है उसे लैप जॉइंट कहा जाता है क्योंकि इन

15:55

शीट्स की थिकनेस सिर्फ 1 मिलीमीटर की थी

15:58

तो बोइंग ने अपना एक बॉन्डिंग प्रोसेस

16:00

डेवलप किया था जिससे कि ये पूरी स्किन एक

16:03

स्ट्रेस को अब्जॉर्ब करे एक सिंगल यूनिट

16:04

की तरह ये कंपनी एक इपोक्कैम

16:07

के अलग-अलग पार्ट्स को इकट्ठा जोड़ने के

16:10

लिए जब ये ग्लू ड्राई हो जाती थी तो एक

16:12

स्ट्रांग बॉन डेवलप होती थी जिससे कि जो

16:14

स्ट्रेस है वो डिस्ट्रीब्यूटर्स में और

16:17

क्रैक्स ना फॉर्म हो और ग्लू इकलौता जरिया

16:20

नहीं था इन शीट्स को साथ में जोड़कर रखने

16:22

का ग्लू की स्ट्रांग बॉन्ड के बाद तीन रोज

16:25

रिवेट्स के लगाए जाते थे ये हर एक ओवरलैप

16:27

में लगाए जाते थे हर एक एक शीट का हिस्सा

16:29

जो ओवरलैप करता था वहां वहां इन रिबट्स को

16:32

लगाया जाता था जिससे कि एरोप्लेन का पूरा

16:34

फ्रेम तैयार हो सके और सिक्योर बना रह सके

16:37

बोइंग ने जो पहला बैच बनाया था इन 737

16:40

एरोप्लेंस का उनमें इसी तरीके का इस्तेमाल

16:42

किया गया है लेकिन इस तरीके में कुछ

16:44

प्रॉब्लम्स बाद में नोटिस हो रही थी

16:47

इन्होंने पाया कि जब मॉइश्चर ज्यादा होता

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है हवा में तो पानी की वजह से बॉन्ड्स

16:51

कमजोर पड़ जाती हैं जो इपोक्कैम

16:58

सारा स्ट्रेस इन शीट्स पर लग रहा है व

17:01

ग्लू की जगह इन रिवेट्स पर चला जाता है

17:03

इसी प्रॉब्लम की वजह से साल 1972 में

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बोइंग ने डिसाइड किया कि वो एक नया तरीका

17:08

इस्तेमाल करेंगे इन शीट्स को साथ में

17:10

जोड़कर रखने का हॉट बॉन्डिंग का वो

17:12

इस्तेमाल करेंगे इसमें हीट और प्रेशर का

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इस्तेमाल किया जाता है दो शीट्स को साथ

17:16

में जोड़कर रखने के लिए अब इंटरेस्टिंग

17:18

चीज ये है दोस्तों कि ये जो हॉट बॉन्डिंग

17:20

वाला सिस्टम था ये ऑलरेडी 1972 से

17:22

इस्तेमाल किया जा रहा था और अहा एयरलाइंस

17:25

का ये जो फ्लाइट 243 का इंसीडेंट हुआ था

17:27

ये 16 साल बाद हुआ था

17:32

इस तो ब्लेम यहां इस एयरलाइन पर किया गया

17:35

कि आखिर यह क्यों इस पुराने एरोप्लेन का

17:37

अभी भी इस्तेमाल करने लग रहे थे बोइंग ने

17:40

तो साल 1972 में ही एक सर्विस बुलेटिन इशू

17:42

कर दिया था कि यह इशू है हमारे प्लेंस में

17:45

यह दिक्कत हो सकती है इनफैक्ट 1987 में इस

17:48

घटना से एक साल पहले बोइंग ने अलर्ट

17:51

सर्विस बुलेटिन इशू किया था कि जो पुराने

17:53

प्लेंस हैं इनके उनकी सही तरीके से

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इंस्पेक्शन और रिपरेशन करी जाए अगर कोई

17:57

एयरलाइन अभी इन्ह अभी भी इस्तेमाल कर रही

17:59

है तो इसके अलावा बोइंग ने अपना एक सेफ्टी

18:01

डिजाइन भी बनाया था कि अगर फ्यूज लाज में

18:03

कोई टियर होता है तो वह जो टियर है वह 10

18:05

बा 10 इंच के स्क्वायर में ही बना रहे

18:07

इन्होंने टियर स्टैप्स लगाए थे हर 25

18:10

सेंटीमीटर में बॉडी में प्लेन की इससे अगर

18:13

कोई एक पार्ट फटता है प्लेन की बॉडी का तो

18:15

पूरी प्लेन की बॉडी ना फट है लेकिन हमारी

18:17

फ्लाइट 243 के केस में हालत इतनी खराब थी

18:20

इस प्लेन की कि इसके अंदर ढेर सारे

18:22

क्रैक्स मौजूद

18:24

थे इतने सारे क्रैक्स कि यह टेयर स्टैप्स

18:28

भी किसी काम के नहीं रहे एनटीएस बी ने कहा

18:30

कि जब यह फ्लाइट अपने क्रूजिंग एल्टीट्यूड

18:32

पर पहुंची जो प्रेशर था वो अपने पीक पर

18:35

पहुंच गया जिसकी वजह से ये सारे अलग-अलग

18:37

क्रैक्स एक साथ जुड़ गए और पूरा का पूरा

18:40

सेक्शन छत का साथ में फट

18:44

गया जो फाइनल रिपोर्ट निकाली एनटीएस बी ने

18:47

उसमें तीन मेन कारण बताए गए इस हादसे के

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पीछे पहला अलोहा एयरलाइंस की मैनेजमेंट ने

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मेंटेनेंस प्रोग्राम को प्रॉपर्ली

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सुपरवाइज नहीं किया और इंस्पेक्शंस और

18:56

क्वालिटी कंट्रोल्स को सही से असेस नहीं

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किया दूसरा अमेरिका की फेडरल एविएशन

19:00

एडमिनिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाया गया कि

19:03

इनकी एजेंसी ने एयर वर्जीने डायरेक्टिव

19:05

देते समय सभी जॉइंट्स की इंस्पेक्शन की

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मांग नहीं करी जबकि बोइंग ने कहा था कि यह

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करना चाहिए हालांकि एफ एए ने यह जरूर कहा

19:12

था अलोहा एयरलाइंस को कि तुम एक नए

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टेस्टिंग मेथड का इस्तेमाल करो अपनी प्लेन

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की बॉडीज में क्रैक्स ढूंढने के लिए एडी

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करंट टेक्नीक जिसमें इलेक्ट्रिक करंट मेटल

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से ले जाया जाता है और छोटे-छोटे क्रैक्स

19:24

ढूंढे जाते हैं जो नॉर्मल इंसानों को

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आंखों से दिख भी ना सके अलोहा एयरलाइंस ने

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कहा कहा कि उन्होंने इस टेक्नीक का

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इस्तेमाल किया था क्रैक्स ढूंढने के लिए

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लेकिन बाद में पाया गया कि ये झूठ बोल रहे

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थे इन्होंने कभी अपने प्लेंस का

19:36

इंस्पेक्शन ढंग से किया ही नहीं था तीसरा

19:38

जब पुरानी बॉन्डिंग टेक्नीक में

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प्रॉब्लम्स देखी गई तो बोइंग और एफ एए

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दोनों ने इन इश्यूज को हल्के में लिया

19:44

बोइंग ने अपने 737 प्लेन को डिजाइन किया

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था कि वो 20 साल तक उड़ सके जिसमें 51000

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फ्लाइट आवर्स और 75000 साइकिल्स का टाइम

19:52

लिमिट रखा गया था हालांकि अलोहा फ्लाइट

19:54

243 के प्लेन ने इससे कम फ्लाइट आवर्स

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उड़े थे लेकिन ये प्लेन ऐसा था जो बहुत

19:59

सारी छोटी-छोटी फ्लाइट्स करता था इसकी वजह

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से इसका फ्लाइट साइकिल काउंट 90000 पर था

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जबकि बोइंग ने कहा था कि हमारी सर्विस

20:07

लाइफ 75000 साइकिल्स की है यह अपनी 20 साल

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की लाइफ टाइम के एंड पर भी था एक और कारण

20:13

जिसकी वजह से यह हादसा हुआ एक अच्छी चीज

20:15

इस हादसे के बाद यह हुई कि बोइंग के जितने

20:17

भी पुराने एरोप्लेंस थे उन सबको दोबारा से

20:19

इंस्पेक्ट किया गया और पता है क्या पाया

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गया उनमें से कई सारों में एक्चुअली में

20:24

क्रैक्स मौजूद थे वैसे ही क्रैक्स जो इस

20:27

फ्लाइट 243 में मौजूद थे इससे पता चलता है

20:30

कि यह जो प्रॉब्लम थी यह सिर्फ इस एक

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इकलौते प्लेन की नहीं थी बल्कि ढेर सारे

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प्लेंस की थी जो इस फ्लीट का हिस्सा थे

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दूसरी अच्छी चीज यह होती है कि इस हादसे

20:40

के बाद से सेफ्टी रेगुलेशंस दुनिया भर में

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और मजबूत बना दिए जाते हैं ताकि ऐसे हाद

20:45

से दोबारा कभी ना हो साल 1991 में फेडरल

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एविएशन अथॉरिटी अपना एजिंग एयरक्राफ्ट

20:51

सेफ्टी प्रोग्राम लॉन्च करती है इसके तहत

20:53

जितने भी पुराने एयरक्राफ्ट्स हैं उनको

20:55

मैंडेटरी इंस्पेक्शंस और कंट्रोल

20:57

प्रोग्राम से गुजरना होगा होगा इसके बाद

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से एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस में जिन

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टेक्निक्स का इस्तेमाल किया जाता है

21:02

क्रैक्स ढूंढने के लिए वो टेक्निक्स भी

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हमेशा के लिए बदल गई ये एडी करंट का

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इस्तेमाल करना अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग वो

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सारे तरीके जो इंसानों की आंखों पर रिलाई

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नहीं करते अब उनका इस्तेमाल किया जाता है

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ऐसे क्रैक्स को पहले ही धूं निकालने के

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लिए नए रूल्स बनाए जाते हैं हाई साइकिल

21:18

प्लेंस के लिए जो फ्लाइट्स अलोहा एयरलाइंस

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की तरह बहुत छोटी ड्यूरेशन की होती हैं

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लेकिन ये प्लेंस एक दिन में कई सारी

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फ्लाइट्स करते हैं 10-20 फ्लाइट्स कर लेते

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हैं इनकी इंस्पेक्शन और फ्रीक्वेंसी

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है एविएशन सेफ्टी रिसर्च एक्ट पुराने

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एजिंग एयरक्राफ्ट के स्ट्रक्चर्स और

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इश्यूज को और बेहतर समझने के लिए और प्लान

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करने के लिए ओवरऑल ये एक हादसा दोस्तों

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हमेशा के लिए एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड्स

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को बदल डालता है जिसकी वजह से थैंकफूली

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इसके बाद से लेकर आज तक कभी भी इस लेवल का

21:49

हादसा इस तरीके से दोबारा कभी नहीं हुआ है

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लेकिन जहां एक तरफ दोस्तों साइंस और टेक

21:54

की दुनिया में इतनी सारी इंप्रूवमेंट्स हो

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रही है वहां आज भी कुछ लोग बेसिक से

21:58

कांसेप्ट को अप्लाई करते वक्त मात खा जाते

22:01

हैं इसका सबसे अजीबोगरीब एग्जांपल है

22:03

टाइटन सबमरीन का डिजास्टर जो पिछले साल

22:06

हुआ था इसे मैंने इस वीडियो में एक्सप्लेन

22:08

किया है यह सबमरीन जो इस डूबे हुए टाइटनिक

22:11

जहाज की एक सैर करने निकली थी एक बिलियने

22:14

की लापरवाही जो एक खौफनाक हादसे में बदल

22:16

गई यहां क्लिक करके देख सकते हैं

22:18

बहुत-बहुत धन्यवाद

22:24

[संगीत]

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