0:00
द कंटेंट प्रेजेंटेड इन दिस वीडियो इज़
0:02
इंटेंटेड सोलरली फॉर एजुकेशनेशनल एंड
0:04
इनेशनल पर्पज ओनली। इट शुड नॉट बी
0:06
कंसीडर्ड एज़ फाइनेंसियल एडवाइस ऑर अ
0:08
रेकमेंडेशन टू ट्रेड और इन्वेस्ट। ऑल डेटा
0:10
चार्ट्स, इमेजेस एंड फाइनेंसियल
0:11
इनफार्मेशन यूज्ड इन दिस वीडियो आर बेस्ड
0:13
ऑन हिस्टोरिकल रिसर्च एंड एनालिसिस फॉर
0:15
एजुकेशन एंड इलुस्ट्रेशन पर्पज़ ओनली। एंड
0:18
डू नॉट गारंटी एनी फ्यूचर प्रॉफिट्स और
0:20
आउटकम्स। व्यूअर आर एडवाइस टू कंडक्ट देयर
0:22
ओन रिसर्च बिफोर मेकिंग एन इन्वेस्टमेंट
0:24
और ट्रेडिंग डिसीजन। क्या कोई प्रोडक्ट
0:26
एफडी से भी ज्यादा सेफ हो सकता है? यस। द
0:29
गिल्ट इन्वेस्टमेंट्स। हमें रोज कहीं ना
0:33
कहीं गिल्ट सिक्योरिटीज [संगीत]
0:34
या गिल्ट इन्वेस्टमेंट्स को लेकर बहुत
0:37
सारे क्वेरीज आते हैं। और आज मैं आपको
0:40
आपके [संगीत] गिल्ट सिक्योरिटीज से लेकर
0:42
सारे कंफ्यूजन को दूर करूंगा। तो इस
0:44
वीडियो में एंड तक बने रहें और आराम से
0:47
समझें व्हाट आर गिल्ट सिक्योरिटीज।
1:00
आगे बढ़ने से पहले एक इंपॉर्टेंट
1:01
अनाउंसमेंट। इस मंथ का वेबिनार होने वाला
1:04
है टैक्स मैनेजमेंट को लेकर। मार्केट में
1:06
अर्न करना जरूरी है लेकिन उससे ज्यादा
1:08
जरूरी है उस इनकम का लीगल [संगीत] टैक्स
1:10
मैनेजमेंट। आप इक्विटी डेरिवेटिव्स,
1:12
कमोडिटी, क्रिप्टो या फिक्स्ड इनकम
1:14
सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट या ट्रेड करते
1:15
[संगीत] हो। इस पर लगते हैं अलग-अलग तरह
1:18
के टैक्स। जैसे लॉन्ग टर्म शॉर्ट टर्म
1:19
कैपिटल गेन, एफओ पर बिजनेस एंड प्रोफेशनल
1:22
टैक्स, क्रिप्टो टैक्सेशन, फिक्स्ड इनकम
1:24
सिक्योरिटीज पर टैक्स। [संगीत] सबसेेंट
1:26
लॉस होने पर टैक्स को कैसे मैनेज करें? इस
1:29
सबका डिटेल इन डेप्थ नॉलेज लेने के लिए
1:33
जॉइ करें दिस मंथ फ्री वेबिनार लिंक इन द
1:37
डिस्क्रिप्शन। मार्केट में रिसर्च के दो
1:39
सिस्टम्स होते हैं। टेक्निकल एंड
1:41
फंडामेंटल जिसमें से टेक्निकल एनालिसिस
1:43
सिस्टम इज मोर प्रॉमिनेंट। लेकिन लोग
1:45
टेक्निकल एनालिसिस को हमेशा आधा ही सीखते
1:48
हैं। [संगीत] दैट इज कैंडल्स, इंडिकेटर्स
1:49
एटसेट्रा। टेक्निकल एनालिसिस का रियल
1:51
अप्लाइड सिस्टम कभी नहीं सीखते। आपने कई
1:54
बार हमसे [संगीत] रिक्वेस्ट की टू ट्रेन
1:56
यू इन द रियल कांसेप्ट ऑफ़ अप्लाइड
1:58
टेक्निकल एनालिसिस। दैट इज हाउ वी क्रिएट
2:00
अ स्ट्रेटजी फॉर यू पीपल विद अ रियल
2:03
माइंडसेट। आज वो मैं आपको सिखाऊंगा ताकि
2:05
आप कभी भी [संगीत] किसी पे भी अपनी रिसर्च
2:07
और अपनी इन्वेस्टमेंट्स के लिए डिपेंडेंट
2:09
ना रहो। आप आईबीबीएम की ऐप पर जाकर इस
2:12
पूरे रियल अप्लाइड टेक्निकल एनालिसिस
2:14
कांसेप्ट को देख सकते हो। हमारे इस रियल
2:17
टेक्निकल एनालिसिस कांसेप्ट की फुल
2:19
ट्रेनिंग न्यू ईयर की ऑजन पर हाईली
2:22
डिस्काउंटेड प्राइसेस पर अवेलेबल है फॉर अ
2:24
वेरी वेरी लिमिटेड टाइम। डोंट मिस द
2:27
अपोरर्चुनिटी। आल्सो वाच द इनिशियल एपिसोड
2:29
फ्री। डाउनलोड द आईबीपीएम मैप नाउ। सबसे
2:31
पहले समझते हैं कि व्हाट इज द मीनिंग ऑफ
2:34
गिल्ट। गिल्ट का मतलब होता है गवर्नमेंट
2:37
ऑफ इंडिया की सिक्योरिटी। सिंपल वर्ड्स
2:40
में जब आप गिल्ट खरीदते हो, आप सरकार को
2:44
लोन देते हो। [संगीत] यह गवर्नमेंट ऑफ
2:46
इंडिया या स्टेट गवर्नमेंट के थ्रू इशू
2:48
किए जाते हैं। इनके डिफॉल्ट होने के
2:50
चांसेस ऑलमोस्ट जीरो होते हैं क्योंकि
2:53
सरकार रीपे करती है। रेट ऑफर्ड एफडी की
2:57
तरह ही होते हैं। इसीलिए इन्हें गिल्ट एज
2:59
या हली सेफ भी कहा जाता है। सेफ
3:02
इन्वेस्टमेंट्स के लिए गिल्ट व्हिच इज
3:04
इक्वल टू ट्रस्ट प्लस स्टेबिलिटी। अब अगला
3:07
क्वेश्चन इज गिल्ट सेफर देन एफडी? यस एज
3:10
इनके डिफॉल्ट होने के चांसेस ऑलमोस्ट ज़ीरो
3:13
होते हैं। इट इज़ बैक्ड अप बाय गवर्नमेंट
3:14
ऑफ इंडिया। गिल्ट इज इक्वल टू गवर्नमेंट
3:17
ऑफ इंडिया को लोन एंड एफडी इज इक्वल टू
3:20
बैंक का प्रॉमिस। आप समझ ही गए होंगे। अब
3:23
समझते हैं डिफरेंस बिटवीन गिल्ट एंड गिल्ट
3:26
फंड। गिल्ट जब आप गिल्ट सिक्योरिटीज
3:30
डायरेक्ट गवर्नमेंट से खरीदते हो लाइक
3:32
बाइंग ट्रेजरी बिल, सर्टिफिकेट ऑफ
3:34
डिपॉजिट, किसान विकास पत्र, 8% बोंड्स तो
3:38
उन्हें हम बोलते हैं गिल्ट। फिक्स्ड
3:40
इंटरेस्ट रेट मिलता है लेकिन लिक्विडिटी
3:42
इशूज़ आते हैं। अब हम बात करते हैं गिल्ट
3:44
फंड के बारे में। यह एक ऐसा म्यूचल फंड है
3:47
जो सिर्फ गिल्ट्स सिक्योरिटीज़ में
3:50
इन्वेस्ट करता है। रेट ऑफ गिल्ट की तरह ही
3:53
फिक्स्ड होते हैं। एज़ दे आर इन्वेस्टिंग
3:56
डायरेक्टली इन गिल्ट सिक्योरिटीज़। एनएवी
3:58
इंटरेस्ट रेट के हिसाब से वेरी स्लाइट ऊपर
4:02
नीचे होता है। अब समझते हैं व्हाई गिल्ड्स
4:05
फंड्स आर बेटर देन गिल्ड्स? यह बहुत
4:08
इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है। सबसे पहली चीज जब
4:10
आप गिल्ट फंड्स लेते हैं तो आपको
4:12
डवर्सिफिकेशन मिलता है। गिल्ट फंड्स
4:13
इन्वेस्ट इन मल्टीपल गवर्नमेंट
4:15
सिक्योरिटीज़ दैट गिव्स बेटर
4:17
फ्लेक्सिबिलिटी एंड एन ओपोरर्चुनिटी टू
4:19
पार्क रिजर्व्स इन डिफरेंट-डिफरेंट
4:21
प्रोडक्ट्स एंड दस गेटिंग मोर हैेजिंग एंड
4:24
चांस ऑफ़ पुटिंग रिजर्व्स एट डिफरेंट
4:27
इंटरेस्ट रेट्स। देखिए अलग-अलग गवर्नमेंट
4:30
सिक्योरिटीज़ में गिल्ट आपका लगाता है
4:33
जिससे एक सेंस ऑफ़ डवर्सिकेशन या पूरी
4:35
डवर्सिफिकेशन मिल जाती है अलग-अलग
4:37
इंटरेस्ट रेट पे। दूसरा प्रोफेशनल
4:39
मैनेजमेंट। फंड मैनेजर डिसाइड करता है कौन
4:41
सा बॉन्ड कब खरीदना है या बेचना है और
4:44
बेस्ट एंड वॉइस पॉसिबल रेट्स। राइट? फंड
4:46
मैनेजर इंटरेस्ट रेट चेंजेस को एक्सप्लइट
4:49
करके बेटर पे बैकक जनरेट कर सकते हैं। जो
4:53
डायरेक्ट गिल्ड में पॉसिबल नहीं है।
4:55
अकॉर्डिंग टू डाटा। गिल्ट फंड का सीएजीआर
4:58
रेंज करता है 6 टू 8 टके के बीच में
5:01
डिपेंडिंग ऑन द टाइम फ्रेम ऑफ
5:03
इन्वेस्टमेंट जबकि नॉर्मल गिल्ट में ये
5:06
फिक्स्ड हो जाता है। थर्ड लिक्विडिटी
5:10
डायरेक्ट गिल्ट को आपको मैच्योरिटी तक
5:12
होल्ड करना पड़ता है। गिल्ट फंड को आप कभी
5:14
भी सेल कर सकते हो। इनफैक्ट ये इतने
5:16
लिक्विड होते हैं कि अगर आप एक महीने के
5:18
बाद भी रिडीम करते हो तो विदाउट एनी
5:20
एग्जिट लूट एंड वैल्यू लॉस आप इन्हें
5:22
रिडीम कर लेते हो। फोर्थ मार्जिन यस गिल्ट
5:27
फंड्स आर काउंटेड एज मार्जिन एज ड्रॉडाउन
5:30
चांसेस आर नेगिलिजिबल हेंस इनको एक्सचेंज
5:32
पर प्योर लिक्विड मार्जिन के बराबर कंसीडर
5:35
किया जाता है और इस पे आपको 90 से 95 90
5:39
टू 95 टके तक का मार्जिन मिल जाता है। सो
5:42
प्योर लिक्विड मार्जिन मेंटेन करने की कोई
5:45
जरूरत नहीं पड़ती है। वह भी बिना लॉस ऑफ़
5:48
अपॉर्चुनिटी कॉस्ट के क्योंकि लॉजिकली आप
5:50
गिल्ट फंड्स में इन्वेस्टेड हो जिसका
5:52
इंटरेस्ट आपको मिलता है। इस फंड को
5:54
एक्सचेंज पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग के लिए
5:56
मार्जिन की तरह यूज़ किया जा सकता है। और
5:58
अगर आप इस पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग करके जो
6:01
भी निकाल लो जो भी एडिशनल निकाल लो दैट इज़
6:04
योर एडेड एडवांटेज वेयर यू नो आईबीबीएम इज
6:07
द बेस्ट। भाई ऐसी नॉलेज के लिए भी आपको
6:09
सिर्फ आईबीबीएम ही पे आना पड़ता है और
6:12
आईबीबीएम ही आपको ऐसा नॉलेज देता है। सो
6:14
फॉलो अस लाइक अस सब्सक्राइब अस और अगर
6:18
वीडियो अच्छा लगे देन शेयर दिस वीडियो विद
6:20
एज मेनी पीपल एस पॉसिबल जो अपने फंड्स को
6:23
सेफली पार्क करना चाहते हैं विदाउट द
6:26
हेडेक ऑफ लिक्विडिटी। सो अब आप ये भी समझ
6:31
लीजिए दैट गिल्ट फंड्स हैव नो इंपैक्ट ऑफ
6:34
मार्केट फॉलिंग और राइजिंग। आप गवर्नमेंट
6:36
ऑफ इंडिया को लोन दे रहे हो। गिल्ट्स आर
6:39
फिक्स्ड इंटरेस्ट बियरिंग इंस्ट्रूमेंट्स।
6:42
सो बाजार गिर रहा है, बाजार बढ़ रहा है। इन
6:44
पे कोई फर्क नहीं है। आपने गवर्नमेंट ऑफ
6:46
इंडिया को एक फिक्स्ड इंटरेस्ट पे लोन
6:50
दिया है और वो आपको क्रेडिट मिलेगा ही
6:52
मिलेगा। अब अगला क्वेश्चन आता है व्हेन इज
6:54
द इंटरेस्ट रेट क्रेडिटेड इन द गिल्ड फंड?
6:56
आपको जो गिल्ट फंड्स होते हैं उस पे
6:58
इंटरेस्ट कब मिलता है? देखिए मोस्ट ऑफ द
7:01
गवर्नमेंट ऑफ इंडिया बोंड्स इंटरेस्ट सेमी
7:03
एनुअली या एनुअली पे करते हैं। कुछ शॉर्ट
7:05
टर्म बॉन्ड्स या स्पेशल पर्पस सिक्योरिटी
7:07
सिर्फ मैच्योरिटी पर इंटरेस्ट देती हैं।
7:09
और एक गिल्ट फंड डायवर्सिफिकेशन देते हुए
7:12
इन सब में इन्वेस्ट करता है। दैट इज व्हाई
7:14
वी ऑलवेज फेवर गिल्ट फंड्स। अब बोंड्स का
7:16
इंटरेस्ट फंड को कूपन डेट पर क्रेडिट किया
7:19
जाता है। क्रेडिट कूपन डेट पे होता है।
7:21
लेकिन एनएवी कैलकुलेशन में ये एक्रूड
7:23
इंटरेस्ट की तरह रिफ्लेक्ट होता रहता है।
7:25
इसलिए एनएवी कंटीन्यूअस राइज करती रहती
7:28
है। सिर्फ कूपन डेट्स पर नहीं। फंड
7:30
मैनेजर्स यूजली इस इंटरेस्ट को ऑटोमेटिकली
7:33
रीइन्वेस्ट कर देते हैं। ये रीइन्वेस्टेड
7:36
इंटरेस्ट एनएवी को ग्रेजुअली बढ़ाता रहता
7:39
है। इवन बिफोर रिडमशन। दैट्स अ वेरी ग्रेट
7:42
फीचर। अगला कैन वी डू एसआईपी इन गिल्ड्स?
7:44
हां जी। आप गिल्ट में पूरी तरह एसआई की कर
7:47
सकते हैं। उसके लिए आप आईबीपीएम टीम से टच
7:50
कर सकते हैं कि व्हिच इज़ द बेस्ट गिल्ट
7:52
फंड्स जिसमें आपको अपना एसआईपी करना चाहिए
7:55
या लमसम इन्वेस्ट करना चाहिए ताकि आपको
7:58
मार्जिन भी प्रॉपर्ली मिले। देखिए कई बार
8:00
आपको गलत गिल्ट्स की वजह से मार्जिनस नहीं
8:02
मिलते। तो हेंस आप कोशिश कीजिए कि
8:05
एक्सचेंज अप्रूव्ड गिल्ट्स पर ही अपना जो
8:09
फंड है वो डिप्लॉय करें और उसके लिए आप
8:11
आईबीपीएम टीम से जरूर टच कर सकते हैं। वो
8:13
आपको पूरी सपोर्ट करेंगे प्लस आपको बेस्ट
8:16
ऑफ द बेस्ट गिल्ट्स में आपका फंड पार्क भी
8:19
करवा देंगे। अब समझते हैं डिफरेंस बिटवीन
8:21
गिल्ट एंड लिक्विड फंड्स। ये एक बहुत बड़ा
8:23
क्वेश्चन है। देखिए दोस्तों गिल्ड फंड्स
8:26
तो आपको समझ आ ही चुका है। नाउ लेट्स
8:28
अंडरस्टैंड लिक्विड फंड्स एंड बाय द एंड
8:29
ऑफ़ दिस एक्सप्लेनेशन आपको समझ आ जाएगा कि
8:31
व्हाई गिल्ड फंड्स आर बेटर देन लिक्विड
8:33
फंड्स। आप लिक्विड फंड्स को बहुत ज्यादा
8:36
फेवर करते हो। मैंने देखा है लेकिन गिल्ड
8:37
फंड्स आर मच बेटर। कैसे? लिक्विड फंड्स एक
8:40
ऐसा म्यूच्यूल फंड होता है जो इन्वेस्ट
8:41
करता है शॉर्ट टर्म इंस्ट्रूमेंट्स में।
8:42
शॉर्ट टर्म डेप्ट इंस्ट्रूमेंट्स में जैसे
8:44
कमर्शियल पेपर्स, बैंक सीडीस मैच्योरिटी
8:47
अप टू 91 डेज की होती है इनमें। ये एक
8:50
ओवरनाइट फंड की तरह ऑपरेट करते हैं। व्हिच
8:52
आर द लिक्विड फंड्स। इनमें रिसीव बैक कम
8:55
होता है। सीएजीआर अप्रोक्स 4 से 5 टके का
8:58
होता है। डिफॉल्ट के चांसेस कम होते हैं।
9:01
पर फिर भी होते हैं। फाइनल रिसीव बैक
9:05
कॉम्प्रोमाइज होता है। इसी वजह से डिफॉल्ट
9:07
होने की प्रोबेबिलिटी बनी रहती है। अब
9:09
क्यों बनी रहती है? एज़ लिक्विड फंड्स
9:10
यूज़ली इन्वेस्ट करते हैं शॉर्ट टर्म
9:12
कॉर्पोरेट डिबेंचर्स, बैंक पेपर्स। सो यस
9:16
चांसेस आर वेरी नेग्लिजिबल क्योंकि 90 डेज
9:18
का ड्रॉडाउन पीरियड होता है या यू नो आप
9:21
शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट्स में जा रहे हो
9:23
बट डिफॉल्ट के चांसेस एक्सिस्ट करते हैं।
9:25
इंटरेस्ट रेट प्रॉब्लम बड़ा रहता है
9:26
क्योंकि आप बहुत छोटे-छोटे टाइम फ्रेम के
9:28
लिए इन्वेस्ट कर रहे हो तो अगली बार
9:30
इन्वेस्ट करने जाते हैं तो भैया ब्याज
9:32
नहीं मिलता, सेम इंटरेस्ट नहीं मिलते तो
9:33
रीइ्वेस्टमेंट प्रॉब्लम भी बनी रहती है।
9:35
सेम कूपन नहीं मिलते। तो कई बार इसमें सेम
9:38
लेवल ऑफ इंटरेस्ट आप नहीं बना पाते। अब
9:41
समझते हैं व्हाई डस देयर इज अ वेरी लिटिल
9:43
वेरी वेरी लिटिल फ्लक्चुएशन इन द गिल्ट
9:46
फंड। अब कई लोग मुझसे ये पूछते हैं सर
9:48
क्या गिल्ट फंड प्राइसेस ऊपर नीचे होते
9:51
हैं गिल्ट फंड के? देखिए गिल्ट फंड एक
9:54
गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की सिक्योरिटी होती
9:57
है। इट्स अ फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट बेयरिंग
9:59
इंस्ट्रूमेंट। इसे समझिए आप। तो अब आप एक
10:02
बात बड़ी गौर से समझिए। यहां पर आपको ये
10:04
बात समझनी बहुत जरूरी है। मान लेते हैं
10:06
आपने एक बैंक [गला साफ़ करने की आवाज़]
10:07
एफडी में 60 टके पर अपना कोई फंड पार्क
10:12
किया। राइट? आपने ये फंड पार्क कर दिया।
10:14
अब एक साल बाद आपने अगर ₹100 लगाए थे तो
10:18
आपको 107 मिलेंगे ही मिलेंगे। बिकॉज़ दैट्स
10:21
अ फिक्स्ड इंटरेस्ट बेयरिंग इंस्ट्रूमेंट
10:27
अब हुआ क्या कि मीनवाइल ओपन मार्केट में
10:31
जो फिक्स्ड इंटरेस्ट बियरिंग
10:33
इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं दैट इज एफडीस,
10:35
बोंड्स, डिबेंचर्स इनका जो रेट है वो एट
10:42
हो गया बढ़ गया। तो आपकी जो एफडी हुई हुई
10:45
है वो 1 टके से कम की हुई हुई है। थोड़ा कम
10:49
तो इस समय आपका ये जो एफडी है ओपन मार्केट
10:53
में डिस्काउंट हो जाएगी। हालांकि एफडी बाय
10:56
सेल नहीं हो रही है। मैं सिर्फ आपको
10:58
एक्सप्लेनेशन दे रहा हूं। क्यों? क्योंकि
11:00
आपकी एफडी 60 टके पे हुई है और आज बाजार
11:03
का ओपन रेट 8 टके का है एफडी का। तो आपकी
11:07
एफडी जो अभी आपने करा रखी है वो हल्की सी
11:10
सस्ती हो जाएगी अगर आप इसे बेच पाते हैं।
11:12
क्यों? क्योंकि जो सामने वाला इसे खरीदने
11:15
जाएगा वो बोलेगा अरे भाई इस समय तो मैं
11:17
एफडी 8 टके पे करा सकता हूं। तुमने तो 60
11:19
टके पे करा रखी है। तो वो 1 टके का
11:21
डिफरेंस कौन पे करेगा? वो आपको पे करना
11:24
पड़ेगा। अगर मैं इसे एफडी की जगह समझिए
11:28
यहां एक गिल्ट लिख दूं। गिल्ट फंड राइट तो
11:32
गिल्ट फंड में यही होता है। आपने गिल्ट
11:35
इन्वेस्टमेंट किया एट 60 टका। 60 टके पे
11:38
आपने गिल्ट इन्वेस्टमेंट किया और अब गिल्ट
11:40
का ओपन मार्केट रेट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया
11:43
ने इंटरेस्ट इंक्रीस कर दिया तो 8 टके का
11:45
हो गया। तो जो 60 टके पे गिल्ट हुआ हुआ है
11:48
वो मार्केट में डिस्काउंट हो जाएगा। लेकिन
11:50
इसका मतलब क्या आपको एम टू एम आ गया या
11:54
गिल्ट गिर गया? नहीं क्योंकि ईयर एंड में
11:57
वो गिल्ट 107 होगा ही होगा। लेकिन इस समय
12:01
ओपन मार्केट में वो गिल्ट हल्का सा
12:04
डिस्काउंट ले जाएगा। यानी ओपन मार्केट में
12:07
वो गिल्ट 105 106 के आसपास ऑफर होने
12:10
लगेगा। क्योंकि इस एक टके का कंपनसेशन
12:15
आपको देना पड़ेगा। लेकिन ईयर एंड में तो
12:17
वो इतना होना ही होना है। अब आप इतनी बात
12:20
समझिए कि फिक्स्ड इंटरेस्ट बेयरिंग
12:22
इंस्ट्रूमेंट अपने कूपन डेट या अपने
12:24
मैच्योरिटी डेट के हिसाब से ही कूपन आपके
12:27
पास क्रेडिट करते हैं। तब तक ओपन मार्केट
12:30
में वो गिल्ट डिस्काउंट पे चला जाएगा। इसे
12:34
समझिए कि आपने ₹100 लगाए थे। अब आपने अगर
12:38
₹100 लगाए इसे समझिए इस बात को। वो एक साल
12:41
बाद आपके अकाउंट में 107 रिफ्लेक्ट होंगे।
12:45
राइट? क्योंकि आपने इसे 60 टके पे
12:48
इन्वेस्ट किया। अब बाजार का ओपन रेट हो
12:50
गया 8 टका। अब ये 1 साल बाद 107 होंगे। ये
12:55
₹100 अब कोई खरीदने जाएगा। अभी आपको ये ₹7
12:58
मिले नहीं है। तो ये ओपन मार्केट में एक
13:01
डिस्काउंट फैक्टर ले जाएगा और आपका यही
13:04
गिल्ट 99, 98 इस पे ट्रेड होने लगेगा। अगर
13:08
6 महीने गुजर चुके हैं तो यहां पर ₹3 का
13:11
इंटरेस्ट एक्रू हो जाएगा। तो ये ओपन
13:13
मार्केट में 103 या 104 का होना चाहिए। तो
13:16
डिस्काउंट लेकर ये 102 के आसपास ट्रेड
13:18
होने लगेगा क्योंकि 6 महीने का इंटरेस्ट
13:20
एक्रूव हो गया है। तो गिल्ट का जो कूपन
13:22
होता है वो एक्रूव होता रहता है। क्योंकि
13:25
जैसे-जैसे इंटरेस्ट या मैच्योरिटी पास आती
13:28
है एक्रू जो इंटरेस्ट होता है कूपन डेट
13:31
होती है वो पास आ जाती है और ग्रेजुअली
13:34
कूपन बढ़ता रहता है। तो गिल्ट्स डू नॉट
13:38
हैव एनी डिफॉल्ट चांसेस। लेकिन ब्याज तो
13:41
ब्याज की तरह ही मिलेगा ना। हल्का सा वो
13:44
ऊपर नीचे होता है और क्यों होता है? अब आप
13:46
अगली बात समझिए। ये इंटरेस्ट रेट कैसे
13:48
बदलता है? आप इसे बहुत क्लोजली फॉलो करते
13:50
हो लेकिन आप लोग समझते नहीं। आरबीआई का
13:53
रेपो और रिवर्स रेपो। यह हम बार-बार देखते
13:55
हैं। हम बाजार के लोग हैं। आरबीआई का रेपो
13:57
रेट, रिवर्स रेपो रेट हम रेगुलर चेक करते
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हैं। अगर आरबीआई अपना रेपो रेट, रिवर्स
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रेपो रेट घटा देती है तो जो फिक्स्ड
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इंटरेस्ट बेयरिंग इंस्ट्रूमेंट है वो
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डिस्काउंट हो जाते हैं। और अगर बढ़ा देती
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है तो वो बढ़ जाते हैं। जिसकी वजह से
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गिल्ट यानी फिक्स्ड इंटरेस्ट बेयरिंग
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सिक्योरिटीज में हल्का सा 25 बेसिस पॉइंट
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50 बेसिस पॉइंट का फ्लक्चुएशन रहता है।
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दैट इज़ 25 बेसिस पॉइंट का मतलब होता है,
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दैट इज़ 25 बेपी = 0.25 एंड 50 बीपीएस =
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सो, जो अपनी आरबीआई है वो अह 25 बेसिस
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पॉइंट और 50 बेसिस पॉइंट इसी फॉर्म में
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बात करती है। मैं अभी आपसे इसी फॉर्म में
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बात करना चाहता हूं कि व्हेन वी से 8 टका
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इट मींस 800 बीपीएस। 100 बीपीएस इक्वल टू
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एक टका। इस बात को समझिए। सो गिल्ट्स डू
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नॉट कैरी एनी डिफॉल्ट चांसेस। लेकिन
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फिक्स्ड यानी इंटरेस्ट रेट इंस्ट्रूमेंट्स
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में अगर चेंज आता है, फिक्स्ड इंटरेस्ट
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रेट बेयरिंग में रेट्स में चेंज आता है तो
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हल्का सा गिल्ट में चेंजेस आते हैं। दैट
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डज़ नॉट मीन दैट गिल्ट इज गोइंग इंटू अ
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रिस्क और लॉस। इस बात को समझिए। आई होप इट
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क्लेरिफाई। अब दोस्तों जब इतना समझ गए हो
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तो समझ गएगे कि गिल्ट आर मच बेटर
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इंस्ट्रूमेंट्स देन बैंक एफडी क्योंकि वो
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आपको मार्जिन फैसिलिटी भी देते हैं,
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लिक्विड फैसिलिटी भी देते हैं,
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डवर्सिफिकेशन फैसिलिटी भी देते हैं, हर
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फैसिलिटी देते हैं। तो आई बिलीव
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यू नो हाउ टू इन्वेस्ट। आपको मेरा काम था
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नॉलेज देना। उस नॉलेज को लेना ना लेना
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आपका काम है। सो आई कैन फाइनली से गिल्स
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आर अ परफेक्ट मिक्स ऑफ़ सेफ्टी, प्रोफेशनल
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मैनेजमेंट एंड लिक्विडिटी स्पेशली इफ यू
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वांट गवर्नमेंट बैक्ड पॉजिटिव फ्लोस एंड
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दे ऑफर टू पार्क योर रिजर्व्स विदाउट
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लॉकिंग योर फंड्स टिल मैच्योरिटी। होप
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आपको यह वीडियो अच्छा लगा हो और अगर आपको
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इस पर फर्दर गाइडेंस चाहिए तो आपको पता है
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कहां आना है द वंस इन अ मंथ फ्री आईबीबीएम
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बाय वेबिनार होपफुली जिसने भी इस वीडियो
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को देखा सराह शेयर किया उसे मैं इस
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वेबिनार में जरूर देखूंगा वि दिस थैंक यू
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सो मच एंडिंग माय वीडियो योर होस्ट